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23/06/24

*✍️विभिन्न कारकों से उत्पन्न रोग (Diseases caused by various factors)*

*✍️विभिन्न कारकों से उत्पन्न रोग (Diseases caused by various factors)*

*वायरस (Viruses):* 
- चेचक (Smallpox), रेबीज (Rabies), जुकाम (Common Cold), पोलियो (Polio)
- इन्फ्लुएंजा (Influenza), खसरा (Measles), हरपीज (Herpes), डेंगू बुखार (Dengue Fever)
- मेनिन्जाइटिस (Meningitis), इबोला (Ebola), एड्स (AIDS)
- चिकनगुनिया (Chikungunya), कंजक्टिवाइटिस (Conjunctivitis)

*बैक्टीरिया (Bacteria):*
- टिटनेस (Tetanus), प्लेग (Plague), हैजा (Cholera)
- क्षय रोग (Tuberculosis), टायफॉइड (Typhoid), तपेदिक (Tuberculosis)
- डिप्थीरिया (Diphtheria), गोनोरिया (Gonorrhea)
- काली खांसी (Whooping Cough), निमोनिया (Pneumonia)
- कुष्ठ रोग (Leprosy)

*प्रोटोजोआ (Protozoa):*
- मलेरिया (Malaria), पायरिया (Pyorrhea)
- सोने की बीमारी (Sleeping Sickness)
- पेचिस (Dysentery), कालाज़ार (Kala-azar)

*फफूंदी (Fungi):*
- गंजापन (Baldness), एथलीट फुट (Athlete's Foot)
- दमा (Asthma), खाज (Scabies), दाद (Ringworm)

*💁विभिन्न रोगों से प्रभावित होने वाले अंग (Organs affected by various diseases)*

*फेफड़ा (Lungs):*
- निमोनिया (Pneumonia), ट्यूबरकुलोसिस (Tuberculosis), ब्रोंकाइटिस (Bronchitis)
- कुकुर खांसी (Whooping Cough), तपेदिक (Tuberculosis)

*आंत (Intestines):*
- हैजा (Cholera), टायफॉइड (Typhoid), पेचिस (Dysentery)
- डायरिया (Diarrhea)

*तंत्रिका तंत्र (Nervous System):*
- पोलियो (Polio), रेबीज (Rabies), मिर्गी (Epilepsy)
- टिटनेस (Tetanus)

*मसूड़ा (Gums):*
- स्कर्वी (Scurvy), पायरिया (Pyorrhea)

*यकृत (Liver):*
- हेपेटाइटिस (Hepatitis), पीलिया (Jaundice)

*लाल रक्त कणिका (Red Blood Cells):*
- मलेरिया (Malaria), प्लेग (Plague)

*अग्न्याशय (Pancreas):*
- मधुमेह (Diabetes)

*अस्थिमज्जा (Bone Marrow):*
- कालाज़ार (Kala-azar)

*श्वास नली (Respiratory Tract):*
- डिप्थीरिया (Diphtheria), अस्थमा (Asthma)

*थायरॉइड ग्रंथि (Thyroid Gland):*
- घेंघा (Goiter)

*गला (Throat):*
- डिप्थीरिया (Diphtheria)

*आंख (Eyes):*
- ट्रेकोमा (Trachoma), ग्लूकोमा (Glaucoma), गोनोरियाब्लाइंड (Gonorrheal Blindness)

*✍️प्रमुख पुरस्कार एवं सम्मान / Major Awards and Honors*

*✍️प्रमुख पुरस्कार एवं सम्मान / Major Awards and Honors* 

- *मान बुकर पुरस्कार* (1969): साहित्य में (Literature)
  - *Man Booker Prize* (1969): For Literature

- *नोबेल पुरस्कार* (1901): छः क्षेत्र में (Various Fields)
  - *Nobel Prize* (1901): In six fields (Various Fields)

- *कलिंग पुरस्कार* (1952): विज्ञान के क्षेत्र में (Science)
  - *Kalinga Prize* (1952): In the field of Science

- *ऑस्कर पुरस्कार* (1929): फिल्म के क्षेत्र में (Films)
  - *Oscar Awards* (1929): In the field of Films

- *मैग्सेसे पुरस्कार* (1958): सरकारी/जन सेवा में (Government/Public Service)
  - *Ramon Magsaysay Award* (1958): In Government/Public Service


- *ग्रैमी पुरस्कार*(1959): संगीत के क्षेत्र में (Music)
  - *Grammy Awards* (1959): In the field of Music

- *मिस वर्ल्ड* (1951): सर्वश्रेष्ठ सुंदरियों को (Beauty Pageant)
  - *Miss World* (1951): For Best Beauties (Beauty Pageant)

- *मिस यूनिवर्स* (1952): सर्वश्रेष्ठ सुंदरियों को (Beauty Pageant)
  - *Miss Universe* (1952): For Best Beauties (Beauty Pageant)


- *भारत रत्न* (1954): असाधारण उपलब्धि (Exceptional Achievement)
  - *Bharat Ratna* (1954): For Exceptional Achievement

- *ज्ञानपीठ पुरस्कार* (1965): साहित्यकार को (Literature)
  - *Jnanpith Award* (1965): For Writers (Literature)

- *अर्जुन पुरस्कार* (1961): खिलाड़ियों को (Sports)
  - *Arjuna Award* (1961): For Sportspersons

- *द्रोणाचार्य पुरस्कार* (1985): खेल प्रशिक्षकों को (Sports Coaches)
  - *Dronacharya Award* (1985): For Sports Coaches

- *दादा साहेब फाल्के पुरस्कार* (1969): सिनेमा के क्षेत्र में (Cinema)
  - *Dadasaheb Phalke Award* (1969): In the field of Cinema

- *भटनागर पुरस्कार* (1957): विज्ञान के क्षेत्र में (Science)
  - *Shanti Swarup Bhatnagar Prize* (1957): In the field of Science

- *पुलित्जर पुरस्कार* (1917): पत्रकारिता के क्षेत्र में (Journalism)
  - *Pulitzer Prize* (1917): In the field of Journalism

*✍️नये राज्यों का गठन वर्ष /List of Newly Formed States and Their Formation Years*

*✍️नये राज्यों का गठन वर्ष /List of Newly Formed States and Their Formation Years*

*आंध्र प्रदेश* (Andhra Pradesh)  
Formation Year: 1 October, 1953

*महाराष्ट्र* (Maharashtra)  
Formation Year: 1 May, 1960

*गुजरात* (Gujarat)  
Formation Year: 1 May, 1960

*नागालैंड* (Nagaland)  
Formation Year: 1 December, 1963

*हरियाणा* (Haryana)  
Formation Year: 1 November, 1966

*हिमाचल प्रदेश* (Himachal Pradesh)  
Formation Year: 25 January, 1971

*मेघालय* (Meghalaya)  
Formation Year: 21 January, 1972

*मणिपुर* (Manipur)  
Formation Year: 21 January, 1972

*त्रिपुरा* (Tripura)  
Formation Year: 21 January, 1972

*सिक्किम* (Sikkim)  
Formation Year: 26 April, 1975

*मिजोरम* (Mizoram)  
Formation Year: 20 February, 1987

*अरुणाचल प्रदेश* (Arunachal Pradesh)  
Formation Year: 20 February, 1987

*गोवा* (Goa)  
Formation Year: 30 May, 1987

*छत्तीसगढ़* (Chhattisgarh)  
Formation Year: 1 November, 2000

*उत्तराखंड* (Uttarakhand)  
Formation Year: 9 November, 2000

*झारखंड* (Jharkhand)  
Formation Year: 15 November, 2000

*तेलंगाना* (Telangana)  
Formation Year: 2 June, 2014

22/06/24

नेट पेपर लीक पर कहानी

यह समस्या हमारे जैसे युवा की है जो पेपर देकर आते हैं और पता चलता है कि पेपर कैंसिल हो गया लीक होने के कारण 
जो समस्या हुई है उसके बारे में संक्षिप्त ही सही वर्णन करते हैं 
मैं शिवेंद्र सिंह दिन मंगलवार को जलालपुर 18 तारीख को पेपर देने के लिए अपने घर सराय राशि से सुबह 10:00 बजे प्रस्थान किया गर्मी बहुत ज्यादा थी जेठ माह का मंगलवार होने के कारण मेरा उपवास था और लेकिन बस 10:30 बजे मिली बस में बैठने के बाद हवा का झोंका लू की तरह लग रहा था केंद्र पर 12:00 बजे पहुंच गया पता चला की पेन और सिक्का अंदर नहीं ले जाना है इसी के चक्कर में लगभग आधे घंटे इधर से उधर घुमा फिर 1:30 बजे कॉलेज में एंट्री हुई पेपर देने के बाद बस न मिलने के जलालपुर से अकबरपुर पहुंच गया समय लगभग 7 बज चुके थे क्योंकि पेपर 6:00 बजे खत्म हुआ था और टेंपो से आत-आते अकबरपुर  में सात बज चुक थे। काफी इंतजार के बाद बस मिला वह भी भरा हुआ ना चाहते हुए भी उसमें चढ़ना पड़ा और खड़ा होकर आते आते 9:30 बज चुके थे घर पहुंचा दिन भर के गर्मी और थकान के कारण बुखार हो गया था दवा खाया और चुपचाप सो गए अगले दिन हालात सही नहीं होने के कारण मोबाइल को छुआ नहीं 20 तारीख को सुबह पता चलता है कि पेपर को रद्द कर दिया गया है यह सुनने के बाद ना चाहते हए भी गाली मुंह से निकल रही थी यह तो मेरी दास्तान थी ऐसे बहुत से लोग होंगे जो मुझे भी ज्यादा दूर से आते होंगे उनको भी कितनी दिक्कत हुई होगी 
पैसे के साथ-साथ समय और इतनी परेशानी होने के बाद जब पता चलता है कि पेपर रद्द हो गया तो बहुत दुख होता है सीबीआई जांच लग गई है आगे कुछ नहीं होगा इससे पहले भी कई पेपर रद्द हो चुके हैं नकल रुक नहीं रही हैं  सरकार बेहाल है थोड़ा ही सही शर्म आनी चाहिए 

12/01/24

कांग्रेस सम्मेलन

महत्वपूर्ण कांग्रेस सम्मेलन...
👉 प्रथम कांग्रेस सम्मेलन 1885 , स्थान.. बॉम्बे, अध्यक्ष.. डब्लू सी बनर्जी
👉 द्वितीय कांग्रेस सम्मेलन 1886 , स्थान.. कोलकाता, अध्यक्ष…दादा भाई नौरोजी, प्रथम गैर हिन्दू अध्यक्ष
👉1887 में कांग्रेस का सम्मेलन मद्रास में हुवा जिसकी अध्यक्षता सैय्यद बदरुद्दीन तैय्यबजी ने किया था , जो प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष थे।।
👉1888 में कांग्रेस का सम्मेलन इलाहाबाद में जिसकी अध्यक्षता जार्ज यूल ने की थी, जो प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष थे।।
👉1905 में कांग्रेस का सम्मेलन बनारस में हुवा था जिसकी अध्यक्षता गोपाल कृष्ण गोखले ने किया था, इसमें बंगभंग और कर्जन की प्रतिक्रियावादी नीतियों की आलोचना की गई।।
👉1906 में कांग्रेस का सम्मेलन कलकत्ता में हुवा था इसकी अध्यक्षता दादा भाई नौरोजी ने किया था , स्वराज शब्द का प्रथम बार प्रयोग किया गया ।।
👉1907 में कांग्रेस का सम्मेलन सूरत में हुवा था इसकी अध्यक्षता रास बिहारी बोस ने की थी, कांग्रेस का गरम एवम नरम दल में विभाजन
👉1916 में कांग्रेस का सम्मेलन लखनऊ में हुवा था इसकी अध्यक्षता अंबिका चरण मजूमदार ने किया था, कांग्रेस के गरम एवम नरम दल में समझौता, कांग्रेस और मुस्लिम लीग में समझौता।।।
👉1917 में कांग्रेस सम्मेलन कलकत्ता में हुवा था इसकी अध्यक्षता एनी बेसेंट ने किया था , प्रथम महिला अध्यक्ष थी।।
👉1919 में कांग्रेस सम्मेलन अमृतसर में हुवा था इसकी अध्यक्षता मोतीलाल नेहरू ने किया था , इसमें जलियावाले बाग हत्याकांड की भर्त्सना, खिलाफत आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय।।।
👉1920 में कांग्रेस सम्मेलन नागपुर में हुवा था इसकी अध्यक्षता सी विजय राघवाचारी ने की थी, इसमें कांग्रेस का नया संविधान बनाया गया ।।
👉1923 में कांग्रेस का अधिवेशन काकी नाडा (दिल्ली) में हुवा था , इसकी अध्यक्षता मौलाना मुहम्मद अली अबुल कलाम आज़ाद ने की थी, यह सबसे कम उम्र के कांग्रेस अध्यक्ष थे।।
👉1924 में कांग्रेस का सम्मेलन बेलगांव में हुवा था जिसकी अध्यक्षता महात्मा गांधी ने किया था ।।
👉1925 में कांग्रेस का सम्मेलन कानपुर में हुवा था जिसकी अध्यक्षता सरोजनी नायडू ने की थी, प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष थी।।
👉1929 में कांग्रेस का सम्मेलन लाहौर में हुवा था इसकी अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने किया था , पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित हुवा था।।
👉1931 में कांग्रेस का सम्मेलन कराची में हुवा था इसकी अध्यक्षता वल्लभभाई पटेल ने किया था , इसमें गांधी इरविन समझौता का अनुमोदन, मौलिक अधिकारों का प्रस्ताव और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम को स्वीकृति।।
👉1937 में कांग्रेस का सम्मेलन फैजपुर में हुवा था,इसकी अध्यक्षता जवाहरलाल नेहरू ने किया था , पहला अधिवेशन जो गांव में हुवा था ।।
👉1938 में कांग्रेस का सम्मेलन हरिपुरा में हुवा था,इसकी अध्यक्षता सुभाष चंद्र बोस ने की थी।।
👉1939 में कांग्रेस का सम्मेलन त्रिपुरी में हुवा था, इसके अध्यक्ष सुभाष चंद्र बोस थे कुछ समय पश्चात बोस ने इस्तीफा दे दिया और राजेंद्र प्रसाद अध्यक्ष बने।।



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14/12/23

लखनऊ समझोता या कांग्रेस लीग योजना


1916 में कांग्रेस अधिवेशन लखनऊ में हुआ सूरत अधिवेशन 1907 में कांग्रेस का विभाजन हुआ था जो की 1916 तक चला
एनी बेसेंट में गरम दल और नरम दल को एक साथ लाने का प्रयास किया और सफल रही 1916 का कांग्रेस अधिवेशन की अध्यक्षता अंबिका चरण मजूमदार ने की दिसंबर 1916 में मुस्लिम लीग और कांग्रेस दोनों लखनऊ में वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुए यह समझौता लखनऊ समझौता या कांग्रेस लीग योजना के नाम से जाना जाता है
 

07/08/23

नमस्कार 




नमस्कार 

राजपाल तथा मुख्यमंत्री संबंधित नोट



download 

भूगोल संबंधित नोट

हड़प्पा संबंधित नोट 

 
6  वी bc की राजनीतिक और सांस्कृतिक
 
 मौर्य उत्तर  काल


11/07/23

एसएससी जीडी /पीसीएस/आर ओ ए आर ओ/केवीएस /वनडे एग्जाम टेस्ट

1- टेस्ट नंबर वन जीएस start 

2-टेस्ट नंबर दो जीएस start 

3- टेस्ट नंबर 3 जीएस start 

4 - टेस्ट नंबर 4 जीएस start 

5- टेस्ट नंबर 5 जीएस start

6-टेस्ट नंबर 6 जीएस start

7-। टेस्ट नंबर 7 जीएस start 

8- टेस्ट नंबर 8 जीएस start 

9- टेस्ट नंबर 9 जीएस start 

10 टेस्ट नंबर 10 जीएस start 

11- टेस्ट नंबर 11 जीएस start 

12- टेस्ट नंबर 12 जीएस start 

https://gkbyershivendra.blogspot.com/2023/01/blog-post.html

13- टेस्ट नंबर 13 जीएस start 

14- टेस्ट नंबर 14 जीएस start 

15- टेस्ट नंबर 15 जीएस start 

16-  टेस्ट नंबर 16 जीएस start 

17- टेस्ट नंबर 17 जीएस start 

18- टेस्ट नंबर 18  जीएस start 

19-  टेस्ट नंबर 19  जीएस start 

20- टेस्ट नंबर 20  जीएस start 

21- टेस्ट नंबर 21 जीएस start 

22- टेस्ट नंबर 22 जीएस Start 

आगे की टेस्ट के लिए क्लिक करें 


जीएस टेस्ट सीरीज

  1 से 22 नम्बर का टेस्ट देने के लिए क्लिक कीजिए

23- जीएस टेस्ट start 

24- जीएस टेस्ट start 

25- जीएस टेस्ट start 

26- जीएस टेस्ट start

27- जीएस टेस्ट start

28- जीएस टेस्ट start

29 - जीएस टेस्ट start

30- जीएस टेस्ट start 

31-जीएस टेस्ट start 

32- जीएस टेस्ट Start 
33- जीएस टेस्ट START 
34- जीएस टेस्ट start 
35- जीएस टेस्ट start  
36- जीएस टेस्ट - start 
37-मिश्रित टेस्ट- Start 
38- जीएस टेस्ट - START


RO/ARO TEST

यह टेस्ट देने के लिए सर्वप्रथम आपको जहां START लिखा है उसे पर क्लिक करना होगा

 1- RO/ARO TEST START

02/04/23

 “अधिगमकर्ता के सर्वागीण विकास में” राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की उपयोगिता

प्रस्तावना -

         किसी भी देश का विकास तभी हो सकता है जब वहाँ के नागरिक का विकास होगा। प्रत्येक नागरिक का विकास उसकी शिक्षा पर निर्भर करता है। शिक्षा का प्राथमिक उद्देश्य व्यक्ति के ज्ञान और कौशल में वृद्धि करके एक अच्छा नागरिक बनाना।

“शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिसका उपयोग आप दुनिया के बदलने  के लिए कर सकते हैं”

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में देखा जाए तो हमारा देश शिक्षा की गुणवत्ता की समस्या से जूझ रहा है। इसलिए नई शिक्षा नीति 2020 अधिगमकर्ता के संपूर्ण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

 भारत में पहले की शिक्षा नीति में बहुत समय से कोई बदलाव नहीं किया गया था जो जानकारी आपको पुराने समय में दी जाती थी वही जानकारी अभी तक चली आ रही थी। शिक्षा की गुणवत्ता की समस्या का समाधान करने के लिए ऐसी कोई नीति लाना अति आवश्यक हो गया था जो विद्यार्थी में तर्क करना, अपने अंदर की क्षमता की पहचान कर  अपने व्यक्तित्व का पूर्ण विकास कर सकें।  इस ज्वलंत समस्या को देखते हुए भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा 34 साल बाद 29 जुलाई 2020 को के० कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020 ) का शुभारंभ किया गया। इस शिक्षा नीति के तहत छात्रों पर  बस्ते के बोझ को कम करके बच्चों के शारीरिक , मानसिक , नैतिक पक्ष का विकास किया जा सके। भारत के शिक्षा में परिवर्तन कई नीतियों द्वारा कई बार जैसे - 1968 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति और 1986 की नई शिक्षा नीति के द्वारा शिक्षा की संरचना और शिक्षा के स्तर में परिवर्तन लाया गया, परंतु यह परिवर्तन ज्यादा कारगर साबित नहीं हुआ। आधुनिक समय में ज्ञान व कौशल के परिदृश्य में संपूर्ण विश्व तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है जिसमें भारत जैसा विकासशील देश भी कौशल के द्वारा पूरे विश्व में एक सर्वोपरि राष्ट्र बनाने की कल्पना कर रहा है। जिसे देखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 मील का पत्थर साबित होगा। नई शिक्षा नीति 2020 की संरचना 5+3+3+4 बच्चों के विकास में अधिक लाभप्रद होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के द्वारा विद्यालय व उच्च शिक्षा में बच्चों के उज्जवल भविष्य के मार्ग  को प्रशस्त करने की आशा की जा रही है 

शोध समस्या का औचित्य :

किसी भी नीति की प्रभावशीलता उसके क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में यह देखा गया कि बच्चों के सभी पक्षों के मजबूत ना होने के कारण उनको सही मार्गदर्शन ना मिलने की वजह से अधिकांश विद्यार्थी में क्रोध , कुण्ठा , आत्महीनता को पाया गया  जिसका कारण कई हो सकता है जैसे- विद्यार्थियों में मनोबल की कमी होना, निराशावादी प्रवृत्ति, लिंगापूवाग्रह   व लैंगिक भेदभाव आदि 

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मार्गदर्शी सिद्धांत

(1) भावना व प्रयोजन

(2) चरणबद्ध तरीका

(3) वरियता निर्धारण

(4) व्यापकता व समग्रता

(5) समन्वय बनाना

(6) समय की पाबंदी

(7) विश्लेषण व समीक्षा

इसके अलावा भावी कार्यक्रमों व कार्यों के लिए नींव बनाने तथा इस किस सहज प्रगति के लिए कुछ विशिष्ट क्रियाकलापों में निवेश करने से बच्चों के बढ़ रहे अवांछनीय प्रवृत्ति को कम किया जा सकता है ‌

उद्देश्य -

 <1> भारतीय जड़ो और गौरव से बंधे रहने में :

बच्चों में राष्ट्र के प्रति गौरव की भावना को विकसित करना। हमारा जो समाज है वो सांस्कृतिक विविधताओं में बटा हुआ है। बालक को भारत की संस्कृति का सम्मान करते हुए उसकी अखंडता को बनाए रखने में अग्रसर रहना चाहिए।

<2> सभी शैक्षणिक  निर्णयों की आधारशिला के रूप में पूर्ण समता और समावेशन :

सभी विद्यार्थियों के व्यक्तिगत विभिन्नता को देखते हुए सभी स्तर के विद्यार्थियों के लिए सामूहिक रूप से NEP 2020 द्वारा शिक्षा के स्तर को व्यापक किया गया है जिससे सभी के पास शिक्षा बहुत सके और विधार्थी अपने गुण और क्षमता के आधार पर अपने अंदर की कमियों को दूर कर, उनमें सुधार कर सकें।NEP 2020 के द्वारा बच्चों में सहयोग की भावना जागृत होगी। 

<3> बहु - भाषिकता और अध्ययन - अध्यापन के कार्य में भाषा की शक्ति को प्रोत्साहन -

यह सर्वविदित है कि छोटे बच्चे अपने घर की भाषा/ मातृभाषा के सार्थक अवधारणाओं को अधिक तेजी से सीखते हैं। बच्चों द्वारा बोली जाने वाली भाषा और शिक्षण के माध्यम के बीच यदि कोई अंतराल मौजूद हो तो उससे समाप्त किया जा सके। इसलिए कम से कम ग्रेड 5 तक की शिक्षा बच्चों के मातृभाषा के रूप में दी जाए।

साहित्य की समीक्षा- 

संबंधित साहित्य से तात्पर्य उन सभी प्रकार के अध्ययन स्त्रोतों से है जिसमें शोधकर्ता के समस्या चयन, परिकल्पना निर्माण तथा अध्ययन की रूपरेखा बनाने में सहायता मिलती है। साहित्यिक अध्यनकर्ता के लिए शोध संबंधित आवश्यक वैज्ञानिक पृष्ठभूमि तैयार करना है साथ ही अध्ययन क्षेत्र में हुए शोध कार्यों का विवरण भी मिल जाता है। जिस से संबंधित अध्ययन की पुनरावृति भी नहीं हो पाती।

यह अध्ययन एक ऐतिहासिक और विश्लेषणात्मक अध्ययन है। इसमें पुस्तकालय विधि द्वारा फील्ड टिप्स साक्षात्कार और प्रश्नावली अनुसंधान तकनीक का प्रयोग किया गया है। इसमें बालकों में पढ़ाई के दौरान आने वाली समस्त समस्याओं के ऊपर काम करने की योजना बनाई गई है। जिससे छात्रों में कला, रचनात्मकता, तार्किक सोच आदि के विकास को देखा जाए।



शोध की आवश्यकता और महत्व :

जब से शिक्षा की शुरुआत हुई है और वर्तमान में शिक्षा को देखा जाए तो समय-समय पर शिक्षाविदों द्वारा, सरकारों द्वारा शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए कई सारी योजनाएं और अभियान लाया गया जैसे- सर्व शिक्षा अभियान, ऑपरेशन ब्लैक बोर्ड, समग्र शिक्षा अभियान, निपुण भारत आदि अभियान चलाया गया ताकि बच्चों का विकास हो सके।

विगत वर्षों में कई सर्वे द्वारा यह पता लगा कि भारत की विभिन्न स्कूलों में शिक्षा का स्तर न हीं बढ़ रहा है और ना ही नामांकन संख्या में। मुख्यता यह पाया गया कि प्रत्येक बच्चे अपने उद्देश्य, क्षमता, योग्यता की पहचान ही नहीं कर पाते क्योंकि उन्हें सही निर्देशन ही नहीं मिल पाता और वह पढ़ाई के क्षेत्र में पीछे रह जाते हैं और व्यस्क अधिक डिग्री प्राप्त करने के बाद भी नौकरी के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं इन्हीं कारणों की वजह से बच्चों को सभी पक्षों में मजबूत करने के लिए शोध की आवश्यकता पड़ी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उपयोग द्वारा शिक्षा में समावेशन, गुणवत्ता शिक्षा को केवल विद्यालय तक ही सीमित ना रखना बल्कि इसको विद्यालय के बाहर से भी जोड़ना, इसकी प्रमुख विशेषता है। आधुनिक समय में टेक्नोलॉजी का प्रयोग बहुतायत की संख्या में किया जा रहा है जिससे विद्यार्थियों में भटकने, उलझने और अपराध की प्रवृत्ति बढ़ती ही जा रही है


अनुसंधान प्रविधि :

(1) सृष्टि में जो कुछ है उसे जानने के लिए अनेक मार्ग मनुष्य ने निकाले हैं। कोई व्यक्ति समस्त सृष्टि तत्व को बुद्धि से समझना चाहता है, कोई उसे चिंतन से पाना चाहता है और कोई उसके लिए वैज्ञानिक विश्लेषण तथा प्रयोग की पद्धति अपनाता है।

(2) कोई भी शोधार्थी किसी भी समस्या का हल निकालने के लिए ऐसी अनुसंधान प्रविधि का प्रयोग करता है, जो समस्या के समुचित स्तर पर उपलब्ध हो सके, मितव्ययी व विश्वसनीय, वस्तुनिष्ठ एवं वैध परिणामों की प्राप्ति कर सकें।

(3) हम अपनी समस्या का हल निकालने के लिए सर्वेक्षण अनुसंधान का प्रयोग करेंगे । जिसके माध्यम से हम अपने आसपास के स्कूलों में जाकर विभिन्न विद्यार्थियों की मासिक स्तर, रुचि, तर्क करने की क्षमता के विकास के बारे में अध्ययन अध्यापन करेंगे। सर्वेक्षण अनुसंधान करते समय अयादृच्छिक प्रतिदर्श का प्रयोग करेंगे।

(4) जैसे-जैसे जमाना बदल रहा है वैसे - वैसे शिक्षा के स्तर के बदलने के साथ-साथ बच्चों में परिपक्वता के स्तर में भी बदलाव देखा गया है। यहां पर हम कई ग्रन्थों, रिसर्च पेपर, समाचार पत्रों, पुस्तकों का प्रयोग करके ऐतिहासिक अनुसंधान विधि का प्रयोग करते हुए विगत छात्रों के संपूर्ण पक्ष के विकास तथा आज के छात्रों के छात्रों में क्या परिवर्तन आ रहा है इसका अध्ययन करेंगे।

(5) अनुसंधान के अवलोकन विधि का प्रयोग करते हुए हमें विभिन्न विद्यालय के बच्चों की कमियां, रुचियांँ, वाद विवाद में खुलकर आगे बढ़कर बोलने की लालसा आदि का प्रत्यक्ष रूप से अवलोकन करेंगे।

संदर्भ सूची :

(1) शिक्षक चुनौती (नीति सम्बन्धी परिप्रेक्ष्य) - नई दिल्ली शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार

(2) नई शिक्षा नीति ( विशेषांक) - आगरा विनोद पुस्तक मंदिर

(3) डॉक्टर मालती सारस्वत - भारतीय शिक्षा विकास और उसकी समस्याएं

(4) बी० बी० अग्रवाल - आधुनिक भारत शिक्षा और समस्याएँ आलोक प्रकाशन लखनऊ (इलाहाबाद)

( 5 ) विजय शुक्ल - भारतीय शिक्षा और उसकी समस्याओं का अध्ययन (सहारा पब्लिकेशन, प्रयागराज)

(6)  इंटरनेट 

( 7) पत्र पत्रिकाएंँ 

 (8) विजय शुक्ल - भारतीय शिक्षा उसकी समस्याओं का अध्ययन सहारा पब्लिकेशन इलाहाबाद।

(9)  डॉ०  कर्ण  सिंह - भारत में शिक्षा पुरानी का विकास गोविंद प्रकाश लखीमपुर खीरी।

(10) बिहारी लाल रमन - शिक्षा सिद्धांत, रस्तोगी पब्लिकेशन

(11) डॉ० डी ० डी० मिश्र - भारत में शैक्षिक प्रणाली का विकास  मित्रा पब्लिकेशन, कानपुर