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23/12/20

गणित दिवस”

 22 दिसंबर 

“आई गणित दिवस”
“यह दिवस दुनिया के महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जन्मदिवस को समर्पित है।“

उद्देश्य: 
• भारत के सभी भूतपूर्व महान गणितज्ञों के योगदानों को याद करते हुए लोगों को गणित के महत्व के प्रति जागरूक करना।    
घोषित :
• 22 दिसंबर 2012, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा। 
• वर्ष 2012 को राष्ट्रीय गणित वर्ष के रूप में भी मनाया गया।
श्रीनिवास रामानुजन (22 दिसंबर 1887- 26 अप्रैल 1920) :
• पूरा नाम - श्रीनिवास अयंगर रामानुजन 
• जन्म - ईरोड गांव, कोयंबटूर (तमिलनाडु) 
शिक्षा :
• गणित की कोई औपचारिक शिक्षा प्राप्त न करके भी 12 साल की उम्र में ट्रिगनोमेट्री में ज्ञान प्राप्त कर अपने विचारों को विकसित किया। 
• 15 साल की उम्र में शुद्ध एवं अप्लाइड गणित में “जॉर्ज शोब्रिज कैर” के सिनोप्सिस ऑफ एलिमेंटरी रिजल्ट की कॉपी प्राप्त की। 
• ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज (कला स्नातक, 1916) 
सम्मान :
• प्रथम भारतीय स्कॉलर - ट्रिनिटी कॉलेज (कैम्ब्रिज) 
• सबसे कम उम्र में रॉयल सोसाइटी फैलोशिप प्राप्त भारतीय। 
• रामानुजन की तुलना महान गणितज्ञों यूलर और जैकोबी से की जाती थी।
रामानुजन के सलाहकार व प्रेरणास्रोत : प्रो. जी.एच.हार्डी और प्रो. जे.ई. लिटिलवुड (ब्रिटिश गणितज्ञ) तथा जॉर्ज शोब्रिज कैर।
गणित के क्षेत्र में कार्य व योगदान :
• 1911 में जर्नल ऑफ़ द इंडियन मैथमैटिकल सोसाइटी में प्रकाशित हुए उनके शोधपत्र में उनके योगदानों का उल्लेख मिलता है।
• रामानुजन ने डिवर्जेंट सीरीज़ के अपने सिद्धांत की खोज के साथ, रीमैन श्रृंखला, अण्डाकार इंटीग्रल, हाइपर ज्यामितीय श्रृंखला और जेटा फ़ंक्शन के कार्यात्मक समीकरणों पर भी काम किया।  
• स्वतंत्र रूप से लगभग 3,900 गणितीय परिणामों की पहचान और समीकरण संकलित किए।
• रामानुजन प्राइम, द रामानुजन थीटा फ़ंक्शन, विभाजन सूत्र और मॉक थीटा फ़ंक्शंस, ने गणितीय दुनिया को नयी दिशा देने के साथ ही आगे की शोध हेतु विद्वानों को प्रेरित किया। 
बायोग्राफी : 
• “द मेन हू इन्फिनिटी”
NASI (द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस, इंडिया)
• यह इलाहाबाद स्थित विज्ञान अकादमी है जो प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय गणित दिवस मनाने के लिए कार्यशाला आयोजित करती है।

उस विटामिन का नाम बताओ जो किसी भी मांसाहारी जीव में नहीं पाया जाता है?

 उस विटामिन  का नाम बताओ जो किसी भी मांसाहारी जीव में नहीं पाया जाता है? 

विटामिन ए 

विटामिन बी 

विटामिन सी✓

 विटामिन डी

20/12/20

G 20 सम्मेलन- Hindi sammelan 2021 2022

 


कितने 0 होगा


 10*20*30*40*50*60*70*80

मैं 8 जीरो होगा उसके बाद1 और होगा कुल मिलाकर 9 होगा

लानक दर्रा कहां स्थित है


 

सर्वनाम कितने प्रकार के होते हैं


 

किस राज्य में सबसे बड़ा जनजातिय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का निर्माण किया गया है


 

महाभारत युद्ध कितने दिन चला था


 

08/12/20

किसान बिल की विवेचना कीजिए200 शब्दों में

 चर्चा में क्यों है-

हाल ही में संसद से पारित 3 कृषि बिल लाया गया जिसका विरोध पंजाब हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश के किसान कर रहे हैं सरकार इन विधेयक को अच्छा बता रही है जबकि किसान तथा विपक्ष इसका विरोध कर रही है इस विधेयक को किसान विरोधी विधेयक बताया जा रहा है 8 दिसंबर को किसानों ने तथा विपक्षी पार्टियों ने भारत बंद की घोषणा की है
एनडीए सरकार की सहयोगी पार्टी अकाली दल के नेता हरसिमरत कौर ने अपने  पद से इस्तीफा दे दिया 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने का लक्ष्य रखा है फिर भी इस बिल का विरोध क्यों हो रहा है आइए जानते हैं

कृषि बिल-तीन बिल पारित हुए हैं

1 कृषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार विधेयक 2020-

इस बिल से किसानों को मंडी के बाहर फसल बेचने की आजादी होगी तथा दूसरे राज्यों में वह अपनी फसल भेज सकते हैं एपीएमसी के दायरे में फसल बेचने पर उन्हें टैक्स नहीं लगेगा एपीएमसी वह मंडी बाजार है जहां किसान अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकता है मंडी का संचालन राज सरकार कहती है किसी भी विवाद पर डीएम स्तर के अधिकारी  या उनके द्वारा नियुक्त अधिकारी ही हल करेंगे

2-आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा विधयेक 2020-

इस बिल से देशभर में कहीं भी कांट्रैक्ट फार्मिंग की जा सकती है इसके माध्यम से कंपनी( या किसी से)तथा किसानों के मध्य फसल उत्पादन के लिए एक समझौता होगा जिससे किसान फसल उगा एगा और कंपनी उसे खरीदेगी जिसका  मूल्य निर्धारण पहले ही करके समझौता हो जाएगा

3-आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक 2020-

इस विधेयक में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन किया गया है इसमें यह कहा गया था कि आप आवश्यक वस्तु को एक लिमिट से ज्यादा सुरक्षित नहीं रख सकते हैं अगर आप ऐसा कहते हैं तो आपके ऊपर दण्डनीय कार्रवाई होगी लेकिन 2020 के इस बिल में स्टॉक लिमिट कि सीमा हटा दी गई है से आप कितना भी स्टॉक सकते हैं केवल युद्ध और आपात के समय सरकार इस पर कार्रवाई करेगी इस पर सरकार का कम हस्तक्षेप होगा

विवाद क्यों-

1- पहला विवाद एमएसपी के लिए है क्योंकि इस बिल में कहीं भी एमएसपी का उल्लेख नहीं किया गया है जिससे किसानों को भ्रम है की सरकार एमएसपी को खत्म कर देगी
2-किसी भी विवाद के लिए एसडीएम स्तर के अधिकारी के पास ही जा सकते हैं अगर निपटारा ना हो तो आप सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट मे जाने का कोई पावध्यान नहीं है
3- एमएसपी निश्चित होने पर किसान को अगर मंडी में लाभ होता है तो वह मंडी में  बेच देता है अगर मंडी में दाम कम है तो वह एमएसपी के थ्रू बेचता है लेकिन अगर वह कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कर लेगा तो उसे एक निश्चित मूल मिलेगा चाहे फसल का दाम कम हो या ज्यादा
4-आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक 2020 में स्टॉक लिमिट को हटा दिया गया है जिससे छोटे किसान अपनी फसल उपज करने के बाद उसे ज्यादा दिन तक सुरक्षित नहीं रख सकते हैं वह उसे बड़े व्यापारियों को बेच देंगे जिससे बड़े व्यापारी उसका स्टोरेज करके मन मुताबिक वस्तु का दाम निर्धारण करेंगे इस बिल से छोटे किसानों को नहीं होगा क्योंकि उनके पास रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज नहीं है

निष्कर्ष-इस बिल मैं अभी भी बहुत से संशोधन की आवश्यकता है पूरी तरह  यह बिल खराब नहीं है अतः सरकार से इच्छा है जल्दी ही इस विवाद को खत्म किया जाए

आप अपना कमेंट दे सकते हैं आपका स्वागत है

केदारनाथ वन्य अभ्यारण जाना जाता है?

 केदारनाथ वन्य अभ्यारण  जाना जाता है?

1-हाथी

 2-पक्षी

3- कस्तूरी मृग 

4-बाघ

उत्तर कस्तूरी मृग

व्याख्या-यह उत्तराखंड राज्य के जनपद चमोली तथा रुद्रप्रयाग में 957 वर्ग किलोमीटर फेला है इसकी स्थापना 1972 में की गई थी यहां मुख्यता कस्तूरी मृग तथा भालू आदि पाए जाते हैं

बाबार द्वारा लड़े गए युद्ध


 

06/12/20

स्थाई बंदोबस्त एक साहसी और बुद्धिमत्ता पूर्ण कदम था टिप्पणी कीजिए?


भूमिका-भारत मेंं अंग्रेजों को सामुदायिक विस्तार के लिए धन की आवश्यकता थी जिसको पाने के लिए कार्नवालिस ने स्थाई बंदोबस्त की शुरुआत की जिससे अधिकतम भू राजस्वव प्राप्त की जा सके साहसी-पहली बार संपत्ति अधिक अधिकारों को स्पष्ट करते हुए जमीदारों और बिचौलियों को भू स्वामी बना दिया गया जिससे किसान केवल अनाज उगा सकते थे वह सिर्फ मजदूर थे बुद्धिमत्तापूर्ण- 1-इससे अंग्रेजों को स्थाई आय की प्राप्ति होने लगी 2-अंग्रेजों को प्रशासनिक कठिनाइयों से मुक्ति प्राप्त हुई 3-किसानों का जमीदार के प्रति आक्रोश बढा इसका फायदा अंग्रेजों को मिला निष्कर्ष-अतः हम कर सकते हैं अंग्रेजों की दृष्टि से यह एक साहसी कदम तथा बुद्धिमत्ता पूर्ण कदम था x

05/12/20

विश्व एड्स दिवस 1 दिसंबर


 

अंतर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस 3 दिसंबर


 


 


 


 


 


 

हाल ही में किस देश के प्रधानमंत्री को 26 जनवरी 2021 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर आमंत्रित किया गया है?


 

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स (GTI) 2020 में भारत को किस स्थान पर रखा गया है?


 

भारत का पहला रमन मैगसेसे पुरस्कार ?


 

नौसेना दिवस 4 दिसंबर


 

विश्व मृदा दिवस


 

03/12/20

भोपाल गैस त्रासदी

 भोपाल गैस त्रासदी

भोपाल गैस त्रासदी : 2 से 3 दिसम्बर की रात वर्ष 1984 में घटित ह्रदय विदारक घटना।
कहाँ : भोपाल, मध्यप्रदेश। 
ज़िम्मेदार : यूनियन कार्बाइड नामक कम्पनी। 
तत्कालीन कम्पनी अध्यक्ष : वॉरेन एंडरसन।
कारण :
• कीटनाशक बनाने में इस्तेमाल होने वाली मिथाइल आइसोसाइनाइट (MIC) गैस का रिसाव।
लापरवाही :
• MIC गैस को कूलिंग लेवल पर रखने वाले फ्रीलिंग प्लांट को विद्युत बिल कम करने की मंशा से बंद करके रखना।
• गैस टैंक में मानक स्तर से अधिक MIC गैस का भराव।
• तकनीकी कारणों की अनदेखी। 
हानि :
• 3700 से अधिक की जनहानि (सरकारी आंकड़े अनुसार) जबकि माना जाता है 72 घंटो में इस रिसाव के कारण यह आंकड़ा 25,000 से अधिक हैं।
• 2006 में MP सरकार द्वारा दाख़िल शपथ पत्र के अनुसार 5,58,125 लोग सीधे तौर पर जबकि 38,478 आंशिक व 3950 लोग बुरी तरह प्रभावित हुए।
• भोपाल अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (1993) : इसका कार्य घटना के पर्यावरण व मानव समुदाय पर पड़ने वाले दीर्घकालीन प्रभाव का आंकलन करना था।
• इस त्रासदी के 36 वर्षो बाद साल 2020 में भारत की सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका स्थित यूनियन कार्बाइड कॉरपोरेशन (यूसीसी) की उत्तराधिकारी फर्मों से पीड़ितों के लिए बतौर मुआवजा अतिरिक्त धनराशि (7,844 करोड़ रुपये) के लिए दायर याचिका पर सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ गठित की हैं।