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03/08/21

प्रश्न-कोरोना काल में बच्चों की शिक्षा जिस प्रकार से प्रभावित हुई है वह देश के विकास को किस तरह प्रभावित करेगा ?विवेचना कीजिए 

प्रश्न- मूल अधिकार से आप क्या समझते हैं? भारत देश में लोगों के विकास के लिए मूल अधिकार किस प्रकार से उपयोगी है? विवेचना कीजिए 

11/07/21

विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का उद्देश्य क्या है?जनसंख्या नियंत्रण कानून भारत के लिए आवश्यक क्यों है ?

विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का उद्देश्य क्या है?जनसंख्या नियंत्रण कानून भारत के लिए आवश्यक क्यों है ?

जनसंख्या दिवस-जनसंख्या दिवस 11 जुलाई को मनाया जाता है इसे पहली बार 1989 में मनाया गया था

उद्देश-विश्व में बढ़ रही जनसंख्या को नियंत्रित करना जिससे सभी को मूलभूत आवश्यकता पूरी की जा  सके

जनसंख्या कानून भारत के लिए आवश्यक -भारत का क्षेत्रफल विश्व के क्षेत्रफल का 2.4 % स्थित है जिस पर 17% निवास करती है भारत देश संसाधन से भरपूर होने के बावजूद भी जनसंख्या के कारण सभी को मूलभूत अधिकार  नहीं मिल पा रहा है भारत में प्रत्येक मिनट 51 बच्चे जन्म लेते हैं 1 जनवरी 2020 को भारत में 67385 जबकि चीन में 46299 बच्चे जन्म लिए। संयुक्त परिषद ने कहा कि 2024 तक भारत की जनसंख्या विश्व में पहले स्थान पर आ जाएगी जोकि अब तक दूसरे स्थान पर है कोरोना के दौरान हमने देखा कि सरकार को स्वास्थ्य सुविधाओं को पूरा करने में किस प्रकार से दिक्कत हुई 42 संविधान संशोधन 1976 जनसंख्या नियम कानून समवर्ती सूची का विषय है जिसे केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार उस पर कानून बना सकती है जनसंख्या नियंत्रण कानून को लागू करने से कुछ हद तक जनसंख्या विस्फोट को रोका जा सकता है जिससे गरीबी उन्मूलन स्वास्थ्य सुविधाएं शिक्षा, बेरोजगारी संबंधित चुनौतियों को दूर किया जा सकता है जिससे भी भारत विकास हो सके और वह भी विकसित देशों में शामिल हो सके




09/07/21

ग्रीन हाउस प्रभाव पर निबंध

 हरितगृह या ग्रीनहाउस (ग्लासहाउस भी कहा जाता है) एक इमारत है, जहां छोटे पौधे उगाये जाते हैं।  इसमें सूर्य की रोशनी ग्लास हाउस के अंदर चली आती है तथा पृथ्वी के तापमान को गर्म करते हैं जिससे पृथ्वी का तापमान गर्म हो जाता है और ग्लास हाउस के अंदर का तापमान पृथ्वी के दौरा छोड़े गए विकरण के द्वारा  गर्म हो जााता है जिससे ग्रीन हाउस के अंदर तापमान वृद्धि हो जाती है जिससे फसल उगाया जा सकता हैै यह उस प्रदेश में लगाया जाताा है यहां का तापमान निम्न  हों जैसे -रूस

वैसे तो देखा जाए ग्रीन हाउस प्रभाव हमारे लिए लाभदायक है क्योंकि इससे पृथ्वी का तापमान बना रहता है

ग्रीन हाउस प्रभाव-


ग्रीनहाउस प्रभाव या हरितगृह प्रभाव (greenhouse effect) एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसके द्वारा किसी ग्रह या उपग्रह के वातावरण में मौजूद कुछ गैसें वातावरण के तापमान को अपेक्षाकृत अधिक बनाने में मदद करतीं हैं। 




पूरे विश्व के औसत तापमान में लगातार वृद्धि दर्ज की गयी है। ऐसा माना जा रहा है कि मानव द्वारा उत्पादित अतिरिक्त ग्रीनहाउस गैसों के कारण ऐसा हो रहा है। इसके अलावा यह भी कहा जा रहा है कि यदि वृक्षों का बचाना है तो इन गैसों पर नियंत्रण करना होगा क्योंकि सूरज तीव्र रौशनी और वातावरण में ऑक्सीजन की कमी से पहले ही वृक्षों के बने रहने की सम्भावनाएँ कम होंगी।

ग्रीन हाउस गैस-कार्बन डाइऑक्साइड नाइट्रस ऑक्साइड मेथेन जलवाष्प

होने वाली परेशानी-जिस तरह पृथ्वी का तापमान बढ़ रहा है उससे ग्लेशियर की मात्रा दिन प्रतिदिन पिघल रहा है जिससे समुद्र में पानी की मात्रा बढ़ रही है जिससे समुद्र के पास शहद डूबने की चांस बढ़ गए हैं बहुत से ऐसे जीव है जोकि कम तापमान पर ही जीवित रह सकते हैं वह भी ग्रीन हाउस प्रभाव के कारण समाप्त हो रहे हैं जैसे गौरैया डायनासोर आदि

ग्रीन हाउस प्रभाव के कारण बरसात का सही समय बिगड़ गया है जिससे बहुत कम मात्रा में बरसात होती है

जीवाश्म ईंधन के दहन, कृषि, वनोन्मूल और अन्य मानवीय गतिविधियों जैसे कार्यो द्वारा उत्सर्जित ग्रीन हाउस गैसें ही पिछले कुछ दशक में ग्लोबल वार्मिंग के बढ़ती समस्या का मुख्य कारण है। इसी कारण से ही बर्फ की चादरे और ग्लेशियर पिघलते जा रहे है, जिसके कारणवश महासागर के स्तर में वृद्धि हुई है। गर्म जलवायु के वजह से वर्षा और वाष्पीकरण की घटनाओं में बढ़ोत्तरी होती है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण मौसम की स्थिति भी बदल गयी है, जिससे कुछ स्थान गर्म और कुछ स्थान नम होते जा रहे है।


इन कारणो से सूखा, बांढ़ और तूफान जैसी कई प्राकृतिक आपदाएं उत्पन्न होती है। जलवायु परिवर्तन प्रकृति और मानव जीवन को काफी बुरे तरीके से प्रभावित करता है और यदि ग्रीन हाउस गैसो का उत्सर्जन इसी प्रकार से बढ़ता रहा तो भविष्य में इसके परिणाम और ज्यादे भयावह होंगे। तटीय क्षेत्रो में ग्लोबल वार्मिंग के परिणाम और भी ज्यादे विनाशकारी होंगे। जब बढ़ते तापमान के कारण ध्रुवी क्षेत्र पिघलने लगेंगे तब इससे समुद्र स्तर में भीषण वृद्धि हो जायेगी जिसके कारण तटीय क्षेत्र डूब जायेंगे।


निष्कर्ष


इस संसार में ऐसा कोई देश नही है जो ग्लोबल वार्मिंग के इस भीषण समस्या से प्रभावित ना हुआ हो। ग्रीन हाउस गैसो के उत्सर्जन के मात्रा में कमी लाकर ही ग्लोबल वार्मिंग जैसे इस भीषण समस्या को रोका जा सकता है। इसके लिए सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओ द्वारा वायुमंडल में ग्रीन हाउस गैसो के उत्सर्जन को रोकने के लिए सामूहिक रुप से कड़े फैसले लेने की आवश्यकता है। इसके लिए हमें नवकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और वनोन्मूलन की जगह और ज्यादे मात्रा में वृक्षारोपण करने की आवश्यकता है

14/06/21

स्वराज पार्टी


Jai Hind

पृष्ठभूमि-5 फरवरी 1922 को चोरा चोरी कांड के बाद असहयोग आंदोलन स्थगित कर दिया गया जिससे असहयोग आंदोलन का लक्ष्य स्वतंत्रता प्राप्ति अधूरा रह गया 1922 के कांग्रेस के गया अधिवेशन में सी आर दास अध्यक्ष पद थे उन्होंने कांग्रेस को चुनाव मैं भाग लेने का प्रस्ताव रखा जिसे कांग्रेस कमेटी ने अस्वीकार कर दिया जिससे चितरंजन  दास और मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस पद से इस्तीफा दे दिया और मार्च 1923 में स्वराज पार्टी की स्थापना की

उद्देश्य-केंद्रीय सभा में जीतकर तथा राज विधानसभा में जीत कर स्वराज के लक्ष्य को प्राप्त करना यह आगे चलकर केंद्रीय सभा में 42 सीट जीता इसमें कुल संख्या 101 थी बंगाल में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी यूपी में भी अच्छा प्रदर्शन किया 1925 में विट्ठल भाई पटेल  को केंद्रीय सभा का अध्यक्ष बनाया गया यह बहुत बड़ी उपलब्धि थी इस तरह वह पार्टी स्वराज के लिए आगे बढ़ी

स्वराज पार्टी के पतन का कारण-स्वराज पार्टी कुछ समय बाद अपने मूल्य लक्ष्य से हट गई तथा चितरंजन दास का देहांत 1925 में हो गया और उसके बाद साइमन कमीशन आ गया जिससे सभी का ध्यान साइमन कमीशन पर चला गया


04/05/21

अध्यादेश क्या होता है अध्यादेश का प्रयोग सत्ताधारी पार्टी किस प्रकार से करती है


 अध्यादेश-अध्यक्ष का आदेश

 हमारे देश में कोई कानून बनाने के लिए सर्वप्रथम  विधेयक लाया जाता है इसे हम लोकसभा और राज्यसभा में लाया जाता है यदि यह लोकसभा और राज्यसभा से पास हो जाता है तो राष्ट्रपति इस पर हस्ताक्षर कर दे तो वह कानून बन जाता है

अध्यादेश-भारत के संविधान में आर्टिकल 123 के तहत राष्ट्रपति जो है अध्यादेश जारी कर सकता है लेकिन वह यह तब जारी कर सकता है जब संसद का सत्र नहीं चल रहा हो अध्यादेश जारी होने पर वह कानून के रूप में 6 महीने तक रहेगा क्योंकि 6 महीने के अंदर संसद का सत्र चलाना जरूरी है और अध्यादेश को 6 सप्ताह के अंदर उसे दोनों सदनों से पास कराना जरूरी है नहीं तो वह कानून अपने आप समाप्त हो जाएगा

चर्चा में क्यों-

करोना महामारी के दौरान संसद सत्र न चलने के कारण बहुत से कानून राष्ट्रपति के अध्यादेश से पास कराया गया

किसान बिल अध्यादेश के माध्यम से ही पारित किया गया है




08/12/20

किसान बिल की विवेचना कीजिए200 शब्दों में

 चर्चा में क्यों है-

हाल ही में संसद से पारित 3 कृषि बिल लाया गया जिसका विरोध पंजाब हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश के किसान कर रहे हैं सरकार इन विधेयक को अच्छा बता रही है जबकि किसान तथा विपक्ष इसका विरोध कर रही है इस विधेयक को किसान विरोधी विधेयक बताया जा रहा है 8 दिसंबर को किसानों ने तथा विपक्षी पार्टियों ने भारत बंद की घोषणा की है
एनडीए सरकार की सहयोगी पार्टी अकाली दल के नेता हरसिमरत कौर ने अपने  पद से इस्तीफा दे दिया 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने का लक्ष्य रखा है फिर भी इस बिल का विरोध क्यों हो रहा है आइए जानते हैं

कृषि बिल-तीन बिल पारित हुए हैं

1 कृषि उपज वाणिज्य एवं व्यापार विधेयक 2020-

इस बिल से किसानों को मंडी के बाहर फसल बेचने की आजादी होगी तथा दूसरे राज्यों में वह अपनी फसल भेज सकते हैं एपीएमसी के दायरे में फसल बेचने पर उन्हें टैक्स नहीं लगेगा एपीएमसी वह मंडी बाजार है जहां किसान अपनी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकता है मंडी का संचालन राज सरकार कहती है किसी भी विवाद पर डीएम स्तर के अधिकारी  या उनके द्वारा नियुक्त अधिकारी ही हल करेंगे

2-आश्वासन पर किसान (बंदोबस्ती और सुरक्षा) समझौता और कृषि सेवा विधयेक 2020-

इस बिल से देशभर में कहीं भी कांट्रैक्ट फार्मिंग की जा सकती है इसके माध्यम से कंपनी( या किसी से)तथा किसानों के मध्य फसल उत्पादन के लिए एक समझौता होगा जिससे किसान फसल उगा एगा और कंपनी उसे खरीदेगी जिसका  मूल्य निर्धारण पहले ही करके समझौता हो जाएगा

3-आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक 2020-

इस विधेयक में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में संशोधन किया गया है इसमें यह कहा गया था कि आप आवश्यक वस्तु को एक लिमिट से ज्यादा सुरक्षित नहीं रख सकते हैं अगर आप ऐसा कहते हैं तो आपके ऊपर दण्डनीय कार्रवाई होगी लेकिन 2020 के इस बिल में स्टॉक लिमिट कि सीमा हटा दी गई है से आप कितना भी स्टॉक सकते हैं केवल युद्ध और आपात के समय सरकार इस पर कार्रवाई करेगी इस पर सरकार का कम हस्तक्षेप होगा

विवाद क्यों-

1- पहला विवाद एमएसपी के लिए है क्योंकि इस बिल में कहीं भी एमएसपी का उल्लेख नहीं किया गया है जिससे किसानों को भ्रम है की सरकार एमएसपी को खत्म कर देगी
2-किसी भी विवाद के लिए एसडीएम स्तर के अधिकारी के पास ही जा सकते हैं अगर निपटारा ना हो तो आप सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट मे जाने का कोई पावध्यान नहीं है
3- एमएसपी निश्चित होने पर किसान को अगर मंडी में लाभ होता है तो वह मंडी में  बेच देता है अगर मंडी में दाम कम है तो वह एमएसपी के थ्रू बेचता है लेकिन अगर वह कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कर लेगा तो उसे एक निश्चित मूल मिलेगा चाहे फसल का दाम कम हो या ज्यादा
4-आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक 2020 में स्टॉक लिमिट को हटा दिया गया है जिससे छोटे किसान अपनी फसल उपज करने के बाद उसे ज्यादा दिन तक सुरक्षित नहीं रख सकते हैं वह उसे बड़े व्यापारियों को बेच देंगे जिससे बड़े व्यापारी उसका स्टोरेज करके मन मुताबिक वस्तु का दाम निर्धारण करेंगे इस बिल से छोटे किसानों को नहीं होगा क्योंकि उनके पास रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज नहीं है

निष्कर्ष-इस बिल मैं अभी भी बहुत से संशोधन की आवश्यकता है पूरी तरह  यह बिल खराब नहीं है अतः सरकार से इच्छा है जल्दी ही इस विवाद को खत्म किया जाए

आप अपना कमेंट दे सकते हैं आपका स्वागत है