सीधे जज बनने वाली देश की महिला-
*********** *26 अप्रैल 2018* ************ वरिष्ठ अधिवक्ता इंदु मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट में सीधे जज बनने वाली देश की पहली महिला वकील होंगी.
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने लगभग तीन महीने पहले उनका नाम सुप्रीम कोर्ट जज के लिए भेजा था. केंद्र सरकार ने कॉलेजियम की सिफारिश मान ली है.
*वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में जज:* इस समय सुप्रीम कोर्ट में 24 जज हैं जिनमें सिर्फ एक ही महिला जज जस्टिस आर भानुमति हैं. इंदु के पदभार संभालने के बाद से वो दूसरी महिला जज होंगी.
सुप्रीम कोर्ट में अब तक की महिला जज: * *फातिमा बीबी:* सुप्रीम कोर्ट का गठन वर्ष 1950 में हुआ लेकिन वर्ष 1989 में अर्थात् 39 वर्ष बाद एम. फातिमा बीबी सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश नियुक्त हुईं.
फातिमा बीबी केरल हाईकोर्ट से सेवानिवृत होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश नियुक्त हुईं थी. वे 29 अप्रैल 1992 को सुप्रीम कोर्ट से सेवानिवृत हुईं. बाद में वे तमिलनाडु की राज्यपाल भी नियुक्त हुईं.
*सुजाता वी मनोहर:* सुप्रीम कोर्ट में दूसरी महिला न्यायाधीश सुजाता वी मनोहर रहीं. सुजाता वी मनोहर सुप्रीम कोर्ट में 8 नवंबर 1994 से 27 अगस्त 1999 तक न्यायाधीश रहीं. उनकी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई में हुई. तत्पश्चात एल्फिंस्टन कॉलेज, मुंबई से स्नातक करने के बाद लेडी मार्गरेट हॉल, ऑक्सफोर्ड, ब्रिटेन चली गईं जहां उन्होने दर्शन शास्त्र, राजनीति शस्त्र और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की.
* *रूमा पाल:* इसके बाद जस्टिस रूमा पाल सुप्रीम कोर्ट की महिला न्यायाधीश बनीं. वे 28 जनवरी 2000 से लेकर 2 जून 2006 तक सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश रहीं. रूमा पाल ने विश्व-भारती विश्वविद्यालय से स्नातक, नागपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी तथा ऑक्सफोर्ड से बैचलर ऑफसिविल लॉ की उपाधि लेने के बाद, वर्ष 1948 में कोलकाता उच्च न्यायालय में वकालत आरंभ किया.
* *ज्ञान सुधा मिश्रा:* झारखंड हाईकोर्ट की तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा 30 अप्रैल 2010 को सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश नियुक्त हुईं तथा 27 अप्रैल 2014 को सेवानिवृत हुईं. वे झारखण्ड उच्च न्यायालय की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकी हैं. उनके पिता न्यायमूर्ति सतीश चन्द्र मिश्र पटना उच्च न्यायालय के एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश थे.
* *रंजना प्रकाश देसाई:* इसी दौरान जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश बनीं. जस्टिस देसाई 13 सितंबर 2011 से लेकर 29 अक्टूबर 2014 तक सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश रहीं. वे वर्ष 1970 में एल्फिंस्टन कॉलेज मुंबई से कला में स्नातक और वर्ष 1973 में गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई से कानून में स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की. वे 30 जुलाई 1973 को कानूनी पेशे में शामिल हो गयी. उन्हें वर्ष 1979 में सरकारी अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किया गया था.
* *आर भानुमति:* इसके बाद 13 अगस्त 2014 को जस्टिस आर भानुमति सुप्रीम कोर्ट की महिला न्यायाधीश नियुक्त हुईं. उनकी सेवानिवृति 19 जुलाई 2020 को होगी. जस्टिस आर भानुमति ने 16 नवंबर 2013 को झारखंड हाइकोर्ट की चीफ जस्टिस के रूप मे शपथ ली थी. चीफ जस्टिस आर भानुमति का जन्म 20 जुलाई 1955 को हुआ था. उन्होंने वर्ष 1981 में प्रैक्टिस शुरू की. आर भानुमति को 03 अप्रैल 2003 को मद्रास हाइकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था. ** *एस जयशंकर ने टाटा समूह में बतौर ग्लोबल ऑफिसर ज्वाइन किया* * *इंदु मल्होत्रा:* 01. इंदु मल्होत्रा का जन्म वर्ष 1956 में बेंगलुरु में हुआ था. 02. इनके पिता का नाम ओम प्राकाश मल्होत्रा है और वो भी सुप्रीम कोर्ट में वकील थे. 03. इंदु मल्होत्रा की शुरुआती पढ़ाई कॉर्मल कॉन्वेंट स्कूल से की है. 04. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रैजुएशन और फिर मास्टर डिग्री हासिल की है. वे साल 1983 से ये प्रैक्टिस में हैं. वो कई अहम फैसलों में जजों की पीठ में रही हैं. 05. लॉ करने से पहले इंदु मल्होत्रा ने कुछ दिनों तक मिरांडा हाउस और विवेकानंद कॉलेज में अध्यापन का भी काम किया है. 06. इंदु मल्होत्रा ने पांच साल के अंदर ही सुप्रीम कोर्ट में वकालत करने के लिए होने वाली परीक्षा में पहला स्थान हासिल किया था. 07. 26 नवंबर 1988 को इंदु मल्होत्रा को मुकेश गोस्वामी मेमोरियल अवॉर्ड से नवाजा भी जा चुका है.
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