जस्ट स्वीट
18/06/18
देश तथा उसकी मुद्रा
भारत की मुद्रा रुपया है
पाकिस्तान की मुद्रा रुपया
नेपाल की मुद्रा रुपया
श्रीलंका की मुद्रा रुपया
बांग्लादेश की मुद्रा टका
भूटान की मुद्रा रुपया है
म्यांमार की मुद्रा क्यात
अफगानिस्तान की मुद्रा अफगानि
चीन की मुद्रा युआन
मंगोलिया की मुद्रा तूगरिक
जापान की मुद्रा येन
उत्तर कोरिया की मुद्रा वान
दक्षिण कोरिया की मुद्रा वान
हांगकांग की मुद्रा डॉलर
सिंगापुर की मुद्रा डॉलर
इंडोनेशिया की मुद्रा रुपया
ईरान की मुद्रा रियाल
तुर्की की मुद्रा लीरा
सउदिया अरब की मुद्रा रियाल
लेबनान की मुद्रा पाउंड
कजाकिस्तान की मुद्रा रूबल
कतर की मुद्रा रियाल
मिस्र की मुद्रा पाउंड
दक्षिण अफ्रीका की मुद्रा रेड
लीबिया की मुद्रा दिनार
पाकिस्तान की मुद्रा रुपया
नेपाल की मुद्रा रुपया
श्रीलंका की मुद्रा रुपया
बांग्लादेश की मुद्रा टका
भूटान की मुद्रा रुपया है
म्यांमार की मुद्रा क्यात
अफगानिस्तान की मुद्रा अफगानि
चीन की मुद्रा युआन
मंगोलिया की मुद्रा तूगरिक
जापान की मुद्रा येन
उत्तर कोरिया की मुद्रा वान
दक्षिण कोरिया की मुद्रा वान
हांगकांग की मुद्रा डॉलर
सिंगापुर की मुद्रा डॉलर
इंडोनेशिया की मुद्रा रुपया
ईरान की मुद्रा रियाल
तुर्की की मुद्रा लीरा
सउदिया अरब की मुद्रा रियाल
लेबनान की मुद्रा पाउंड
कजाकिस्तान की मुद्रा रूबल
कतर की मुद्रा रियाल
मिस्र की मुद्रा पाउंड
दक्षिण अफ्रीका की मुद्रा रेड
लीबिया की मुद्रा दिनार
17/06/18
16 जून करेंट अफेयर्स
कोयला मंत्री के रूप में कार्यभार संभाला
डॉक्टर इंद्रजीत सिंह
किस राज्य ने इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास कर रहा है तमिलनाडु
किस राज्य ने नियंत्रण केंद्र का उद्घाटन की
छत्तीसगढ़
आयुष्मान भारत के लिए कितने राज्य ने हस्ताक्षर किए
20 राज्यों ने
डॉक्टर इंद्रजीत सिंह
किस राज्य ने इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास कर रहा है तमिलनाडु
किस राज्य ने नियंत्रण केंद्र का उद्घाटन की
छत्तीसगढ़
आयुष्मान भारत के लिए कितने राज्य ने हस्ताक्षर किए
20 राज्यों ने
यूरोपी फिल्म महोत्सव का आयोजन कौन सा देश करेगा Bharat
नितिन गडकरी ने मानचित्र का विमोचन किया
राष्ट्रपति किस देश के लिए रवाना हुए ग्रीस
नितिन गडकरी ने मानचित्र का विमोचन किया
राष्ट्रपति किस देश के लिए रवाना हुए ग्रीस
11/06/18
सभी देश तथा उसकी राजधानी
देश तथा उसकी राजधानी
भारत की राजधानी -नई दिल्ली
अफगानिस्तान की राजधानी- काबुल
बांग्लादेश की राजधानी -ढाका
भूटान की राजधानी- थिंपू
चीन की राजधानी- बीजिंग
इंडोनेशिया की राजधानी -जकार्ता
ईरान की राजधानी- तेहरान
इराक की राजधानी- बगदाद
इजराइल की राजधानी- तेल अवीव
जापान की राजधानी- टोक्यो
कजाकिस्तान की राजधानी -अलमाटा
दक्षिण कोरिया की राजधानी -सियोल
उत्तर कोरिया की राजधानी- प्योंग प्यांग
कुवैत की राजधानी- कुवैत शहर
मलेशिया की राजधानी- क्वालालंपुर
मालदीव की राजधानी- माले
म्यांमार की राजधानी- नाएपीड़ा
मंगोलिया की राजधानी- उलान बटोर
नेपाल की राजधानी -काठमांडू
पाकिस्तान की राजधानी- इस्लामाबाद
फिलीपींस की राजधानी -मनीला
कतर की राजधानी- दोहा
सऊदी अरब की राजधानी- रियाद
सिंगापुर की राजधानी -सिंगापुर शहर
श्रीलंका की राजधानी- जयवर्धन कोटि
थाईलैंड की राजधानी -बैंकॉक
तुर्की की राजधानी- अंकारा
यमन की राजधानी- साना
वियतनाम की राजधानी- हनोई
सीरिया की राजधानी- दमिश्क
मिस्र की राजधानी -काहिरा
अमेरिका की राजधानी -वाशिंगटन डीसी
ऑस्ट्रेलिया की राजधानी -कैनबरा
ब्रिटेन की राजधानी -लंदन
फ्रांस की राजधानी -पेरिस
रूस की राजधानी- मास्को
कनाडा की राजधानी -ओटावा
न्यूजीलैंड की राजधानी - वेलिंगटन
इटली की राजधानी- रोम
दक्षिण अफ्रीका की राजधानी- पिटोरिया
10/06/18
सख्या कटने नियम
2 से कटने का नियम
अगर किसी संख्या के इकाई का अंक 0 ,2 ,4,6,8 हो तो वह संख्या 2 से विभाजित हो जाएगी जैसे 234 ,240, 222 ,256.
3 से कटने का नियम
अगर किसी संख्या के सभी अंको का योग 3 से कट जाए तो वह संख्या 3 से कट जाएगी जैसे 33, 36, 342
4 से कटने का नियम
यदि इकाई और दहाई का अंक 4:00 से कट जाए तो वह संख्या 4 से विभाजित होगी जैसे 24, 124, 148
5 से कटने का नियम
यदि किसी संख्या के इकाई का अंक 0 और 5 हो तो वह संख्या 5 से कट जाएगी जैसे 25, 30 ,35, 40
6 से कटने का नियम
अगर कोई संख्या 2,3 से कट जाती है तो वह सख्या 6 से कट जायेगी 36,42,24
7 से विभाज्यता का नियम
इकाई के अंक संख्या को दोगुना करने पर संख्या जो प्राप्त होते हैं संख्या से घटाने पर अगर वह 7से कट जाए तो संख्या7 से कट जाएगी 343,255
8 से काटने का नियम
यदि किसी संख्या के लास्ट 3 अंक अगर 8 से कट जाए तो वह संख्या 8से कट जाएगी जैसे 512,4096
9 से कटने का नियम
यदि किसी संख्या के अंको को जोड़ने पर यदि वह 9 से कट जाए तो वह संख्या 9से कट जाएगी जैसे 333 369
11 से कटने का नियम
हर दो अंको को जोड़ने पर पाप्त संख्या का अंतर अगर 11 सेकंड जाए यह 0 आ जाए गोवा संख्या गिर जाएगी जैसे 363, 484, 572
16 से कटने का नियम
यदि किसी संख्या के अंतिम 4 अंक 16 सेकंड जाएं तो वह संख्या 16 से कट जाएगी 1424
अगर कोई संख्या 6 बार लिखी हो तो वह 7,11, 13, 17, 37 से कटेगी जैसे 666666,111111,222222
अगर कोई संख्या 2323,4343,5353,6363, इस प्रकार लिखी हो तो वह संख्या 101 से कटेगी
27 से कटने नियम
यदि सभी संख्याओं का योग 27 से कट जाए वह संख्या 27 से कट जाएगी
09/06/18
भारतीय राज्यों की राजधानी
आंध्र प्रदेश की राजधानी -हैदराबाद
1-हिमाचल प्रदेश की राजधानी- ईटानगर
2-असम की राजधानी- दिसपुर
3-बिहार की राजधानी -पटना
4-छत्तीसगढ़ की राजधानी- रायपुर
5-गोवा की राजधानी- पणजी
6-गुजरात की राजधानी- गांधीनगर
7-हरियाणा की राजधानी- चंडीगढ़
8-हिमाचल प्रदेश की राजधानी- शिमला
9-जम्मू और कश्मीर की राजधानी -श्रीनगर
10-झारखंड की राजधानी- रांची
11-कर्नाटक की राजधानी- बंगलौर
12-केरल की राजधानी- तिरुअनंतपुरम
13-मध्य प्रदेश की राजधानी- भोपाल
14-महाराष्ट्र की राजधानी- मुंबई
15मणिपुर की राजधानी- इंफाल
मेघालय की राजधानी- शिलांग
मिजोरम की राजधानी- ऐजवाल
नागालैंड की राजधानी -कोहिमा
उड़ीसा की राजधानी- भुवनेश्वर
पंजाब की राजधानी -चंडीगढ़
राजस्थान की राजधानी -जयपुर
सिक्किम की राजधानी- गंगटोक
तमिलनाडु की राजधानी -चेन्नई
तेलंगाना की राजधानी- हैदराबाद
त्रिपुरा की राजधानी- अगरतला
उत्तर प्रदेश की राजधानी- लखनऊ
पश्चिम बंगाल की राजधानी- कोलकाता
1-हिमाचल प्रदेश की राजधानी- ईटानगर
2-असम की राजधानी- दिसपुर
3-बिहार की राजधानी -पटना
4-छत्तीसगढ़ की राजधानी- रायपुर
5-गोवा की राजधानी- पणजी
6-गुजरात की राजधानी- गांधीनगर
7-हरियाणा की राजधानी- चंडीगढ़
8-हिमाचल प्रदेश की राजधानी- शिमला
9-जम्मू और कश्मीर की राजधानी -श्रीनगर
10-झारखंड की राजधानी- रांची
11-कर्नाटक की राजधानी- बंगलौर
12-केरल की राजधानी- तिरुअनंतपुरम
13-मध्य प्रदेश की राजधानी- भोपाल
14-महाराष्ट्र की राजधानी- मुंबई
15मणिपुर की राजधानी- इंफाल
मेघालय की राजधानी- शिलांग
मिजोरम की राजधानी- ऐजवाल
नागालैंड की राजधानी -कोहिमा
उड़ीसा की राजधानी- भुवनेश्वर
पंजाब की राजधानी -चंडीगढ़
राजस्थान की राजधानी -जयपुर
सिक्किम की राजधानी- गंगटोक
तमिलनाडु की राजधानी -चेन्नई
तेलंगाना की राजधानी- हैदराबाद
त्रिपुरा की राजधानी- अगरतला
उत्तर प्रदेश की राजधानी- लखनऊ
पश्चिम बंगाल की राजधानी- कोलकाता
स्वेज नहर
स्वेज नहर का निर्माण किसने किया
फ्रांसीसी इंजीनियर फडीनेड डीलेसेप्स ने की
स्वेज नहर का निर्माण किस सन में हुआ
1869 मैं बनकर तैयार हुआ तथा शुरुआत 1860 में हुआ
स्वेज नहर किस सागर को जोड़ती है
यह नहर लाल सागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है
यह नहर बनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी
इंग्लैंड और भारत की दूरी कम करने के लिए
स्वेज नहर बनने से कितनी दूरी कम हुई
यह नहर बनने से 7000 किलोमीटर की दूरी कम हुई
07/06/18
रासायनिक सूत्र
रासायनिक सूत्र
1-साधारण नमक-NaCl
2-बेकिंग सोडा-NaHCO3
3-धोवन सोडा-Na2CO3.10H2O
4- कास्टिक सोडा-NaOH
5- सुहागा-Na2B4O7.10H2O
6-फिटकरी-K2SO4.Al2(SO4)3.24H2O
7- लाल दवा-KMnO4
8-कांस्टिक पोटाश-KOH
9-शोरा-KNO3
10-विरंजक चूर्ण-Ca(OCl).Cl
11- चूने का पानी-Ca(OH)2
12-जिप्सम-CaSO4.2H2O
13-चाक-CaCO3
14-चूने का पत्थर-CaCO3
15- संगमरमर-CaCO3
16- नौसादर-NH4Cl
17-लाफिंग गैस-N2O
18- लिथार्ज-PbO
19- गैलना-PbS
20- लाल सिंदूर-Pb3O4
21- सफेद लेड-2PbCO3.Pb(OH)2
22- नमक का अम्ल-HCl
23- शोरे का अम्ल-HNO3
24-अम्लराज-HNO3+HCl(1:3)
25- शुष्क बर्फ-CO2
26-हरा कसीस-FeSO4.7H2O
27-हाँर्न सिल्वर-AgCl
28-भारी जल-D2O
29- प्रोड्यूशर गैस-CO+N2
30- मार्श गैस-CH4
31- सिरका-CH3COOH
32- गेमेक्सीन-C6H6Cl6
33- कार्बोलिक अम्ल-C6H5OH
34- ऐल्कोहाँल-C2H5OH
35- मण्ड-C6H10O5
36-अंगूर का रस-C6H12O6
37-चीनी-C12H22O11
38- यूरिया-NH2CONH2
39-बेंजीन-C6H6
40- तारपीन का तेल-C10H16
41- फिनाँल-C6H5OH
42- क्लोरोफार्म-CHCI3
1-साधारण नमक-NaCl
2-बेकिंग सोडा-NaHCO3
3-धोवन सोडा-Na2CO3.10H2O
4- कास्टिक सोडा-NaOH
5- सुहागा-Na2B4O7.10H2O
6-फिटकरी-K2SO4.Al2(SO4)3.24H2O
7- लाल दवा-KMnO4
8-कांस्टिक पोटाश-KOH
9-शोरा-KNO3
10-विरंजक चूर्ण-Ca(OCl).Cl
11- चूने का पानी-Ca(OH)2
12-जिप्सम-CaSO4.2H2O
13-चाक-CaCO3
14-चूने का पत्थर-CaCO3
15- संगमरमर-CaCO3
16- नौसादर-NH4Cl
17-लाफिंग गैस-N2O
18- लिथार्ज-PbO
19- गैलना-PbS
20- लाल सिंदूर-Pb3O4
21- सफेद लेड-2PbCO3.Pb(OH)2
22- नमक का अम्ल-HCl
23- शोरे का अम्ल-HNO3
24-अम्लराज-HNO3+HCl(1:3)
25- शुष्क बर्फ-CO2
26-हरा कसीस-FeSO4.7H2O
27-हाँर्न सिल्वर-AgCl
28-भारी जल-D2O
29- प्रोड्यूशर गैस-CO+N2
30- मार्श गैस-CH4
31- सिरका-CH3COOH
32- गेमेक्सीन-C6H6Cl6
33- कार्बोलिक अम्ल-C6H5OH
34- ऐल्कोहाँल-C2H5OH
35- मण्ड-C6H10O5
36-अंगूर का रस-C6H12O6
37-चीनी-C12H22O11
38- यूरिया-NH2CONH2
39-बेंजीन-C6H6
40- तारपीन का तेल-C10H16
41- फिनाँल-C6H5OH
42- क्लोरोफार्म-CHCI3
05/06/18
प्रधानमंत्री
सरकार की संसदीय प्रणाली में, प्रधानमंत्री वास्तविक कार्यकारी (de facto executive) एवं सरकार का मुख्य अध्यक्ष होता है। 1947 से, भाmरत के 14 प्रधानमंत्री रह चुके हैं।
नियुक्ति:
संविधान में प्रधानमंत्री की नियुक्ति प्रक्रिया हेतु कोई विशेष प्रक्रिया नहीं है। सामान्यतः प्रधानमंत्री दल या संधि का नेता होता है जिसका लोकसभा, भारतीय संसद के निचले सदन (lower house) में बहुमत होता है। प्रधानमंत्री, भारत के राष्ट्रपति द्वारा शपथ लेता है। राष्ट्रपति कार्यालय एवं गोपनीयता की शपथ प्रधानमंत्री को दिलवाता है।
जब कोई भी दल निचले सदन में अध्यक्षता न करे या जब भी प्रधानमंत्री की कार्यालय में आकस्मिक मृत्यु हो जाए और उसका कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी न हो तो राष्ट्रपति के पास विवेकाधीन अधिकार होते हैं।
राष्ट्रपति किसी एक व्यक्ति को प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त कर सकता है और फिर उचित समय अंतराल के अधीन उसे निचले सदन (लोकसभा) में उसके बहुमत को साबित करने हेतु कह सकता है। इसके अतिरिक्त, एक व्यक्ति जो दोनों ही सदनों का सदस्य नहीं है, को, छः महीनों के लिए प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया जा सकता है, जिसके अंतर्गत उसे संसद के किसी एक सदन का सदस्य बनना होगा।
नोट: प्रधानमंत्री बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष होना चाहिए |
संयुक्त राज्य की संसद प्रणाली की तरह प्रधानमंत्री पर केवल निचले सदन से ही होने का कोई प्रतिबंध नहीं है। प्रधानमंत्री राज्यसभा का सदस्य भी हो सकता है।
राष्ट्रपति की रजामंदी पर प्रधानमंत्री कार्यालय को संभलता है। यदि निचले सदन में वह बहुमत में असफल रहता है तो उसे त्यागपत्र दे देना चाहिए। इसका अर्थ है कि प्रधानमंत्री का कार्यकाल स्थिर/निर्धारित नहीं होता है। साथ ही उसका वेतन एवं भत्ता भी संसद द्वारा निर्धारित किया जाता है।
वह केन्द्रीय मंत्रिपरिषद का अध्यक्ष होता है। एक पदाधिकारी प्रधानमंत्री के त्यागपत्र या मृत्यु से मंत्री परिषद स्वतः ही विघटित हो जाती है।
वह राष्ट्रपति एवं मंत्रिपरिषद के बीच संचार का प्राथमिक चैनल होता है।
प्रधानमंत्री जिस सदन से संबंध रखता है वह स्वत: ही उसका नेता बन जाता है।
वह नीति आयोग, अंतरराज्यीय परिषद, मंत्रिमंडल समीति इत्यादि का अध्यक्ष होता है।
अनुच्छेद 74: मंत्रियों की एक परिषद होनी चाहिए जिसमें राष्ट्रपति को सहायता एवं सलाह देने हेतु प्रधानमंत्री अध्यक्ष के रूप में हो जो अपने कार्यों के प्रयोग में, इस प्रकार की सलाह के अनुसार कार्य करे। सलाह राष्ट्रपति पर बाध्यकारी होती है। हालांकि राष्ट्रपति इस प्रकार की सलाह पर पुनर्विचार की सिफारिश कर सकता है, किन्तु पुनर्विचार कर दी गई सलाह राष्ट्रपति हेतु बाध्यकारी होती है। यह प्रावधान 42वें एवं 44वें संशोधन अधिनियमों द्वारा जोड़ा गया था।
अनुच्छेद 75: राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की नियुक्ति की जानी चाहिए एवं प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा अन्य मंत्रियों की नियुक्ति की जानी चाहिए।
सामूहिक उत्तरदायित्व के सिद्धांत: लोकसभा हेतु मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से जिम्मेदार होती है। जब लोकसभा में एक अविश्वास प्रस्ताव पारित किया जाता है, तब मंत्रिपरिषद राज्यसभा में सदस्यता के निरपेक्ष पूर्ण रूप से त्यागपत्र देती है। वे एक टीम/समूह के रूप में कार्य करते हैं और साथ में ही सफलता या असफलता का सामना करते हैं। यदि मंत्रिमंडल की बैठक में उनमें मतभेद रहा होगा तब भी मंत्रिमंडल का निर्णय समस्त मंत्रिमंडल के मंत्रियों पर बाध्यकारी होता है।
व्यक्तिगत उत्तरदायित्व का सिद्धांत: इसका अर्थ है कि राष्ट्रपति की रजामंदी के दौरान कार्यालय को मंत्रिपरिषद द्वारा संभाला जा सकता है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर उन्हें पदच्युत कर सकता है। सामूहिक उत्तरदायित्व के नियम को सुरक्षित रखने हेतु व्यक्तिगत उत्तरदायित्व आवश्यक हैं।
कानूनी उत्तरदायित्व: संयुक्त राज्य के असमान भारत में कानूनी उत्तरदायित्व की कोई प्रणाली नहीं है। यह आवश्यक नहीं है कि सार्वजनिक अधिनियम के लिए राष्ट्रपति का आदेश एक मंत्री द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित होना चाहिए।
राष्ट्रपति द्वारा मंत्रियों को कार्यालय एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है। उनके वेतन, भत्तों इत्यादि में संसद द्वारा समय-समय पर संशोधन किया जाता है।
मंत्रिपरिषद, राष्ट्रपति के सामने कार्यालय का कार्यभर संभालती है। उन्हें उनके कार्यालय से प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा किसी भी समय हटाया जा सकता है।
मंत्रिपरिषद की अधिकतम संख्या लोकसभा के सदस्यों की कुल संख्या की 15% तय की गई है। यह 2003 के 91वेंसंशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया है।
कोई भी मंत्री सदन का सदस्य न होने पर भी उसकी प्रक्रिया में भाग ले सकता/सकती है। ऐसी स्थितियों में, मंत्री के पास मतदान प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार नहीं होता है। एक मंत्री के पास संसद या संयुक्त बैठक अधिवेशन की किसी भी समीति की प्रक्रियाओं में बोलने एवं भाग लेने का अधिकार होगा।
एक व्यक्ति जो दोनों सदनों का सदस्य नहीं होता है, उसे छह महीनों हेतु मंत्री के रूप में नियुक्त किया जा सकता है, जिसके अंतर्गत उसे संसद के किसी एक सदन का सदस्य बनना होता है।
अनुच्छेद 74: राष्ट्रपति को सहायता एवं सलाह देने हेतु प्रधानमंत्री के साथ मंत्रियों की एक परिषद होनी चाहिए, जो कि अपने कार्यों को प्रयोग में लाने हेतु, ऐसी सलाह के तदनुरूप कार्य करे।
जब कोई भी दल निचले सदन में अध्यक्षता न करे या जब भी प्रधानमंत्री की कार्यालय में आकस्मिक मृत्यु हो जाए और उसका कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी न हो तो राष्ट्रपति के पास विवेकाधीन अधिकार होते हैं।
राष्ट्रपति किसी एक व्यक्ति को प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त कर सकता है और फिर उचित समय अंतराल के अधीन उसे निचले सदन (लोकसभा) में उसके बहुमत को साबित करने हेतु कह सकता है। इसके अतिरिक्त, एक व्यक्ति जो दोनों ही सदनों का सदस्य नहीं है, को, छः महीनों के लिए प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया जा सकता है, जिसके अंतर्गत उसे संसद के किसी एक सदन का सदस्य बनना होगा।
नोट: प्रधानमंत्री बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष होना चाहिए |
संयुक्त राज्य की संसद प्रणाली की तरह प्रधानमंत्री पर केवल निचले सदन से ही होने का कोई प्रतिबंध नहीं है। प्रधानमंत्री राज्यसभा का सदस्य भी हो सकता है।
राष्ट्रपति की रजामंदी पर प्रधानमंत्री कार्यालय को संभलता है। यदि निचले सदन में वह बहुमत में असफल रहता है तो उसे त्यागपत्र दे देना चाहिए। इसका अर्थ है कि प्रधानमंत्री का कार्यकाल स्थिर/निर्धारित नहीं होता है। साथ ही उसका वेतन एवं भत्ता भी संसद द्वारा निर्धारित किया जाता है।
अधिकार एवं कार्य
वह केन्द्रीय मंत्रिपरिषद का अध्यक्ष होता है। एक पदाधिकारी प्रधानमंत्री के त्यागपत्र या मृत्यु से मंत्री परिषद स्वतः ही विघटित हो जाती है।
वह राष्ट्रपति एवं मंत्रिपरिषद के बीच संचार का प्राथमिक चैनल होता है।
प्रधानमंत्री जिस सदन से संबंध रखता है वह स्वत: ही उसका नेता बन जाता है।
वह नीति आयोग, अंतरराज्यीय परिषद, मंत्रिमंडल समीति इत्यादि का अध्यक्ष होता है।
मंत्री-परिषद
अनुच्छेद 74: मंत्रियों की एक परिषद होनी चाहिए जिसमें राष्ट्रपति को सहायता एवं सलाह देने हेतु प्रधानमंत्री अध्यक्ष के रूप में हो जो अपने कार्यों के प्रयोग में, इस प्रकार की सलाह के अनुसार कार्य करे। सलाह राष्ट्रपति पर बाध्यकारी होती है। हालांकि राष्ट्रपति इस प्रकार की सलाह पर पुनर्विचार की सिफारिश कर सकता है, किन्तु पुनर्विचार कर दी गई सलाह राष्ट्रपति हेतु बाध्यकारी होती है। यह प्रावधान 42वें एवं 44वें संशोधन अधिनियमों द्वारा जोड़ा गया था।
अनुच्छेद 75: राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की नियुक्ति की जानी चाहिए एवं प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा अन्य मंत्रियों की नियुक्ति की जानी चाहिए।
सामूहिक उत्तरदायित्व के सिद्धांत: लोकसभा हेतु मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से जिम्मेदार होती है। जब लोकसभा में एक अविश्वास प्रस्ताव पारित किया जाता है, तब मंत्रिपरिषद राज्यसभा में सदस्यता के निरपेक्ष पूर्ण रूप से त्यागपत्र देती है। वे एक टीम/समूह के रूप में कार्य करते हैं और साथ में ही सफलता या असफलता का सामना करते हैं। यदि मंत्रिमंडल की बैठक में उनमें मतभेद रहा होगा तब भी मंत्रिमंडल का निर्णय समस्त मंत्रिमंडल के मंत्रियों पर बाध्यकारी होता है।
व्यक्तिगत उत्तरदायित्व का सिद्धांत: इसका अर्थ है कि राष्ट्रपति की रजामंदी के दौरान कार्यालय को मंत्रिपरिषद द्वारा संभाला जा सकता है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर उन्हें पदच्युत कर सकता है। सामूहिक उत्तरदायित्व के नियम को सुरक्षित रखने हेतु व्यक्तिगत उत्तरदायित्व आवश्यक हैं।
कानूनी उत्तरदायित्व: संयुक्त राज्य के असमान भारत में कानूनी उत्तरदायित्व की कोई प्रणाली नहीं है। यह आवश्यक नहीं है कि सार्वजनिक अधिनियम के लिए राष्ट्रपति का आदेश एक मंत्री द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित होना चाहिए।
राष्ट्रपति द्वारा मंत्रियों को कार्यालय एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है। उनके वेतन, भत्तों इत्यादि में संसद द्वारा समय-समय पर संशोधन किया जाता है।
मंत्रिपरिषद, राष्ट्रपति के सामने कार्यालय का कार्यभर संभालती है। उन्हें उनके कार्यालय से प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा किसी भी समय हटाया जा सकता है।
मंत्रिपरिषद की अधिकतम संख्या लोकसभा के सदस्यों की कुल संख्या की 15% तय की गई है। यह 2003 के 91वेंसंशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया है।
कोई भी मंत्री सदन का सदस्य न होने पर भी उसकी प्रक्रिया में भाग ले सकता/सकती है। ऐसी स्थितियों में, मंत्री के पास मतदान प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार नहीं होता है। एक मंत्री के पास संसद या संयुक्त बैठक अधिवेशन की किसी भी समीति की प्रक्रियाओं में बोलने एवं भाग लेने का अधिकार होगा।
एक व्यक्ति जो दोनों सदनों का सदस्य नहीं होता है, उसे छह महीनों हेतु मंत्री के रूप में नियुक्त किया जा सकता है, जिसके अंतर्गत उसे संसद के किसी एक सदन का सदस्य बनना होता है।
कार्यवाहक सरकार (Caretaker Government):
सर्वोच्च न्यायालय ने यह अनिवार्य किया है कि ‘लोकसभा के विघटन के बाद भी, मंत्रिपरिषद कार्यालय का पद संभालने का अधिकार नहीं रखती है चूँकि राष्ट्रपति, ‘मंत्रिपरिषद’ के सहयोग एवं सलाह के बिना किसी भी प्रकार के कार्यकारी अधिकारों का प्रयोग नहीं कर सकता है।
मंत्रिपरिषद की रचना
मंत्रिमंडल के मंत्री: सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था विभिन्न मुद्दों पर राष्ट्रपति को सलाह देती है। उनके पास महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो होते हैं एवं वे मंत्रिमंडल की बैठक में उपस्थित रहते हैं| शब्द ‘ मंत्रिमंडल (Cabinet)’ को 44वें संशोधन अधिनियम के माध्यम से संविधान के अनुच्छेद 352 में बताया गया है और इसे ‘अनुच्छेद 75 के तहत नियुक्त प्रधानमंत्री और कैबिनेट रैंक के अन्य मंत्रियों की परिषद’ के रूप में परिभाषित किया गया है|
राज्यमंत्री: वे मंत्रालय के स्वतंत्र विभागों के प्रभारी होते हैं या उन्हें मंत्रिमंडल मंत्रियों की सहायता हेतु नियुक्त किया जाता है। वे मंत्रिमंडल के सदस्य नहीं होते हैं और जब तक आमंत्रित नहीं किया जाए वे इसकी बैठक में उपस्थित नहीं होते हैं।
उप मंत्री: उन्हें स्वतंत्र प्रभार नहीं दिया जाता है और उन्हें मंत्रिमंडल मंत्रियों या राज्य के मंत्रियों की सहायता हेतु नियुक्त किया जाता है।
संसदीय सचिव: वे वरिष्ठ मंत्रियों से उनके संसदीय कर्त्तव्यों में सहायता हेतु जुड़े होते हैं।
मंत्रिपरिषद की रचना
मंत्रिमंडल के मंत्री: सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था विभिन्न मुद्दों पर राष्ट्रपति को सलाह देती है। उनके पास महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो होते हैं एवं वे मंत्रिमंडल की बैठक में उपस्थित रहते हैं| शब्द ‘ मंत्रिमंडल (Cabinet)’ को 44वें संशोधन अधिनियम के माध्यम से संविधान के अनुच्छेद 352 में बताया गया है और इसे ‘अनुच्छेद 75 के तहत नियुक्त प्रधानमंत्री और कैबिनेट रैंक के अन्य मंत्रियों की परिषद’ के रूप में परिभाषित किया गया है|
राज्यमंत्री: वे मंत्रालय के स्वतंत्र विभागों के प्रभारी होते हैं या उन्हें मंत्रिमंडल मंत्रियों की सहायता हेतु नियुक्त किया जाता है। वे मंत्रिमंडल के सदस्य नहीं होते हैं और जब तक आमंत्रित नहीं किया जाए वे इसकी बैठक में उपस्थित नहीं होते हैं।
उप मंत्री: उन्हें स्वतंत्र प्रभार नहीं दिया जाता है और उन्हें मंत्रिमंडल मंत्रियों या राज्य के मंत्रियों की सहायता हेतु नियुक्त किया जाता है।
संसदीय सचिव: वे वरिष्ठ मंत्रियों से उनके संसदीय कर्त्तव्यों में सहायता हेतु जुड़े होते हैं।
04/06/18
पर्यावरण दिवस
पर्यावरण का अर्थ
पर्यावरण शब्द परि तथा आवरण के योग से मिलकर बना है परी का अर्थ है चारों तरफ तथा आवरण का अर्थ है ढका हुआ अर्थात पर्यावरण वह सब कुछ है जिससे हम ढके हुए हैं जैसे पहाड़ नदी समुद्र आदि
2-सर्वप्रथम पर्यावरण दिवस कब मनाया गया था
1972 को
1,-पर्यावरण दिवस कब मनाते हैं
5 जून को
3-किस प्रधानमंत्री के कार्य काल में पर्यावरण दिवस मनाया गया
इंदिरा गांधी
4-पर्यावरण संरक्षण अधिनियम कब लागू हुआ
1928, 19 नवंबर
5 पर्यावरण दिवस का इतिहास।
इसका संचालन संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम ज्यादा किया जाता है इसका मुख्यालय केन्या है इसकी स्थापना 1972 में हुई तथा 1973 में इसे पहली बार मनाया गया सर्वप्रथम 133 देशों ने भाग लिया
6-2018 का थीम
beat plastic pollution
इस साल 45 विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है
पर्यावरण दिवस मनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी
धनपतगंज पेड़ों की कटाई होने के के कारण तापमान में वृद्धि तथा जानवरों की संख्या में कमी हो रही है जैसे- गौरैया ् चीता, शेर
पेड़ों की कटाई से पानी नहीं बरस रहा तथा ग्लेशियर पीघल रहे हैं जिससे बाढ़ ,जलभराव आज समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं
पेड़ों की कटाई से पानी नहीं बरस रहा तथा ग्लेशियर पीघल रहे हैं जिससे बाढ़ ,जलभराव आज समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं
गौरैया दिवस
20 मार्च को हम गौरैया दिवस मनाते हैं दिन पति दिन गौरैया संख्या में कमी होने के कारण गौरैया की संख्या में कमी आ रही है इसी को बचाने के लिए गौरैया दिवस मनाते हैं यह पर्यावरण की देन है
Parihar karne ke liye kya karna chahiye
1-पेड़ पौधे लगाना चाहिए
2-पेड़ पौधे नहीं काटना चाहिए
३-जिवो का शिकार नहीं करना चाहिए
प्रदूषण कम करना चाहिए
4-पानी बर्बाद नहीं करना चाहिए
भारत संविधान की संरचना कितने देशों है
भारत के संविधान की संरचना 10 देशों से प्रभावित है 10 देशों की सूची में अमेरिका, ब्रिटेन ,रूस, जापान ,ऑस्ट्रेलिया ,कनाडा, जर्मनी, आयरलैंड ,साउथ अफ्रीका, तथा फ्रांस है
01/06/18
उपनाम
उपनाम-
का पेरिस - जयपुर
21-साल्ट सिटी - गुजरात
22-सोया प्रदेश - मध्यप्रदेश
23- त्योहारों का नगर - मदुरै
24-स्वर्ण मंदिर का शहर -
25- अमृतसर महलों का शहर - कोलकाता
26-नवाबों का शहर - लखनउ
27-इस्पात नगरी - जमशेदपुर
28-पर्वतों की रानी - मसूरी
29-रैलियों का नगर - नई दिल्ली
30-अरब सागर की रानी - कोच्चि
,31-भारत का स्विट्जरलैण्ड - कश्मीर
32-पूर्व का स्कॉटलैण्ड - मेघालय
33-उत्तर भारत का मैनचेस्टर - कानपुर
34-मंदिरों एवं घाटों का नगर - वाराणसी
35-धान की डलिया- छत्तीसगढ
36-भारत का पेरिस - जयपुर
37-मेघों का घर - मेघालय
38-बगीचों का शहर - कपूरथला
39- पृथ्वी का स्वर्ग - श्रीनगर
40-पहाडों की नगरी - डुुंगरपुर
41-भारत का उद्यान - बंगलौर
42-भारत का वोस्टन - अहमदाबाद
43-गोल्डन सिटी - अमृतसर
44-सूती वस्त्रों की राजधानी - मुम्बई
45-मलय का देश - कर्नाटक
46- सर्वाधिक प्रदूषित नदी - साबरमती
47-दक्षिण भारत की गंगा - कावेरी
48- काली नदी
- शारदा
49-ब्लू माउण्टेन - नीलगिरि
49- एशिया की अण्डों की टोकरी - आन्ध्र प्रदेश
50-राजस्थान का हदय - अजमेर
51-सुरमा नगरी - बरेली
52-खुशबुओं का शहर - कन्नौज
53-काशी की बहन - गाजीपुर
54- लीची नगर - देहरादून
55- राजस्थान का शिमला - माउण्ट आब
56- सुपर प्रसारित नगर - चेन्नई
57-कर्नाटक का रत्न - मैसूर
58- पवित्र नदी - गंगा
59- बिहार का शोक - कोसी
60- वृद्ध गंगा - गोदावरी
61-पश्चिम बंगाल का शोक - दामोदर
62-कोट्टायम की दादी - मलयाला
63-जुडवॉं नगर - हैदराबाद,
64-ताला नगरी- अलीगढ
65-राष्ट्रीय राजमार्गों का चौराहा - कानपुर
66-पेठा नगरी - आगरा
67-भारत का टॉलीवुड - कोलकाता
68-वन नगर - देहरादून
69-सूर्य नगरी - जोधपुर
70-राजस्थान का गौरव - चितौडगढ
71-कोयला नगरी - धनबाद
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31/05/18
मुहावरा
महत्वपूर्ण मुहावरे:
अगर-मगर करना -(टालमटोल करना) -अगर-मगर करने से अब काम चलने वाला नहीं है। बंधु !
अंगारे बरसाना-(अत्यंत गुस्से से देखना) -अभिमन्यु वध की सूचना पाते ही अर्जुन के नेत्र अंगारे बरसाने लगे।
आड़े हाथों लेना - (अच्छी तरह काबू करना) - श्रीकृष्ण ने कंस को आड़े हाथों लिया।
आकाश से बातें करना- (बहुत ऊँचा होना) - टी.वी.टावर तो आकाश से बाते करती है।
ईद का चाँद-(बहुत कम दीखना)- मित्र आजकल तो तुम ईद का चाँद हो गए हो, कहाँ रहते हो ?
उँगली पर नचाना-(वश में करना)-आजकल की औरतें अपने पतियों को उँगलियों पर नचाती हैं।
कलई खुलना-(रहस्य प्रकट हो जाना)-उसने तो तुम्हारी कलई खोलकर रख दी।
काम तमाम करना-(मार देना)- रानी लक्ष्मीबाई ने पीछा करने वाले दोनों अंग्रेजों का काम तमाम कर दिया।
कुत्ते की मौत करना-(बुरी तरह से मरना)-राष्ट्रद्रोही सदा कुत्ते की मौत मरते हैं।
कोल्हू का बैल-(निरंतर काम में लगे रहना)- कोल्हू का बैल बनकर भी लोग आज भरपेट भोजन नहीं पा सकते। ::खाक छानना-(दर-दर भटकना)-खाक छानने से तो अच्छा है एक जगह जमकर काम करो।
गड़े मुरदे उखाड़ना-(पिछली बातों को याद करना)- गड़े मुरदे उखाड़ने से तो अच्छा है कि अब हम चुप हो जाएँ।
गुलछर्रे उड़ाना-(मौज करना)- आजकल तुम तो दूसरे के माल पर गुलछर्रे उड़ा रहे हो।
घास खोदना-(फुजूल समय बिताना)-सारी उम्र तुमने घास ही खोदी है।
चंपत होना-(भाग जाना)- चोर पुलिस को देखते ही चंपत हो गए।
चौकड़ी भरना-(छलाँगे लगाना)- हिरन चौकड़ी भरते हुए कहीं से कहीं जा पहुँचे।
छक्के छुडा़ना-(बुरी तरह पराजित करना)- पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गोरी के छक्के छुड़ा दिए।
टका-सा जवाब देना-(कोरा उत्तर देना)-आशा थी कि कहीं वह मेरी जीविका का प्रबंध कर देगा, पर उसने तो देखते ही टका-सा जवाब दे दिया।
टोपी उछालना-(अपमानित करना)- मेरी टोपी उछालने से उसे क्या मिलेगा?
तलवे चाटने-(खुशामद करना)- तलवे चाटकर नौकरी करने से तो कहीं डूब मरना अच्छा है।
थाली का बैंगन-(अस्थिर विचार वाला)-जो लोग थाली के बैगन होते हैं, वे किसी के सच्चे मित्र नहीं होते।
दाने-दाने को तरसना-(अत्यंत गरीब होना)- बचपन में मैं दाने-दाने को तरसता फिरा, आज ईश्वर की कृपा है।
दौड़-धूप करना-(कठोर श्रम करना)-आज के युग में दौड़-धूप करने से ही कुछ काम बन पाता है।
- पानी भरना -(तुच्छ लगना) - तुमने तो जीवन-भर पानी ही भरा है।
- अँगूठा दिखाना -(देने से साफ इनकार कर देना) - सेठ रामलाल ने धर्मशाला के लिए पाँच हजार रुपए दान देने को कहा था, किन्तु जब मैनेजर उनसे मांगने गया तो उन्होंने अँगूठा दिखा दिया।
अगर-मगर करना -(टालमटोल करना) -अगर-मगर करने से अब काम चलने वाला नहीं है। बंधु !
अंगारे बरसाना-(अत्यंत गुस्से से देखना) -अभिमन्यु वध की सूचना पाते ही अर्जुन के नेत्र अंगारे बरसाने लगे।
आड़े हाथों लेना - (अच्छी तरह काबू करना) - श्रीकृष्ण ने कंस को आड़े हाथों लिया।
आकाश से बातें करना- (बहुत ऊँचा होना) - टी.वी.टावर तो आकाश से बाते करती है।
ईद का चाँद-(बहुत कम दीखना)- मित्र आजकल तो तुम ईद का चाँद हो गए हो, कहाँ रहते हो ?
उँगली पर नचाना-(वश में करना)-आजकल की औरतें अपने पतियों को उँगलियों पर नचाती हैं।
कलई खुलना-(रहस्य प्रकट हो जाना)-उसने तो तुम्हारी कलई खोलकर रख दी।
काम तमाम करना-(मार देना)- रानी लक्ष्मीबाई ने पीछा करने वाले दोनों अंग्रेजों का काम तमाम कर दिया।
कुत्ते की मौत करना-(बुरी तरह से मरना)-राष्ट्रद्रोही सदा कुत्ते की मौत मरते हैं।
कोल्हू का बैल-(निरंतर काम में लगे रहना)- कोल्हू का बैल बनकर भी लोग आज भरपेट भोजन नहीं पा सकते। ::खाक छानना-(दर-दर भटकना)-खाक छानने से तो अच्छा है एक जगह जमकर काम करो।
गड़े मुरदे उखाड़ना-(पिछली बातों को याद करना)- गड़े मुरदे उखाड़ने से तो अच्छा है कि अब हम चुप हो जाएँ।
गुलछर्रे उड़ाना-(मौज करना)- आजकल तुम तो दूसरे के माल पर गुलछर्रे उड़ा रहे हो।
घास खोदना-(फुजूल समय बिताना)-सारी उम्र तुमने घास ही खोदी है।
चंपत होना-(भाग जाना)- चोर पुलिस को देखते ही चंपत हो गए।
चौकड़ी भरना-(छलाँगे लगाना)- हिरन चौकड़ी भरते हुए कहीं से कहीं जा पहुँचे।
छक्के छुडा़ना-(बुरी तरह पराजित करना)- पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गोरी के छक्के छुड़ा दिए।
टका-सा जवाब देना-(कोरा उत्तर देना)-आशा थी कि कहीं वह मेरी जीविका का प्रबंध कर देगा, पर उसने तो देखते ही टका-सा जवाब दे दिया।
टोपी उछालना-(अपमानित करना)- मेरी टोपी उछालने से उसे क्या मिलेगा?
तलवे चाटने-(खुशामद करना)- तलवे चाटकर नौकरी करने से तो कहीं डूब मरना अच्छा है।
थाली का बैंगन-(अस्थिर विचार वाला)-जो लोग थाली के बैगन होते हैं, वे किसी के सच्चे मित्र नहीं होते।
दाने-दाने को तरसना-(अत्यंत गरीब होना)- बचपन में मैं दाने-दाने को तरसता फिरा, आज ईश्वर की कृपा है।
दौड़-धूप करना-(कठोर श्रम करना)-आज के युग में दौड़-धूप करने से ही कुछ काम बन पाता है।
29/05/18
अम्लों के प्राकृतिक स्रोत
फॉर्मिक एसिड-लाल चींटी, बिच्छू के डंक में
ऐसीटिक एसिड- खट्टे फलों में नींबू में तथा संतरे में
- लेक्ट्रिक एसिड - दूध में
- ऑक्सैलिक अम्ल- टमाटर में
- एस्कार्बिक अम्ल (विटामिन सी)
- सल्फ्यूरिक एसिड-हरा कसीस में
- यूरिक एसिड -मूत्र
- ऐसीटिक अम्ल-सिरका में, फलों के रस में
- नाइट्रिक एसिड- फिटकरी में
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