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08/10/19

समास

🔰समास🔰


परिभाषा : 'समास' शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है 'छोटा रूप'। अतः जब दो या दो से अधिक शब्द (पद) अपने बीच की विभक्तियों का लोप कर जो छोटा रूप बनाते है, उसे समास, सामाजिक शब्द या समस्त पद कहते है।


जैस : 'रसोई के लिए घर' शब्दों में से 'के लिए' विभक्त का लोप करने पर नया शब्द बना 'रसोई घर', जो एक सामासिक शब्द है।

किसी समस्त पद या सामासिक शब्द को उसके विभिन्न पदों एवं विभक्ति सहित पृथक् करने की क्रिया को समास का विग्रह कहते है।


जैसे : विद्यालय = विद्या के लिए आलय, माता पिता = माता और पिता


🔰समास के प्रकार :🔰


समास छः प्रकार के होते है-

1. अव्ययीभाव समास

2. तत्पुरुष समास

3. द्वन्द्व समास

4. बहुब्रीहि समास

5. द्विगु समास

6. कर्म धारय समास


1. अव्ययीभाव समास :


(A). पहला पद प्रधान  होता है।

(B). पहला पद या पूरा पद अव्यय होता है। (वे शब्द जो लिंग, वचन, कारक, काल के अनुसार नही बदलते, उन्हें अव्यय कहते हैं)

(C). यदि एक शब्द की पुनरावृत्ति हो और दोनों शब्द मिलकर अव्यय की तरह प्रयुक्त हो, वहाँ भी अव्ययीभाव समास होता है।

(D). संस्कृत के उपसर्ग युक्त पद भी अव्ययीभाव समास होते है।


यथाशक्ति = शक्ति के अनुसार

यथाक्रम = क्रम में अनुसार

यथावसर = अवसर के अनुसार

यथाशीघ्र = जितना शीघ्र हो

यथाविधि = विधि के अनुसार

यथेच्छा = इच्छा के अनुसार

प्रतिदिन = प्रत्येक दिन, दिन-दिन, हर दिन

प्रत्येक = हर एक, एक-एक, प्रति एक

प्रत्यक्ष = अक्षि के आगे

रातों-रात = रात ही रात में

बीचों-बीच = ठीक बिच में


आमरण = मरने तक, मरणपर्यंत

आसमुद्र = समुद्रपर्यन्त


भरपेट = पेट भरकर

अनुकूल = जैसा कूल है वैसा

यावज्जीवन = जीवन पर्यन्त 

निर्विवाद = बिना विवाद के

दरअसल = असल में

बाकायदा = कायदे के अनुसार

साफ-साफ = साफ के बाद साफ, बिलकुल साफ


घर-घर = प्रत्येक घर, हर घर, किसी भी घर को न छोड़कर

हाथों-हाथ = एक हाथ से दूसरे हाथ तक, हाथ ही हाथ में


2. तत्पुरुष समास :


(A). तत्पुरुष समास में दूसरा पद (पर पद) प्रधान होता है अर्थात् विभक्ति का लिंग, वचन दूसरे पद के अनुसार होता है।

(B). इसका विग्रह करने पर कर्ता व सम्बोधन की विभक्तियों(ने,हे,ओ,अरे) के अतिरिक्त किसी भी कारक की विभक्त प्रयुक्त होती है तथा विभक्तियों के अनुसार ही इसके उपभेद होते है। जैसे-


(क). कर्म तत्पुरुष (को) :


कृष्णार्पण = कृष्ण को अर्पण

वन-गमन = वन को गमन

प्राप्तोदक = उदक को प्राप्त

नेत्र सुखद = नेत्रों को सुखद

जेब करता = जेब को कतरने वाला


(ख). करण तत्पुरुष (से/के द्वारा) :

ईश्वर-प्रदत्त = ईश्वर से प्रदत्त

तुलसीकृत = तुलसी द्वारा रचित

रत्न जड़ित = रत्नों से जड़ित

हस्त-लिखित = हस्त (हाथ) से लिखित

दयार्द्र = दया से आर्द्र


(ग). सम्प्रदान तत्पुरुष (के लिए) :

हवन-सामग्री = हवन के लिए सामग्री

गुरु-दक्षिणा = गुरु के लिए दक्षिणा

विद्यालय = विद्या के लिए आलय

बलि पशु = बलि के लिए पशु


(घ). अपादान तत्पुरुष (से पृथक्) :

ऋण-मुक्त = ऋण से मुक्त

मार्ग भ्रष्ट = मार्ग से भ्रष्ट

देश-निकला = देश से निकला

पदच्युत = पद से च्युत

धर्म-विमुख = धर्म से विमुख

(च). सम्बन्ध तत्पुरुष (का, के , की) :

मंत्रि-परिषद् = मंत्रियों की परिषद्

प्रेम-सागर = प्रेम का सागर

राजमाता = राजा की माता

अमचूर = आम का चूर्ण

रामचरित = राम का चरित


(छ). अधिकरण तत्पुरुष (में, पे, पर) :

वनवास = वन में वास

ध्यान-मग्न = ध्यान में मग्न

घृतान्न = घी में पका अन्न

जीवदया = जीवों पर दया

घुड़सवार = घोड़े पर सवार

कवि पुंगव = कवियों में श्रेष्ठ


3. द्वन्द्व समास :


(A). द्वन्द्व समास में दोनों पद प्रधान होते है।

(B). दोनों पद प्रायः एक दूसरे के विलोम होते है, सदैव नहीं।

(C). इसका विग्रह करने पर 'और' अथवा 'या' का प्रयोग होता है।


माता-पिता = माता और पिता

पाप-पुण्य = पाप या पुण्य / पाप और पुण्य

दाल-रोटी = दाल और रोटी

अन्न-जल = अन्न और जल

जलवायु = जल और वायु

भला-बुरा = भला या बुरा

अपना-पराया = अपना या पराया

धर्माधर्म = धर्म या अधर्म


शीतोष्ण = शीत या उष्ण


शीतातप = शीत या आतप

कृष्णार्जुन = कृष्ण और अर्जुन

फल-फूल = फल और फूल

रुपया-पैसा = रुपया और पैसा

नील-लोहित = नीला और लोहित (लाल)

सुरासर = सुर या असुर/सुर और असुर

यशापयश = यश या अपयश

शस्त्रास्त्र = शस्त्र और अस्त्र


4. बहुब्रीहि समास :


(A). बहुब्रीहि समास में कोई भी पद प्रधान नही होता।

(B). इसमें प्रयुक्त पदों के सामान्य अर्थ की अपेक्षा अन्य अर्थ की प्रधानता रहती है।

(C). इसका विग्रह करने पर 'वाला, है, जो जिसका, जिसकी, जिसके, वह' आदि आते है।


गजानन = गज का आनन है जिसका वह (गणेश)

चतुर्भुज  = चार भुजाएँ है जिसकी वह (विष्णु)

घनश्याम = घन जैसा श्याम है जो वह (विष्णु)

चन्द्रचूड़ = चन्द्र चूड़ पर है जिसके वह


गिरिधर = गिरि को धारण करने वाला है जो वह

नीललोहित = नीला है लहू जिसका वह

सुग्रीव = सुन्दर है ग्रीवा जिसकी वह

नीलकण्ठ = नीला कण्ठ है जिसका वह

मयूरवाहन = मयूर है वाहन जिसका वह


कमलनयन = कमल के समान नयन है जिसके वह

अष्टाध्यायी = अष्ट अध्यायों की पुस्तक है जो वह


चन्द्रमुखी = चन्द्रमा में समान मुखवाली है जो वह

दिगम्बर = दिशाएँ ही है जिसका अम्बर ऐसा वह

षडानन = षट् (छः) आनन है जिसके वह (कार्तिकेय)

आजानुबाहु = जानुओं (घुटनों) तक बाहुएँ है जिसकी वह

कुशाग्रबुद्धि = कुश के अग्रभाग के समान बुद्धि है जिसकी वह

त्रिनेत्र = तीन नेत्र हैं जिसके वह (शिव)

दशानन = दश आनन हैं जिसके वह (रावण)

पीताम्बर = पीत अम्बर हैं जिसके वह (विष्णु)

मुरारि = मुर का अरि है जो वह

आशुतोष = आशु (शीघ्र) प्रसन्न होता है जो वह 

वज्रपाणि = वज्र है पाणि में जिसके वह

मधुसूदन = मधु को मारने वाला है जो वह

महादेव = देवताओं में महान् है जो वह

वाल्मीकि = वाल्मीक से उत्पन्न है जो वह

कनकटा = कटे हुए कान है जिसके वह

जितेन्द्रिय = जीत ली है इन्द्रियाँ जिसने वह

मन्द बुद्धि = मन्द है बुद्धि जिसकी वह


5. द्विगु समास :


(A). द्विगु समास में प्रायः पूर्वपद संख्यावाचक होता है तो कभी-कभी परपद भी संख्यावाचक देखा जा सकता है।


(B). द्विगु समास में प्रयुक्त संख्या किसी समूह का बोध कराती है अन्य अर्थ का नहीं, जैसा की बहुब्रीहि समास में देखा है।


(C). इसका विग्रह करने पर 'समूह' या 'समाहार' शब्द प्रयुक्त होता है।


दोराहा = दो राहो का समाहार

सम्पादक द्वय = दो सम्पादकों का समूह

पक्षद्वय = दो पक्षो का समूह

त्रिभुज = तीन भुजाओं का समाहार

त्रिलोक या त्रिलोकी = तीन लोकों का समाहार

संकलन-त्रय = तीन का समाहार

चौमास/चतुर्मास = चार मासों का समाहार

चतुर्भुज = चार भुजाओं का समाहार (रेखीय आकृति)

पंचामृत = पाँच अमृतों का समाहार

पंचवटी = पाँच वटों का समाहार

सप्ताह = सप्त अहों (सात दिनों) का समाहार

सप्तशती = सप्त शतकों का समाहार

अष्ट-सिद्धि = आठ सिद्धियों का समाहार


नवरात्र = नौ रात्रियों क समाहार

शतक = सौ का समाहार


शताब्दी = शत (सौ) अब्दों (वर्षों) का समाहार

त्रिरत्न = तीन रत्नों का समूह


भुवन-त्रय = तीन भुवनो का समाहार

चतुर्वर्ण = चार वर्णों क समाहार

पंचपात्र = पाँच पात्रों का समाहार

षट्भुज = षट् (छः) भुजाओं का समाहार

सतसई = सात सौ का समाहार

सप्तर्षि = सात ऋषियों का समूह

नवरत्न = नौ रत्नों का समूह

दशक = दश का समाहार


6. कर्मधारय समास :


(A). कर्मधारय समास में एक पद विशेषण होता है तो दूसरा विशेष्य।

(B). इसमें कहीं कहीं उपमेय उपमान का सम्बन्ध होता है तथा विग्रह करने पर 'रूपी' शब्द प्रयुक्त होता है।


पुरुषोत्तम = पुरुष जो उत्तम

महापुरुष = महान् है जो पुरुष

पीताम्बर = पीत है जो अम्बर

नराधम = अधम है जो नर

रक्ताम्बर = रक्त के रंग का (लाल) जो अम्बर

कुपुत्र = कुत्सित जो पुत्र

चरम-सीमा = चरम है जो सीमा

कृष्ण-पक्ष = कृष्ण (काला) है जो पक्ष

शुभागमन = शुभ है जो आगमन

मृग नयन = मृग के समान नयन

राजर्षि = जो राजा भी है और ऋषि भी

मुख-चन्द्र = मुख रूपी चन्द्रमा

भव-सागर = भव रूपी सागर

क्रोधाग्नि = क्रोध रूपी अग्नि

विद्या-धन = विद्यारूपी धन

सदाशय = सत् है जिसका आशय

कदाचार = कुत्सित है जो आचार

सत्परामर्श = सत् है जो परामर्श

न्यूनार्थक = न्यून है जिसका अर्थ

नीलकमल = नीला जो कमल

घन-श्याम = घन जैसा श्याम

महर्षि = महान् है जो ऋषि

अधमरा = आधा है जो मरा

कुमति = कुत्सित जो मति

दुष्कर्म = दूषित है जो कर्म

लाल-मिर्च = लाल है जो मिर्च

मंद-बुद्धि = मंद है जो बुद्धि

नीलोत्पल = नीला है जो उत्पल

चन्द्र मुख = चन्द्र जैसा मुख

नरसिंह = जो नर भी है और सिंह भी

वचनामृत = वचनरूपी अमृत

चरण-कमल = चरण रूपी कमल

चरणारविन्द = चरण रूपी अरविन्द

सन्मार्ग = सत् है जो मार्ग

नवयुवक = नव है जो युवक

बहुमूल्य = बहुत है जिसका मूल्य

अल्पेच्छ = अल्प है जिसकी इच्छा

शिष्टाचार = शिष्ट है जो आचार


कुछ समितियां

संसद का बहुत सेकाम सभा की समितियों द्वारा कराया जाता है जिन्हें संसदीय समितियां कहते हैं संसदीय समिति से तात्पर्य है उस समिति से हैं जो सभा द्वारा नियुक्त या निर्वाचित की जाती है और अध्यक्ष के निर्देशानुसार कार्य करता है तथा अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत करता है संसदीय समितियां दो प्रकार की होती हैं 1-स्थाई समितियां 2-तदथ समितियां(अस्थाई समितियां) आइए जानते हैं कुछ समितियों के बारे में

 लोक लेखा समिति-यह दोनों सदन द्वारा चुने जाते हैं जिसमें कुल 22 सदस्य निर्वाचित होते हैं जिसमें से 15 लोकसभा तथा 7 राज्यसभा से सदस्य चुने जाते हैं इनका कार्यकाल 1 वर्ष होता है यह समितियां भारत सरकार के विनियोग लेखा और उन पर नियंत्रण तथा महालेखा परीक्षक के प्रतिवेदन की जांच करता है

 प्राक्लन समिति-इस समिति में कुल 30 सदस्य होते हैं जो लोकसभा से ही निर्वाचित होते हैं इनका कार्यकाल केवल 1 वर्ष होता है यह संसद की सबसे बड़ी समित है यह समिति हमें यह बताती है कैसे हम संगठन कार्य कुशलता और प्रशासन ने कैसे सुधार कर सकते हैं

 सरकारी उपक्रम समिति-इस समिति की कुल सदस्य 22 होते हैं जिनमें से 15 लोकसभा तथा 7 राज्यसभा के सदस्य होते हैं इसका कार्यकाल भी 1 वर्ष होता हैयस अमित सरकारी उपक्रमों के प्रति वेदना और लेखकों की जांच तथा यदि सरकारी उपक्रमों के संबंध में भारत के नियंत्रक व महालेखा परीक्षक की कोई रिपोर्ट हो तो उसकी जांच भी करता है 

याचिका समिति-इसमें केवल 15 सदस्य होते है जो अध्यक्ष दादा निर्वाचित किए जाते हैं इसका कार्यकाल नियत नहीं है दोबारा गठित किए जाने तक यह समिति बनी रहती है इस समिति का काम लोकसभा में प्रस्तुत किया जाता है

05/10/19

पीसीएस 2019 सिलेबस

#यूपीपीसीएस_प्रारंभिक_परीक्षा_2019_परीक्षा_ #प्रारंभिक_परीक्षा【वस्तुनिष्ट/बहुविकल्पीय】 【#प्रारंभिक_परीक्षा_में_दो_अनिवार्य_प्रश्नपत्र】 👍 प्रत्येक 200 अंक का होता हैं और संपूर्ण परीक्षा को हल करने के लिए 2 घंटे का समय होता है। 👍अनिवार्य प्रश्नपत्र अंक 👍सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र - 1 200 👍सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र - 2 200 👍प्रारंभिक परीक्षा का प्रश्नपत्र- 2, न्यूनतम निर्धारित 33% क्वालीफाइंग प्रकृति का होगा। 👍सभी साथियों के लिए यह आवश्यक है कि वे प्रारंभिक परीक्षा के दोनों प्रश्नपत्रों में, मूल्यांकन के उद्देश्य से, उपस्थित रहे। 👍सभी aspirant की मेरिट सूची, प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्र-1 में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जायेगी। 👍सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र - 1 और प्रश्नपत्र - 2 में क्रमश: 150 और 100 प्रश्न होंगे। प्रश्नपत्र - 1 का समय सुबह 9:30 से 11:30 तक होगा और प्रश्नपत्र - 2 का समय दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगा। 【#सामान्य_अध्ययन_प्रश्नप्रत्र_1_रणनीति】 👍यूपीपीसीएस प्रारंभिक परीक्षा के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता समसामयिकी को देना चाहिए, क्योंकि हमेशा समसामयिकी से ही लगभग 30 - 40 प्रश्न पूछे जाते हैं। 👍इसके बाद भारतीय इतिहास की तैयारी करना चाहिए है क्योंकि केवल इतिहास से 25 - 30 प्रश्न पूछे जाते हैं। 👍तीसरे नम्बर पर भूगोल का स्थान होना चाहिए क्योंकि हमेशा ही लगभग 20 - 30 प्रश्न इससे पूछे जाते हैं। 👍चौथे स्थान पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को होना चाहिए, क्योंकि इस सेक्शन से ही लगभग 20 प्रश्न पूछे जाते हैं। 👍पांचवे स्थान पर भारतीय संविधान के प्रश्न पूछे जाते हैं (लगभग 15 - 20 प्रश्न) । 👍छठें स्थान पर अर्थव्यवस्था और जनसंख्या एवं नगरीकरण के प्रश्न आते हैं (15 - 18)। 👍अंत में, उत्तर प्रदेश, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण, कृषि और सामन्य ज्ञान पर आधारित प्रश्नों की तैयारी ज़रूर करें, हाल ही में प्रारंभिक परीक्षा में उत्तर प्रदेश पर आधारित प्रश्नों की संख्या में कमी आयी है। परन्तु इसकी संख्या ज्यादा भी हो सकती है। अतः इस भाग को नज़र अंदाज़ नही किया जा सकता है। #सामान्य_अध्ययन_प्रश्नपत्र_1_के_लिए_सामग्री 👍 #समसामयिकी #राष्ट्रीय_घटनाओं_के_लिए प्रमुख समाचार पत्र और मैगज़ीन नियमित पढ़ें। क्रोनिकल या प्रतियोगिता दर्पण कोई एक मैगजीन। 👍#भारतीय_इतिहास_और_भारतीय_राष्ट्रीय_आंदोलन NCERT की इतिहास की पुस्तकें। वाणी प्रकाशन की आधुनिक भारत का इतिहास एक अच्छा संस्करण है जिसे आप अपनी आगामी परीक्षा की तैयारी के लिए देख सकते हैं, साथ ही घटनाचक्र पुनरावलोकन ज़रूर पढ़ें। 👍#भारत_और_विश्व_के_भूगोल_के_लिए - भूगोल की NCERT की पुस्तकें (पुराना संस्करण)। - महेश बरनवाल (भूगोल) - घटनाचक्र पुनरावलोकन मानचित्र आधारित प्रश्नों के लिए, एक अच्छी एटलस, मुख्य रूप से ऑक्सफ़ोर्ड स्कूल एटलस या ओरिएंट लॉन्गमैन में से एक अच्छी सहायता मिल सकती है। 👍 #भारतीय_राजनीति_और_प्रशासन - NCERT बुक्स (भारतीय राजनीति) - लक्ष्मीकांत (संविधान) - घटनाचक्र पुनरावलोकन 👍#आर्थिक_और_सामाजिक_विकास - NCERT की पुस्तकें। - प्रतियोगिता दर्पण अतिरिकतांक (इकॉनमी) - घटनाचक्र समसामयिकी (आर्थिकी) - वाणी प्रकाशन (भारतीय अर्थव्यवस्था) 👍#सामान्य_विज्ञान 【 प्रश्न, विज्ञान के प्रतिदिन के सामान्य अनुप्रयोगों और समझ पर आधारित होंगे】 - NCERT की पुस्तकें अतिमहत्वपूर्ण - यूनिक पब्लिकेशन (सामान्य विज्ञान) - घटनाचक्र पुनरावलोकन (सामान्य विज्ञान) - लुसेंट (साइंस) 👍#पर्यावरण_और_पारिस्थितिकी - दृष्टि आईएस (पर्यावरण) - घटनाचक्र पुनरावलोकन - वाणी प्रकाशन #उत्तर_प्रदेश_का_सामान्य_ज्ञान 【 पहाड़ों, नदियों, जलवायु, वनस्पतियों और जीवों के विकास, उत्तर प्रदेश के भूगोल में खनिज परिवहन से संबंधित प्रश्न होंगे। इसमें उत्तर प्रदेश के इतिहास और संस्कृति में महत्वपूर्ण राजवंशों के योगदान से संबंधित प्रश्न भी शामिल होंगे】 - वाणी प्रकाशन (उत्तर प्रदेश विशेष) - घटनाचक्र पब्लिकेशन (उत्तर प्रदेश) 👍#भारतीय_कृषि - वाणी प्रकाशन

26/09/19

हिंदी महत्वपूर्ण क्वेश्चन

✒  *HINDI SPECIAL*

प्रश्‍न 1- किस युग को आधुनिक हिन्दी कविता का सिंहद्वार कहा जाता है।
उत्‍तर - भारतेन्दु युग को ।
प्रश्‍न 2- द्विवेदी युग के प्रवर्तक कौन थे।
उत्‍तर - महावीर प्रसाद द्विवेदी ।

प्रश्‍न 3- हिन्दी का पहला सामाजिक उपन्यास कौन सा माना जाता है।
उत्‍तर - भाग्यवती ।

प्रश्‍न 4- सन् 1950 से पहले हिन्दी् कविता किस कविता के रूप में जानी जाती थी।
उत्‍तर - प्रयोगवादी ।

प्रश्‍न 5- ब्रज भाषा का सर्वोत्त‍म कवि है।
उत्‍तर - सूरदास ।

प्रश्‍न 6- आदिकाल के बाद हिन्दी में किस साहित्य का उदय हुआ ।
उत्‍तर - भक्ति साहित्य का ।

प्रश्‍न 7- निर्गुण भक्ति काव्य के प्रमुख कवि है।
उत्‍तर - कबीरदास ।

प्रश्‍न 8- किस काल को स्वर्णकाल कहा जाता है।
उत्‍तर - भक्ति काल को ।

प्रश्‍न 9- हिन्दी का आदि कवि किसे माना जाता है।
उत्‍तर - स्व्यंभू ।

प्रश्‍न 10- आधुनिक काल का समय कब से माना जाता है।
उत्‍तर - 1900 से अब तक ।

प्रश्‍न 11- जयशंकर प्रसाद की सर्वश्रेष्ठ रचना कौन सी है।
उत्‍तर - कामायनी ।

प्रश्‍न 12- बिहारी ने क्या लिखे है।
उत्‍तर - दोहे ।

प्रश्‍न 13- कबीर किसके शिष्य थे।
उत्‍तर - रामानन्द ।

प्रश्‍न 14- पद्यावत महाकाव्य कौन सी भाषा में लिखा है।
उत्‍तर - अवधी ।

प्रश्‍न 15- चप्पू किसे कहा जाता है।
उत्‍तर - गद्य और पद्य मिश्रित रचनाओं को ।

प्रश्‍न 16- कलाधर उपनाम से कविता कौन से कवि लिखते थे।
उत्‍तर - जयशंकर प्रसाद ।

प्रश्‍न 17- रस निधि किस कवि का उपनाम है।
उत्‍तर - पृथ्वी सिंह ।

प्रश्‍न 18- प्रेमचन्द्र के अधुरे उपन्यांस का नाम है।
उत्‍तर - मंगलसूत्र ।

प्रश्‍न 19- हिन्दी का सर्वाधिक नाटककार कौन है।
उत्‍तर - जयशंकर प्रसाद ।

प्रश्‍न 20- तुलसीकृत रामचरित मानस में कौन सी भाषा का प्रयोग किया गया है।
उत्‍तर - अवधी भाषा का प्रयोग किया गया है।

प्रश्‍न 21- एकांकी के जन्मदाता कौन है।
उत्‍तर - धर्मवीर भारती ।

प्रश्‍न 22- मीराबाई ने किस भाव से कृष्ण की उपासना की ।
उत्‍तर - माधुर्य भाव से ।

प्रश्‍न 23- रामचरित मानस का प्रधान रस है।
उत्‍तर - शान्त रस ।

प्रश्‍न 24- सबसे पहले अपनी आत्मकथा हिन्दी में किसने लिखी ।
उत्‍तर - डॉं. राजेन्द्र प्रसाद ने ।

प्रश्‍न 25- हिन्दी कविता का पहला महाकाव्य् कौन सा है।
उत्‍तर - पृथ्वीराज रासो ।

प्रश्‍न 26- हिन्दी के सर्वप्रथम प्रकाशित पत्र का नाम क्या है।
उत्‍तर - उदन्ड मार्तण्ड ।

प्रश्‍न 27- हिन्दी साहित्य की प्रथम कहानी है।
उत्‍तर - इन्दुमती ।

प्रश्‍न 28- आंचलिक रचनाऍं किससे सम्बन्धित होती है।
उत्‍तर - क्षेत्र विषेश से ।

प्रश्‍न 29- पृथ्वीराज रासो किस काल की रचना है ।
उत्‍तर - आदिकाल की ।

प्रश्‍न 30- हिन्दी गद्य का जन्म दाता किसको माना जाता है।
उत्‍तर - भारतेन्दु हरिचन्‍द्र जी को ।

प्रश्‍न 31- कवि कालिदास की ‘अभिज्ञान शाकुन्त‍लम्’ का हिन्दी अनुवाद किसने किया।
उत्‍तर - राजा लक्ष्मणसिंह ने ।

प्रश्‍न 32- पद्य साहित्य को कितने भागों में बॉंटा गया है।
उत्‍तर - पन्द्रह भागों में ।

प्रश्‍न 33- कवि नरेन्द्र शर्मा ने राष्ट्र पिता महात्मा गांधी के निधन से प्रभावित होकर कौन सी रचना की ।
उत्‍तर - रक्त चन्दन की रचना की ।

प्रश्‍न 34- नाट्यशास्त्रकारों द्वारा अमान्य रस कौन सा है।
उत्‍तर - वीभत्स रस ।

प्रश्‍न 35- काव्य शास्त्र का प्राचीनतम नाम क्या था।
उत्‍तर - अलंकार शास्त्र ।

प्रश्‍न 36- रीति सम्प्रदाय के संस्थापक कौन थे।
उत्‍तर - आचार्य वामन ।

प्रश्‍न 37- हिन्दी में काव्य शास्त्र के प्रथम आचार्य कौन है।
उत्‍तर - केशवदास ।

प्रश्‍न 38- साहित्य शब्द् किस शब्द से बना है।
उत्‍तर - सहित शब्द से बना है।

प्रश्‍न 39- हिन्दी साहित्य में जीवनी साहित्य का प्रारम्भ कौन से युग में हुआ ।
उत्‍तर - भारतेंदु युग में ।

प्रश्‍न 40- हिन्‍दी भाषा और सांहित्‍य के लेखक है।
उत्‍तर - श्‍यामसुंदरदास ।

प्रश्‍न 41- मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है । यह किसने कहा ।
उत्‍तर - अरस्तू ने ।

प्रश्‍न 42- भाषा किसे कहते है।
उत्‍तर - मनुष्य अपने मानसिक विचारों की अभिव्यक्ति के लिए जिस माध्यम का प्रयोग करता है। वह भाषा कहलाती है।

प्रश्‍न 43- भाषा शब्द की उत्पत्ति कहॉ से हुई है।
उत्‍तर - भाषा शब्द की उत्पत्ति संस्कृत के भाष धातु से हुई है।

प्रश्‍न 44- सामान्य् शब्दों मे हम भाषा को किस तरह से व्यक्तु करेगे ।
उत्‍तर - भाषा वह साधन है । जिसके द्वारा मनुष्य अपने भावों या विचारों को बोलकर या लिखकर दूसरे मनुष्यो तक पहुँचाता है।

प्रश्‍न 45- भाषा को मोटे रूप में कितने भागों मे बांटा गया है।
उत्‍तर - भाषा को मोटे रूप में 2 भागों मे बांटा गया है।
1. लिखित भाषा
2. मौखिक भाषा

प्रश्‍न 46- हिन्दी भाषा का सम्बंन्ध किस लिपि से है।
उत्‍तर - देवनागरी लिपि से है।

प्रश्‍न 7- बोलने वालो की संख्या की दृष्टि से हिन्दी का विश्व मे कौन सा स्थान है।
उत्‍तर - तीसरा ।

प्रश्‍न 48- सूरदास के काव्य किस भाषा में है।
उत्‍तर - ब्रजभाषा में ।

प्रश्‍न 49- संविधान के किस अनुच्छे्द में कहा गया है – ‘’ संघ की राजभाषा हिन्दी् और लिपि देवनागरी होगी ‘’ ।
उत्‍तर - 343 वें अनुच्छेद में कहॉ गया ।

प्रश्‍न 50- हिन्दी शब्द‍ की व्युात्पात्ति कहॉ से हुई है।
उत्‍तर - सिंधु से ।

प्रश्‍न 51- वर्तमान हिन्दी का प्रचलित रूप कैसा है।
उत्‍तर - खडी बोली ।

प्रश्‍न 52- जिन ध्वनियों के संयोग से शब्दों का निर्माण होता है। उन्हें क्या कहते है।
उत्‍तर - वर्ण ।

प्रश्‍न 53- स्वरों की संख्या कितनी मानी गई है।
उत्‍तर - 11 ।

प्रश्‍न 54- हिन्दी मानक वर्ण माला में कुल कितने वर्ण है।
उत्‍तर - 52 ।

प्रश्‍न 55- अन्तस्थ व्यंजनों की संख्या कितनी है।
उत्‍तर - 4 ।

प्रश्‍न 56- हिन्दी वर्ण माला को कितने भागों में विभक्त किया गया है।
उत्‍तर - दो भागो में ।

प्रश्‍न 57- हिन्दो वर्ण माला में स्पर्श व्यंजनों की संख्या कितनी है।
उत्‍तर - 25 ।

प्रश्‍न 58- मात्रा के आधार पर हिन्दी स्वंरों के दो भेद कौन से है।
उत्‍तर - हस्वर और दीर्घ ।

प्रश्‍न 59- ‘ क्ष ‘ वर्ण किसके योग से बना है।
उत्‍तर - ‘’ क् + ष ‘’ से बना है।

प्रश्‍न 60- हिन्दी वर्ण माला में व्यंजनों की संख्या है।
उत्‍तर - 33 व्यंजन है।

प्रश्‍न 61- सूरदास का काव्‍य किस भाषा में है।
उत्‍तर - ब्रजभाषा में ।

प्रश्‍न 62- हिन्‍दी साहित्‍य सम्‍मेलन प्रयाग की स्‍थापना कब हुई ।
उत्‍तर - 1910 में ।

प्रश्‍न 63- संविधान की आठवीं अनुसूची में उल्‍लेखित भारतीय भाषाओं की संख्‍या है।
उत्‍तर - 22 ।

प्रश्‍न 64- हिन्‍दी की विशिष्‍ट बोली ब्रज भाषा किस रूप में सबसे अधिक प्रसिद्ध है।
उत्‍तर - काव्‍य भाषा ।

प्रश्‍न 65- देवनागरी लिपि किस लिपि का विकसित रूप है।
उत्‍तर - ब्राम्‍ही लिपि ।

प्रश्‍न 66- रामायण महाभारत आदि ग्रन्‍थ कौन सी भाषा में लिखे गये है।
उत्‍तर - आर्यभाषा में ।

प्रश्‍न 67- विद्यापति की प्रसिद्ध रचना पदावली किस भाषा में लिखी गई है।
उत्‍तर - मैथिली में ।

प्रश्‍न 68- भारत में हिन्‍दी का संवैधानिक स्‍वरूप है।
उत्‍तर - राजभाषा । ।

प्रश्‍न 69- जाटू किस बोली का उपनाम है।
उत्‍तर - बॉगरू ।

प्रश्‍न 70- ''एक मनई के दुई बेटवे रहिन'' यह अवतरण हिन्‍दी की किस बोली में है।
उत्‍तर - भोजपुरी से ।

प्रश्‍न 71- हिन्दी का पहला नाटक है।
उत्‍तर - नहुष ।
प्रश्‍न 72- कबीरदास की भाषा थी।
उत्‍तर - सधुक्कडी ।

प्रश्‍न 73- कलम का जादूगर किसे कहा जाता है।
उत्‍तर - रामवृक्ष बेनीपुरी को ।

प्रश्‍न 74- प्रगतिवाद उपयोगितावाद का दूसरा नाम है। यह कथन किसका है।
उत्‍तर - रामविलास शर्मा ।

प्रश्‍न 75- रामचरितमानस में कुल कितने काण्ड है।
उत्‍तर - सात ।

प्रश्‍न 76- हिन्दी साहित्य के इतिहास के रचयिता कौन है।
उत्‍तर - आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ।

प्रश्‍न 77- गीत गोविन्द किस भाषा में है।
उत्‍तर - संस्कृत भाषा में ।

प्रश्‍न 78- लोक नायक किसको कहा जाता है।
उत्‍तर - तुलसीदास जी को ।

प्रश्‍न 79- इन्दिरापति किसे कहा जाता है।
उत्‍तर - विष्णु को ।

प्रश्‍न 80- पंचतंत्र क्या है।
उत्‍तर - कहानी संग्रह ।

22/09/19

pH valu

pH मान [ pH value ] ━━━━━━━━━━━━━━━━━━
 1.जल का pH मान कितना होता है = *7*
 2 . दूध का PH मान कितना होता है = *6.4* 3.सिरके का PH कितना होता है = *3*
 4.मानव रक्त का pH मान = *7.4*
 5. नीबू के रस का pH मान = *2.4*
 6 . NaCl का pH मान = *7*
 7. pH पैमाने का पता किसने लगाया = *सारेन्सन ने*
 8. pH मूल्यांक क्या दर्शाता = *किसी घोल का अम्लीय या क्षारीय होना*
9. अम्लीय घोल का pH मान कितना होता है = *7 से कम*
10. उदासिन घोल का pH मान = *7*
11. शराब का pH मान = *2.8*
12. किसी व्यक्ति के रक्त के pH मान में कितना परिवर्तन होने पर मत्यु हो जाती है = *0.2*
 13. मानव मूत्र का pH मान = *4.8 - 8.4*
 14. समुद्री जल का pH मान = *8.5*
15.आँसू का pH मान = *7.4*
16. मानव लार का pH मान = *6.5 - 7.5*