श्यामसुंदर दास की रचना का ट्रिक
एक बार श्यामसुंदर दास के गांव में हिंदी भाषा का विकास तथा कवियों की खोज के लिए साहित्य लोचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था भारतेंदु हरिश्चंद्र तथा गोस्वामी तुलसीदास को बुलाया गया लेकिन भारतेंदु हरिश्चंद्र भारतेंदु नाटक वली लिखने में व्यस्त थे तो वह नहीं आई तुलसीदास आये उन्होंने कहा कि जो मेरी कहानी में रूपक रहस्य तथा भाषा रहस्य निकाल लेगा वह मेरे छत्र प्रकाश में हिंदी पत्र लेखन, हिंदी ग्रामर, हिंदी निबंधमाला, हिंदी शब्द सागर ,हिंदी वैज्ञानिक कोश, का निर्माण कराऊंगा तभी वहां नींति शिक्षा के जानकार वनिता विनोद ने गंद कुसमावली तथा नासिकेतोपाख्यान से उत्तर खोज लिया और उन्होंने हिंदी कोविन्द रत्नमाला का निर्माण किया और उन्हें हिंदी साहित्य निर्माता कहा जाने लगा
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें