भारत के संविधान की संरचना 10 देशों से प्रभावित है 10 देशों की सूची में अमेरिका, ब्रिटेन ,रूस, जापान ,ऑस्ट्रेलिया ,कनाडा, जर्मनी, आयरलैंड ,साउथ अफ्रीका, तथा फ्रांस है
जस्ट स्वीट
04/06/18
01/06/18
उपनाम
उपनाम-
का पेरिस - जयपुर
21-साल्ट सिटी - गुजरात
22-सोया प्रदेश - मध्यप्रदेश
23- त्योहारों का नगर - मदुरै
24-स्वर्ण मंदिर का शहर -
25- अमृतसर महलों का शहर - कोलकाता
26-नवाबों का शहर - लखनउ
27-इस्पात नगरी - जमशेदपुर
28-पर्वतों की रानी - मसूरी
29-रैलियों का नगर - नई दिल्ली
30-अरब सागर की रानी - कोच्चि
,31-भारत का स्विट्जरलैण्ड - कश्मीर
32-पूर्व का स्कॉटलैण्ड - मेघालय
33-उत्तर भारत का मैनचेस्टर - कानपुर
34-मंदिरों एवं घाटों का नगर - वाराणसी
35-धान की डलिया- छत्तीसगढ
36-भारत का पेरिस - जयपुर
37-मेघों का घर - मेघालय
38-बगीचों का शहर - कपूरथला
39- पृथ्वी का स्वर्ग - श्रीनगर
40-पहाडों की नगरी - डुुंगरपुर
41-भारत का उद्यान - बंगलौर
42-भारत का वोस्टन - अहमदाबाद
43-गोल्डन सिटी - अमृतसर
44-सूती वस्त्रों की राजधानी - मुम्बई
45-मलय का देश - कर्नाटक
46- सर्वाधिक प्रदूषित नदी - साबरमती
47-दक्षिण भारत की गंगा - कावेरी
48- काली नदी
- शारदा
49-ब्लू माउण्टेन - नीलगिरि
49- एशिया की अण्डों की टोकरी - आन्ध्र प्रदेश
50-राजस्थान का हदय - अजमेर
51-सुरमा नगरी - बरेली
52-खुशबुओं का शहर - कन्नौज
53-काशी की बहन - गाजीपुर
54- लीची नगर - देहरादून
55- राजस्थान का शिमला - माउण्ट आब
56- सुपर प्रसारित नगर - चेन्नई
57-कर्नाटक का रत्न - मैसूर
58- पवित्र नदी - गंगा
59- बिहार का शोक - कोसी
60- वृद्ध गंगा - गोदावरी
61-पश्चिम बंगाल का शोक - दामोदर
62-कोट्टायम की दादी - मलयाला
63-जुडवॉं नगर - हैदराबाद,
64-ताला नगरी- अलीगढ
65-राष्ट्रीय राजमार्गों का चौराहा - कानपुर
66-पेठा नगरी - आगरा
67-भारत का टॉलीवुड - कोलकाता
68-वन नगर - देहरादून
69-सूर्य नगरी - जोधपुर
70-राजस्थान का गौरव - चितौडगढ
71-कोयला नगरी - धनबाद
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31/05/18
मुहावरा
महत्वपूर्ण मुहावरे:
अगर-मगर करना -(टालमटोल करना) -अगर-मगर करने से अब काम चलने वाला नहीं है। बंधु !
अंगारे बरसाना-(अत्यंत गुस्से से देखना) -अभिमन्यु वध की सूचना पाते ही अर्जुन के नेत्र अंगारे बरसाने लगे।
आड़े हाथों लेना - (अच्छी तरह काबू करना) - श्रीकृष्ण ने कंस को आड़े हाथों लिया।
आकाश से बातें करना- (बहुत ऊँचा होना) - टी.वी.टावर तो आकाश से बाते करती है।
ईद का चाँद-(बहुत कम दीखना)- मित्र आजकल तो तुम ईद का चाँद हो गए हो, कहाँ रहते हो ?
उँगली पर नचाना-(वश में करना)-आजकल की औरतें अपने पतियों को उँगलियों पर नचाती हैं।
कलई खुलना-(रहस्य प्रकट हो जाना)-उसने तो तुम्हारी कलई खोलकर रख दी।
काम तमाम करना-(मार देना)- रानी लक्ष्मीबाई ने पीछा करने वाले दोनों अंग्रेजों का काम तमाम कर दिया।
कुत्ते की मौत करना-(बुरी तरह से मरना)-राष्ट्रद्रोही सदा कुत्ते की मौत मरते हैं।
कोल्हू का बैल-(निरंतर काम में लगे रहना)- कोल्हू का बैल बनकर भी लोग आज भरपेट भोजन नहीं पा सकते। ::खाक छानना-(दर-दर भटकना)-खाक छानने से तो अच्छा है एक जगह जमकर काम करो।
गड़े मुरदे उखाड़ना-(पिछली बातों को याद करना)- गड़े मुरदे उखाड़ने से तो अच्छा है कि अब हम चुप हो जाएँ।
गुलछर्रे उड़ाना-(मौज करना)- आजकल तुम तो दूसरे के माल पर गुलछर्रे उड़ा रहे हो।
घास खोदना-(फुजूल समय बिताना)-सारी उम्र तुमने घास ही खोदी है।
चंपत होना-(भाग जाना)- चोर पुलिस को देखते ही चंपत हो गए।
चौकड़ी भरना-(छलाँगे लगाना)- हिरन चौकड़ी भरते हुए कहीं से कहीं जा पहुँचे।
छक्के छुडा़ना-(बुरी तरह पराजित करना)- पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गोरी के छक्के छुड़ा दिए।
टका-सा जवाब देना-(कोरा उत्तर देना)-आशा थी कि कहीं वह मेरी जीविका का प्रबंध कर देगा, पर उसने तो देखते ही टका-सा जवाब दे दिया।
टोपी उछालना-(अपमानित करना)- मेरी टोपी उछालने से उसे क्या मिलेगा?
तलवे चाटने-(खुशामद करना)- तलवे चाटकर नौकरी करने से तो कहीं डूब मरना अच्छा है।
थाली का बैंगन-(अस्थिर विचार वाला)-जो लोग थाली के बैगन होते हैं, वे किसी के सच्चे मित्र नहीं होते।
दाने-दाने को तरसना-(अत्यंत गरीब होना)- बचपन में मैं दाने-दाने को तरसता फिरा, आज ईश्वर की कृपा है।
दौड़-धूप करना-(कठोर श्रम करना)-आज के युग में दौड़-धूप करने से ही कुछ काम बन पाता है।
- पानी भरना -(तुच्छ लगना) - तुमने तो जीवन-भर पानी ही भरा है।
- अँगूठा दिखाना -(देने से साफ इनकार कर देना) - सेठ रामलाल ने धर्मशाला के लिए पाँच हजार रुपए दान देने को कहा था, किन्तु जब मैनेजर उनसे मांगने गया तो उन्होंने अँगूठा दिखा दिया।
अगर-मगर करना -(टालमटोल करना) -अगर-मगर करने से अब काम चलने वाला नहीं है। बंधु !
अंगारे बरसाना-(अत्यंत गुस्से से देखना) -अभिमन्यु वध की सूचना पाते ही अर्जुन के नेत्र अंगारे बरसाने लगे।
आड़े हाथों लेना - (अच्छी तरह काबू करना) - श्रीकृष्ण ने कंस को आड़े हाथों लिया।
आकाश से बातें करना- (बहुत ऊँचा होना) - टी.वी.टावर तो आकाश से बाते करती है।
ईद का चाँद-(बहुत कम दीखना)- मित्र आजकल तो तुम ईद का चाँद हो गए हो, कहाँ रहते हो ?
उँगली पर नचाना-(वश में करना)-आजकल की औरतें अपने पतियों को उँगलियों पर नचाती हैं।
कलई खुलना-(रहस्य प्रकट हो जाना)-उसने तो तुम्हारी कलई खोलकर रख दी।
काम तमाम करना-(मार देना)- रानी लक्ष्मीबाई ने पीछा करने वाले दोनों अंग्रेजों का काम तमाम कर दिया।
कुत्ते की मौत करना-(बुरी तरह से मरना)-राष्ट्रद्रोही सदा कुत्ते की मौत मरते हैं।
कोल्हू का बैल-(निरंतर काम में लगे रहना)- कोल्हू का बैल बनकर भी लोग आज भरपेट भोजन नहीं पा सकते। ::खाक छानना-(दर-दर भटकना)-खाक छानने से तो अच्छा है एक जगह जमकर काम करो।
गड़े मुरदे उखाड़ना-(पिछली बातों को याद करना)- गड़े मुरदे उखाड़ने से तो अच्छा है कि अब हम चुप हो जाएँ।
गुलछर्रे उड़ाना-(मौज करना)- आजकल तुम तो दूसरे के माल पर गुलछर्रे उड़ा रहे हो।
घास खोदना-(फुजूल समय बिताना)-सारी उम्र तुमने घास ही खोदी है।
चंपत होना-(भाग जाना)- चोर पुलिस को देखते ही चंपत हो गए।
चौकड़ी भरना-(छलाँगे लगाना)- हिरन चौकड़ी भरते हुए कहीं से कहीं जा पहुँचे।
छक्के छुडा़ना-(बुरी तरह पराजित करना)- पृथ्वीराज चौहान ने मुहम्मद गोरी के छक्के छुड़ा दिए।
टका-सा जवाब देना-(कोरा उत्तर देना)-आशा थी कि कहीं वह मेरी जीविका का प्रबंध कर देगा, पर उसने तो देखते ही टका-सा जवाब दे दिया।
टोपी उछालना-(अपमानित करना)- मेरी टोपी उछालने से उसे क्या मिलेगा?
तलवे चाटने-(खुशामद करना)- तलवे चाटकर नौकरी करने से तो कहीं डूब मरना अच्छा है।
थाली का बैंगन-(अस्थिर विचार वाला)-जो लोग थाली के बैगन होते हैं, वे किसी के सच्चे मित्र नहीं होते।
दाने-दाने को तरसना-(अत्यंत गरीब होना)- बचपन में मैं दाने-दाने को तरसता फिरा, आज ईश्वर की कृपा है।
दौड़-धूप करना-(कठोर श्रम करना)-आज के युग में दौड़-धूप करने से ही कुछ काम बन पाता है।
29/05/18
अम्लों के प्राकृतिक स्रोत
फॉर्मिक एसिड-लाल चींटी, बिच्छू के डंक में
ऐसीटिक एसिड- खट्टे फलों में नींबू में तथा संतरे में
- लेक्ट्रिक एसिड - दूध में
- ऑक्सैलिक अम्ल- टमाटर में
- एस्कार्बिक अम्ल (विटामिन सी)
- सल्फ्यूरिक एसिड-हरा कसीस में
- यूरिक एसिड -मूत्र
- ऐसीटिक अम्ल-सिरका में, फलों के रस में
- नाइट्रिक एसिड- फिटकरी में
28/05/18
नोबेल पुरस्कार
नोबेल पुरस्कार किसकी याद में दिया जाता है
अल्फ्रेड नोबेल
नोबेल पुरस्कार की शुरुआत कब हुई
1901
नोबेल पुरस्कार कितने क्षेत्रों में दिया जाता है
6 क्षेत्र में दिया जाता है शांति, साहित्य, भौतिकी ,रसायन, चिकित्सा ,अर्थशास्त्र
नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले को कितने रुपए मिलते हैं
1400000 डालर
अल्फ्रेड नोबेल ने कितने आविष्कार किया था
हल्का नंबर 255 आविष्कार किया था डायनामाइट उसका मुख्य आविष्कार था 1896 से पहले उन्होंने बहुत से पैसा बैंक में जमा कर दिया हर साल इसी की के ब्याज से जो पैसा मिलता है उसी से पैसा दिया जाता है
नोबेल फाउंडेशन की स्थापना -
29 जून 1900
अर्थशास्त्र क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार कब से शुरू हुआ
1968
पहला नोबेल शांति पुस्तक कब शुरू हुआ
1901 मैं रेडक्रॉस के संस्थापक ज्या हैया दुनात और फ्रेंच सोसाइटी
27/05/18
ब्रह्मांड
*ब्रहमांड के बारे में
1. वेसे तो ब्रह्माण्ड का व्यास(Diameter) अनंत है। लेकिन एक रिसर्च के मुताबिक यूनिवर्स का व्यास करीब 91 अरब प्रकाश वर्ष है।
2. आकाश-गंगा की एक परिक्रमा को पूरी करने में सूर्य को लगभग 25 करोड़ साल लगते हैं। 25 करोड़ साल की इस लम्बी अवधि को ब्रह्माण्ड-वर्ष या कॉस्मिक-इयर (Cosmic-Year) के नाम से जाना जाता है।
3. ब्रह्माण्ड में करीब 10 अरब- खरब तारे है। या ज़्यादा भी हो सकते है।
4. कुछ साइंटिस्टो की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रह्मांड का एक तारा सन् 2029 में पृथ्वी से टकराने वाला है।
5. ब्रह्माण्ड में सूर्य से भी कई गुना बड़े कई तारे है।
6. हमारे सौरमंडल का सबसे ऊँचा पहाड़ मंगल गृह पर है जिसके सामने एवेरेस्ट की चोटी बहुत छोटी है।
7. एक रिपोर्ट की माने तो आज से करीब 3 अरब साल बाद हमारी आकाशगंगा किसी और आकाशगंगा के टकराकर नष्ट हो जाएंगी। .
8. ब्रह्मांड में पृथ्वी जैसे कई करोड़ो गृह हो सकते है। 9. हमारी आकाशगंगा का नाम मंदाकिनी(Milky way) है।
10. एस्ट्रोनॉट्स की माने तो अंतरिक्ष में सुगंध वेल्डिंग के धुँए या गर्म धातु जैसी आती है।
11. पृथ्वी से 10,000 प्रकाश वर्ष दूर एक विशाल बादल है जो अनगिनत शराब से भरा है।
12. हमारा 90% शरीर तारो के तत्वो(Stardust) से बना है।
13. ब्रम्हाण्ड में हर रोज़ करीब 275 मिलियन तारे जन्म लेते है।
14. हमारा सौरमंडल को मन्दाकिनी(Milky Way) का चक्कर लगाने में करीब 225 मिलियन साल लगते है।
15. Dianosour के युग में 22 घंटे का दिन हुआ करता था।
16. पृथ्वी की गति हर 100 वर्षो में घटते जा रही है। करीब 17 मिलिसेकंद/100 वर्ष ।
17. हमारे खून के अंदर के आयरन का जन्म अरबो साल पहले किसी तारे में अरबो किलोमीटर दूर हुआ था।
18. हमारी पृथ्वी से 33 प्रकाश वर्ष दूर एक exoplanet है जो पूरी तरह से जलती हुई बर्फ से ढका हुआ है।
19. यदि आप एक ब्लैक होल में होते और अंदर से बाहर देखते, तो आकाश के एक छोटे पैच में पूरे ब्रह्मांड को देखने के साथ-साथ अपने सर का पिछला हिस्सा भी देख पाते।.
20. हमारी आकाशगंगा के केंद्र में बदबू रम की तरह आती है।
21. गैलेलियो वह पहला शख्स था जिसने टेलिस्कोप से अंतरिक्ष को अपनी आँखों से देखा था।
22. अंतरिक्ष में किसी प्रकार की कोई आवाज़ नहीं है।
23. अगर आप ब्रह्मांड में कही से भी सफर शूरू करेंगे और सीधा जाएंगे तो आप वापस उसी जगह पर आ जाएंगे लेकिन आपको ब्रह्मांड का कोई दूसरा छोर नहीं मिलेंगा।
24. काला पदार्थ(Dark Matter) वह गोंद है जो ब्रह्मांड को जोड़े रखता है और जिसे मापा नहीं जा सकता।
25. दो सितारों के बीच की औसत दुरी करीब 20 मिलियन मिलियन माइल्स है।
आकाशगंगा में रहते हैं उसे मिल्की वे कहते हैं
1. वेसे तो ब्रह्माण्ड का व्यास(Diameter) अनंत है। लेकिन एक रिसर्च के मुताबिक यूनिवर्स का व्यास करीब 91 अरब प्रकाश वर्ष है।
2. आकाश-गंगा की एक परिक्रमा को पूरी करने में सूर्य को लगभग 25 करोड़ साल लगते हैं। 25 करोड़ साल की इस लम्बी अवधि को ब्रह्माण्ड-वर्ष या कॉस्मिक-इयर (Cosmic-Year) के नाम से जाना जाता है।
3. ब्रह्माण्ड में करीब 10 अरब- खरब तारे है। या ज़्यादा भी हो सकते है।
4. कुछ साइंटिस्टो की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रह्मांड का एक तारा सन् 2029 में पृथ्वी से टकराने वाला है।
5. ब्रह्माण्ड में सूर्य से भी कई गुना बड़े कई तारे है।
6. हमारे सौरमंडल का सबसे ऊँचा पहाड़ मंगल गृह पर है जिसके सामने एवेरेस्ट की चोटी बहुत छोटी है।
7. एक रिपोर्ट की माने तो आज से करीब 3 अरब साल बाद हमारी आकाशगंगा किसी और आकाशगंगा के टकराकर नष्ट हो जाएंगी। .
8. ब्रह्मांड में पृथ्वी जैसे कई करोड़ो गृह हो सकते है। 9. हमारी आकाशगंगा का नाम मंदाकिनी(Milky way) है।
10. एस्ट्रोनॉट्स की माने तो अंतरिक्ष में सुगंध वेल्डिंग के धुँए या गर्म धातु जैसी आती है।
11. पृथ्वी से 10,000 प्रकाश वर्ष दूर एक विशाल बादल है जो अनगिनत शराब से भरा है।
12. हमारा 90% शरीर तारो के तत्वो(Stardust) से बना है।
13. ब्रम्हाण्ड में हर रोज़ करीब 275 मिलियन तारे जन्म लेते है।
14. हमारा सौरमंडल को मन्दाकिनी(Milky Way) का चक्कर लगाने में करीब 225 मिलियन साल लगते है।
15. Dianosour के युग में 22 घंटे का दिन हुआ करता था।
16. पृथ्वी की गति हर 100 वर्षो में घटते जा रही है। करीब 17 मिलिसेकंद/100 वर्ष ।
17. हमारे खून के अंदर के आयरन का जन्म अरबो साल पहले किसी तारे में अरबो किलोमीटर दूर हुआ था।
18. हमारी पृथ्वी से 33 प्रकाश वर्ष दूर एक exoplanet है जो पूरी तरह से जलती हुई बर्फ से ढका हुआ है।
19. यदि आप एक ब्लैक होल में होते और अंदर से बाहर देखते, तो आकाश के एक छोटे पैच में पूरे ब्रह्मांड को देखने के साथ-साथ अपने सर का पिछला हिस्सा भी देख पाते।.
20. हमारी आकाशगंगा के केंद्र में बदबू रम की तरह आती है।
21. गैलेलियो वह पहला शख्स था जिसने टेलिस्कोप से अंतरिक्ष को अपनी आँखों से देखा था।
22. अंतरिक्ष में किसी प्रकार की कोई आवाज़ नहीं है।
23. अगर आप ब्रह्मांड में कही से भी सफर शूरू करेंगे और सीधा जाएंगे तो आप वापस उसी जगह पर आ जाएंगे लेकिन आपको ब्रह्मांड का कोई दूसरा छोर नहीं मिलेंगा।
24. काला पदार्थ(Dark Matter) वह गोंद है जो ब्रह्मांड को जोड़े रखता है और जिसे मापा नहीं जा सकता।
25. दो सितारों के बीच की औसत दुरी करीब 20 मिलियन मिलियन माइल्स है।
आकाशगंगा में रहते हैं उसे मिल्की वे कहते हैं
गुलाम वंश
1. परिचय - इस वंश की स्थापना इल्बारी तुर्को द्वारा की गई थी। अत: इसे इल्बारी वंश भी कहा जाता है। - इस वंश को मामलूक वंश भी कहा जाता है।
- इसे गुलाम वंश इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस वंश के तीन प्रमुख सुल्तान गुलाम थे। अर्थात कुतुबुद्दीन ऐबक, मोहम्मद गौरी का गुलाम था।
इल्तुतमशिश, कुतुबुद्दीन ऐबक का गुलाम था एवं बल्बन, इल्तुतमिश का गुलाम था।
कुतुबुद्दीन ऐबक (1206 – 1210) - उत्तरी भारत में पहले तुर्की साम्राज्य की स्थापना कुतुबुद्दीन ऐबक ने की थी। उसने लाहौर से शासन किया। - उसने दो मस्जिदें बनवाई। प्रथम दिल्ली में जिसे कुव्वत – उल – इस्लाम के नाम से जाना है एवं दुसरी अजमेर में बनवाई जिसे अढाई दिन का झोपडा के नाम से जाना जाता है। - वह एक महान दानी सम्राट था इसलिए उसे 'लाख – बख्श' कहा गया है जिसका अर्थ है 'लाखों का दान करने वाला' - उसने कुतुब मीनार का निर्माण कार्य प्रारंभ करवाया जिसका नाम एक सूफी संत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के नाम पर रख गया। - पोलो खेलते समय घोडे पर से गिरने के कारणवश इसकी मृत्यु हुई।
आराम शाह - कुतुबुद्दीन ऐबक के बाद उसका पुत्र आराम शाह सिंहासन पर बैठा परन्तु इल्तुतमिश द्वारा उसका वध कर दिया गया
. इल्तुतमिश (1211 – 1236) - इल्तुतमिश दिल्ली सल्तनत में गुलाम वंश का एक प्रमुख शासक था। कुतुबुद्दीन ऐबक ने अपनी पुत्री का विवाह इल्तुतमिश से कर उसे बदायूँ का सूबेदार बना दिया। - वह दिल्ली सल्तनत का वास्तविक संस्थापक था। उसने दिल्ली के बजाय लाहौर से शासन किया। - 1221 में इसने दिल्ली सल्तनत को चंगेज खाँ के प्रकोप से बचाया। चंगेज खाँ एक मंगोल आक्रमणकारी था। वह ख्वारिजम शाह का पीछा कर रहा था एवं उसने इल्तुतमिश को उसकी सहायता करने के लिए मना किया। - इसने कुतुबमीनार का निर्माण कार्य पूर्ण करवाया। - उसने सल्तनत कालीन दो महत्वपूर्ण सिक्के ‘चाँदी का टका’ तथा तांबे का ‘जीतल’ जारी किये। - इसने एक प्रथा चलाई जिसे इक्तादारी प्रथा कहा गया है। इक्ता के मुखिया को मुक्ति कहा जाता था। - उसने चालीस आधिकारिक कुलीनों का समूह बनवाया जिसे चहलगानी कहा जाता था, जिसका अर्थ था ‘चालीस लोगो का समूह’। - इसने मिनहाज – उल – सिराज नामक कवि को संरक्षण दिया जिसने तबाकत – ए – नासिरी नामक पुस्तक की रचना की थी। - 1236 में बीमार होने के कारण अपने महल में इसकी मृत्यु हो गई।
रजिया सुल्तान (1236 – 1240) - रजिया सुल्तान का मूल नाम रजिया अल – दिन था। यह इल्तुतमिश की पुत्री थी। - रजिया और उसके एथियोपियाई सलाहकार जलाल – उद – दिन- याकूत के साथ घनिष्ठ व्यवहार को अन्य अधिकारियों एवं कुलीन व्यक्तियों द्वारा नापसंद किया गया। - रजिया के सिंहासन पर बैठने के कुछ समय बाद ही मुल्तान, बदायूँ, हॉसी एवं लाहौर प्रान्तों के शासकों ने इसके विरूद्ध विद्रोह कर दिया। - भटिण्डा के शासक अल्तुनिया ने रजिया के आधिपत्य को स्वीकार करने से मना कर दिया जिसके फलस्वरूप भटिण्डा में भयंकर विद्रोह हुआ। - रजिया ने याकुत के साथ मिलकर अल्तुनिया के विरूद्ध संघर्ष किया परन्तु इस संघर्ष में याकुत की मृत्यु हो गई एवं अल्तुनिया द्वारा रजिया को बंदी बना लिया गया। - तत्पश्चात रजिया ने अल्तुनिया से विवाह कर लिया एवं दोनो ने दिल्ली पर कब्जा करने की योजना बनाई। - दिल्ली के विद्रोह में दिल्ली के शासक बहराम शाह द्वारा उन्हे परास्त कर वापस भटिण्डा लौटने पर विवश कर दिया। - उनकी सेना ने कैथल (हरियाणा) के निकट इनका साथ छोड दिया एवं 1240 में कुछ जाट लुटेरों द्वारा इनकी हत्या कर दी गई। - मिन्हाज – उल – सिराज ने रजिया के बारे में कहा है कि “उसमें सभी योग्यताएँ थी, परन्तु उसकी एकमात्र गलती या कमी, उसका महिला होना था।”
गयासुद्दीन बलबन (1265 – 1287) - बलबन चहलगानी का एक पुराना सदस्य था। - इसने एक गुप्तचर व्यवस्था एवं आंतरिक अशांति के मुद्दों से निबटने के लिए केन्द्रीयकृत विशाल सेना का निर्माण किया। - इसने पौराणिक नायक अफरासियाब से प्रेरित होकर वंशावली पर विशेष जोर दिया। - इसने जिल – ए – इलाही (अर्थात ईश्वर की छाया) एवं नियाबत – ए – खुदाई (अर्थात पृथ्वी पर ईश्वर का राज – प्रतिनिधि) की उपाधियाँ धारण की। - इसने फारसी शिष्टाचार की विधियाँ लागु की। जैसे सजदा (अर्थात सम्राट के सामने साष्टांग प्रणाम) एवं पैबोस (अर्थात सम्राट के पैर को चूमना) ये सम्राट का अभिवादन करने की विधियाँ बनाई। - इसने अपने दरबार की चमक बिखरने के लिए नौरोज (पारसीयों का नववर्ष) त्यौहार मनाना प्रारंभ किया। - बलबन की 1287 में मृत्यु हो गई। मृत्यु से पहले उसने दिवंगत राजकुमार मुहम्मद के बेटे कै – खुसरो को उत्तराधिकारी बना दिया था, लकिन उसके साम्राज्य के कुलीन व्यक्तियों ने खुसरो को सिंहासन से हटाकर बलबन के पौत्र कैकुबाद को सिंहासन पर बैठा दिया। - गुलाम वंश का अंतिम शासक कयुमार था जिसका 1290 में जलालुद्दीन खिजली द्वारा वध कर दिया गया था। - इसने कवि अमीर खुसरो को विशेष संरक्षण दिया था।
7. गुलाम वंश के शासक (1206 – 1290) क्रम संख्या - शासक - शासन वर्ष 1. कुतुबुद्दीन – ऐबक - 1206 – 1210 2. आराम शाह - 1210 – 1211 3. शम्शुद्दीन इल्तुतमिश - 1211 – 1236 4. रूकनुद्दीन फिरोज - 1236 5. रजिया सुल्तान - 1236 – 1240 6 बहराम शाह - 1240 – 1242 7. अलाउद्दीन मसूद - 1242 – 1246 8. नसिरूद्दीन महमूद - 1246 – 1265 9. गयासुद्दीन बलबन - 1265 – 1287 10. कैकूबाद - 1287 – 1290 11. शम्शुद्दीन कयुमार - 1290
- इसे गुलाम वंश इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस वंश के तीन प्रमुख सुल्तान गुलाम थे। अर्थात कुतुबुद्दीन ऐबक, मोहम्मद गौरी का गुलाम था।
इल्तुतमशिश, कुतुबुद्दीन ऐबक का गुलाम था एवं बल्बन, इल्तुतमिश का गुलाम था।
कुतुबुद्दीन ऐबक (1206 – 1210) - उत्तरी भारत में पहले तुर्की साम्राज्य की स्थापना कुतुबुद्दीन ऐबक ने की थी। उसने लाहौर से शासन किया। - उसने दो मस्जिदें बनवाई। प्रथम दिल्ली में जिसे कुव्वत – उल – इस्लाम के नाम से जाना है एवं दुसरी अजमेर में बनवाई जिसे अढाई दिन का झोपडा के नाम से जाना जाता है। - वह एक महान दानी सम्राट था इसलिए उसे 'लाख – बख्श' कहा गया है जिसका अर्थ है 'लाखों का दान करने वाला' - उसने कुतुब मीनार का निर्माण कार्य प्रारंभ करवाया जिसका नाम एक सूफी संत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के नाम पर रख गया। - पोलो खेलते समय घोडे पर से गिरने के कारणवश इसकी मृत्यु हुई।
आराम शाह - कुतुबुद्दीन ऐबक के बाद उसका पुत्र आराम शाह सिंहासन पर बैठा परन्तु इल्तुतमिश द्वारा उसका वध कर दिया गया
. इल्तुतमिश (1211 – 1236) - इल्तुतमिश दिल्ली सल्तनत में गुलाम वंश का एक प्रमुख शासक था। कुतुबुद्दीन ऐबक ने अपनी पुत्री का विवाह इल्तुतमिश से कर उसे बदायूँ का सूबेदार बना दिया। - वह दिल्ली सल्तनत का वास्तविक संस्थापक था। उसने दिल्ली के बजाय लाहौर से शासन किया। - 1221 में इसने दिल्ली सल्तनत को चंगेज खाँ के प्रकोप से बचाया। चंगेज खाँ एक मंगोल आक्रमणकारी था। वह ख्वारिजम शाह का पीछा कर रहा था एवं उसने इल्तुतमिश को उसकी सहायता करने के लिए मना किया। - इसने कुतुबमीनार का निर्माण कार्य पूर्ण करवाया। - उसने सल्तनत कालीन दो महत्वपूर्ण सिक्के ‘चाँदी का टका’ तथा तांबे का ‘जीतल’ जारी किये। - इसने एक प्रथा चलाई जिसे इक्तादारी प्रथा कहा गया है। इक्ता के मुखिया को मुक्ति कहा जाता था। - उसने चालीस आधिकारिक कुलीनों का समूह बनवाया जिसे चहलगानी कहा जाता था, जिसका अर्थ था ‘चालीस लोगो का समूह’। - इसने मिनहाज – उल – सिराज नामक कवि को संरक्षण दिया जिसने तबाकत – ए – नासिरी नामक पुस्तक की रचना की थी। - 1236 में बीमार होने के कारण अपने महल में इसकी मृत्यु हो गई।
रजिया सुल्तान (1236 – 1240) - रजिया सुल्तान का मूल नाम रजिया अल – दिन था। यह इल्तुतमिश की पुत्री थी। - रजिया और उसके एथियोपियाई सलाहकार जलाल – उद – दिन- याकूत के साथ घनिष्ठ व्यवहार को अन्य अधिकारियों एवं कुलीन व्यक्तियों द्वारा नापसंद किया गया। - रजिया के सिंहासन पर बैठने के कुछ समय बाद ही मुल्तान, बदायूँ, हॉसी एवं लाहौर प्रान्तों के शासकों ने इसके विरूद्ध विद्रोह कर दिया। - भटिण्डा के शासक अल्तुनिया ने रजिया के आधिपत्य को स्वीकार करने से मना कर दिया जिसके फलस्वरूप भटिण्डा में भयंकर विद्रोह हुआ। - रजिया ने याकुत के साथ मिलकर अल्तुनिया के विरूद्ध संघर्ष किया परन्तु इस संघर्ष में याकुत की मृत्यु हो गई एवं अल्तुनिया द्वारा रजिया को बंदी बना लिया गया। - तत्पश्चात रजिया ने अल्तुनिया से विवाह कर लिया एवं दोनो ने दिल्ली पर कब्जा करने की योजना बनाई। - दिल्ली के विद्रोह में दिल्ली के शासक बहराम शाह द्वारा उन्हे परास्त कर वापस भटिण्डा लौटने पर विवश कर दिया। - उनकी सेना ने कैथल (हरियाणा) के निकट इनका साथ छोड दिया एवं 1240 में कुछ जाट लुटेरों द्वारा इनकी हत्या कर दी गई। - मिन्हाज – उल – सिराज ने रजिया के बारे में कहा है कि “उसमें सभी योग्यताएँ थी, परन्तु उसकी एकमात्र गलती या कमी, उसका महिला होना था।”
गयासुद्दीन बलबन (1265 – 1287) - बलबन चहलगानी का एक पुराना सदस्य था। - इसने एक गुप्तचर व्यवस्था एवं आंतरिक अशांति के मुद्दों से निबटने के लिए केन्द्रीयकृत विशाल सेना का निर्माण किया। - इसने पौराणिक नायक अफरासियाब से प्रेरित होकर वंशावली पर विशेष जोर दिया। - इसने जिल – ए – इलाही (अर्थात ईश्वर की छाया) एवं नियाबत – ए – खुदाई (अर्थात पृथ्वी पर ईश्वर का राज – प्रतिनिधि) की उपाधियाँ धारण की। - इसने फारसी शिष्टाचार की विधियाँ लागु की। जैसे सजदा (अर्थात सम्राट के सामने साष्टांग प्रणाम) एवं पैबोस (अर्थात सम्राट के पैर को चूमना) ये सम्राट का अभिवादन करने की विधियाँ बनाई। - इसने अपने दरबार की चमक बिखरने के लिए नौरोज (पारसीयों का नववर्ष) त्यौहार मनाना प्रारंभ किया। - बलबन की 1287 में मृत्यु हो गई। मृत्यु से पहले उसने दिवंगत राजकुमार मुहम्मद के बेटे कै – खुसरो को उत्तराधिकारी बना दिया था, लकिन उसके साम्राज्य के कुलीन व्यक्तियों ने खुसरो को सिंहासन से हटाकर बलबन के पौत्र कैकुबाद को सिंहासन पर बैठा दिया। - गुलाम वंश का अंतिम शासक कयुमार था जिसका 1290 में जलालुद्दीन खिजली द्वारा वध कर दिया गया था। - इसने कवि अमीर खुसरो को विशेष संरक्षण दिया था।
7. गुलाम वंश के शासक (1206 – 1290) क्रम संख्या - शासक - शासन वर्ष 1. कुतुबुद्दीन – ऐबक - 1206 – 1210 2. आराम शाह - 1210 – 1211 3. शम्शुद्दीन इल्तुतमिश - 1211 – 1236 4. रूकनुद्दीन फिरोज - 1236 5. रजिया सुल्तान - 1236 – 1240 6 बहराम शाह - 1240 – 1242 7. अलाउद्दीन मसूद - 1242 – 1246 8. नसिरूद्दीन महमूद - 1246 – 1265 9. गयासुद्दीन बलबन - 1265 – 1287 10. कैकूबाद - 1287 – 1290 11. शम्शुद्दीन कयुमार - 1290
26/05/18
थैलेसीमिया
थैलेसीमिया एक अनुवांशिक रक्त विकार है जिसके कारण इस बीमारी से पीड़ित लोग हीमोग्लोबिन बनाने में सक्षम नहीं हो पाते हैं और गंभीर एनीमिया, थकान आदि के शिकार हो जाते हैं. थैलेसीमिया का मुख्य कारण रक्तदोष है. जैसा की हम जानते हैं कि हेमोग्लोबिन शरीर के सभी हिस्सों में ऑक्सीजन पहुचाता है जो लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद होता है. जब लाल रक्त कोशिकाओं में पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं होगा, तो ऑक्सीजन शरीर के सभी हिस्सों तक नहीं पहुंच पाएगी. इसलिए, व्यक्ति को ऊर्जा नहीं मिलेगी और उसके अंग भी ठीक से काम नहीं कर पाएंगे. मुख्य रूप से, थैलेसीमिया रोग दो प्रकार का होता है: अल्फा और बीटा थैलेसीमिया. क्या आप जानते हैं कि बीटा थैलेसीमिया एक गंभीर और बड़ी बीमारी है. इसे Cooley's Anaemia के रूप में भी जाना जाता है. इस बीमारी के लक्षण जीवन के पहले दो वर्षों में प्रकट होते हैं जिसमें त्वचा पीली पड़ने लगती है, भूख कम हो जाती है, विकास सही से नहीं हो पाटा है आदि. मरीजों को प्रदान किए जाने वाले उपचार में नियमित रक्त संक्रमण और अन्य उपचार शामिल हैं. आइये इस लेख के माध्यम से थैलेसीमिया रोग, इसके लक्षण, कारण, प्रकार इत्यादि के बारे में प्रश्नों और उत्तरों के रूप में अध्ययन करते हैं. 1. थैलेसीमिया रोग के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? (a) थैलेसीमिया कोशिकाओं के DNA में उत्परिवर्तन के कारण होता है जो हीमोग्लोबिन बनाते हैं. (b) थैलेसीमिया का प्रकार जीन में उत्परिवर्तन की संख्या पर निर्भर करता है. (c) थैलेसीमिया में उच्च मात्रा में हीमोग्लोबिन और लाल रक्त कोशिकाएं एनीमिया का कारण बन सकती हैं. (d) माइल्ड थैलेसीमिया में उपचार की आवश्यकता नहीं पड़ती है. सही विकल्प चुनें: A. (b), (c) और (d) B. (a), (c) और (d) C. (a), (b) और (c) D. (a), (b) और (d) Ans. D व्याख्या: थैलेसीमिया एक अनुवांशिक रोग है. इस रोग में लाल रक्त कण (Red Blood Cells) (RBC) नहीं बन पाते हैं और जो बन पाते है वो कुछ समय तक ही रहते है. इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को बार-बार खून चढ़ाना पड़ता है. हीमोग्लोबिन और लाल रक्त कणों की कमी होने के कारण रोगी को एनीमिया हो जाता है और बहुत जल्द थकान भी होने लगती है. 2. थैलेसीमिया रोग का लक्षण कौन सा नहीं है? A. वजन न बढ़ना और कमजोरी B. पेट में मरोड़ उठना C. पैरों में ऐंठन होना D. छाती में दर्द होना और दिल की धड़कन का सही से न चलना Ans. B व्याख्या: थैलेसीमिया रोग के लक्षण हैं: छाती में दर्द होना और दिल की धड़कन का सही से न चलना, पेट में सूजन आना, पैरों में ऐंठन होना, वजन न बढ़ना और कमजोरी आना, सिरदर्द होना, हाथ और पैर का ठंडा होना आदि. 3. Cooley anaemia किस प्रकार की थैलेसीमिया बीमारी है? A. अल्फा - थैलेसीमिया B. बीटा - थैलेसीमिया C. Alloimmunization D. उपर्युक्त में से कोई नहीं Ans. B व्याख्या: बीटा - थैलेसीमिया एक बड़ी बीमारी और गंभीर बीमारी का कारण बनती है और इसे Cooley's Anaemia भी कहा जाता है. 4. कौन सा रक्त परीक्षण (Blood test) पता लगाता है कि क्या कोई व्यक्ति थैलेसेमिया का वाहक है? A. Complete blood count (CBC) B. Reticulocyte count C. Prenatal testing D. उपर्युक्त सभी Ans. D व्याख्या: जिन रक्त परीक्षण से यह पता लगाया जाता हैं कि क्या व्यक्ति थैलेसेमिया रोग का वाहक है या नहीं वह इस प्रकार हैं: Complete blood count (CBC), Reticulocyte count, Prenatal testing, genetic testing, iron आदि. 5. अल्फा - थैलेसीमिया के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? (a) अल्फा - थैलेसीमिया में, हीमोग्लोबिन पर्याप्त अल्फा प्रोटीन का उत्पादन नहीं करता है. (b) अल्फा - ग्लोबिन प्रोटीन चेन बनाने के लिए, छह जीनस (genes)की आवश्यकता होती है. (c) थैलेसीमिया की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि कितने जीन (gene) उत्परिवर्तित होते हैं. (d) अल्फा - थैलेसीमिया दक्षिण चीन, दक्षिण-पूर्व एशिया, भारत आदि में सामान्य बिमारी है. सही विकल्प चुनें A. (a), (b) और (c) B. (b), (c) और (d) C. (a), (c) और (d) D. (a), (b) और (d) Ans. C व्याख्या: अल्फा - थैलेसीमिया में, हीमोग्लोबिन पर्याप्त अल्फा प्रोटीन का उत्पादन नहीं करता है. अल्फा-ग्लोबिन प्रोटीन चेन बनाने के लिए, चार जीन की आवश्यकता होती है, प्रत्येक गुणसूत्र पर दो. हम प्रत्येक माता-पिता से दो जीन (gene) प्राप्त करते हैं यानी की16. यदि इनमें से एक या अधिक जीन लुप्त हो जाए, तो अल्फा - थैलेसीमिया रोग हो जाएगा. अल्फा - थैलेसीमिया की गंभीरता उत्परिवर्तित जीन पर निर्भर करती है. दक्षिण चीन, दक्षिण-पूर्व एशिया, भारत, मध्य पूर्व और अफ्रीका में यह एक सामान्य बिमारी है. निपाह वायरस क्या है और कैसे फैलता है? 6. बीटा - थैलेसीमिया के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? (a) इस बिमारी की गंभीरता जीन के उत्परिवर्तन पर निर्भर करती है. (b) बीटा - ग्लोबिन चेन बनाने के लिए चार ग्लोबिन जीन की आवश्यकता होती है, प्रत्येक माता-पिता से एक. (c) बीटा - थैलेसीमिया को थैलेसीमिया - मेजर भी कहा जाता है. (d) उत्तरी अफ्रीका, पश्चिम एशिया और मालदीव द्वीपसमूह में बीटा थैलेसीमिया एक सामान्य बिमारी है. सही विकल्प चुनें A. (a),(b) और (c) B. (b), (c) और (d) C. (a), (c) और (d) D. (a), (b) और (d) Ans. C व्याख्या: बीटा - ग्लोबिन चेन बनाने के लिए दो ग्लोबिन जीन की आवश्यकता होती है, प्रत्येक माता-पिता से एक. यदि एक या दोनों जीन दोषयुक्त हैं, तो बीटा - थैलेसीमिया होगा. इसके अलावा, इस बिमारी की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि कितने जीन उत्परिवर्तित होते हैं. यह भूमध्यसागरीय वंश के लोगों के बीच अधिक सामान्य बिमारी है. उत्तरी अफ्रीका, पश्चिम एशिया और मालदीव द्वीप समूह में अधिक प्रचलित है. 7. थैलेसीमिया रोग के रिस्क को बढ़ाने वाले कारक कौन से हैं? A. थैलेसीमिया बिमारी होने का पारिवारिक इतिहास B. कुछ वंशावली C. केवल A D. A और B दोनों Ans. D व्याख्या: थैलेसीमिया के रिस्क को बढ़ाने वाले कारक हैं: थैलेसीमिया का पारिवारिक इतिहास यानी थैलेसीमिया माता-पिता से उत्परिवर्तित हीमोग्लोबिन जीन के माध्यम से बच्चों आ जाता है. अगर किसी के परिवार के इतिहास में थैलेसीमिया है तो इस बिमारी का खतरा बढ़ जाता है और कुछ वंश भी जिम्मेदार होते हैं यानी थैलेसीमिया अक्सर अफ्रीकी-अमेरिकियों और भूमध्यसागरीय और दक्षिणपूर्व एशियाई वंश के लोगों में अधिकतर पाया जाता है. 8. गंभीर थैलेसीमिया रोग में होने वाली जटिलताओं के बारे में बताएं? A. हड्डी विकृतियां (Bone deformities) B. बढ़ी हुई स्पलीन (Enlarged spleen) C. दिल की समस्याएं (Heart problems) D. उपरोक्त सभी Ans. D व्याख्या: गंभीर थैलेसीमिया में निम्नलिखित जटिलताओं का कारण हो सकता है: हड्डी विकृतियां, बढ़ी हुई स्पलीन, धीमी वृद्धि दर और दिल की समस्याएं आदि. 9. थैलेसीमिया की संभावित जटिलताएं क्या हैं? A. लौह की मात्रा का ज्यादा होना (Iron overload) B. संक्रमण (Infection) C. केवल B D. A और B दोनों Ans. D व्याख्या: थैलेसीमिया वाले लोग अपने शरीर में या तो बीमारी से या अक्सर रक्त संक्रमण से बहुत अधिक लोहा प्राप्त कर लेते हैं जो हृदय, यकृत और अंतःस्रावी तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है. इसके अलावा, थैलेसीमिया रोग से ग्रस्त लोगों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. 10. थैलेसीमिया रोगियों को क्या - क्या उपचार दिए जा सकते हैं? A. आयरन चीलेशन (Iron chelation) B. अस्थि मज्जा, या स्टेम सेल, प्रत्यारोपण (Bone marrow, or stem cell, transplant) C. रक्त संक्रमण (Blood transfusions) D. उपरोक्त सभी Ans. D व्याख्या: उपचार थैलेसीमिया के प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करते हैं जो इस प्रकार हैं: रक्त संक्रमण, आयरन चेलेशन यानी अतिरिक्त लोहे को शरीर से हटाना, रक्त प्रवाह, अस्थि मज्जा, या स्टेम सेल प्रत्यारोपण, सर्जरी और जीन थेरेपी. इसलिए, थैलेसीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं हीमोग्लोबिन उत्पन्न करने में सक्षम नहीं होती हैं, जिसके कारण एनीमिया होता है और लक्षण पीले रंग की त्वचा, दिल की धड़कन का बढ़ना, सिरदर्द, पैरों में ऐंठन होना, वजन न बढ़ना आदि पाए जाते हैं. डिमेंशिया क्या है और किन कारणों से होता है?
नदी के किनारे नगर
नदियों के किनारे बसे भारत के प्रमुख नगर-
1.आगरा - यमुना - उत्तर प्रदेश
2.अहमदाबाद - साबरमती - गुजरात
3.इलाहाबाद - गंगा - उत्तर प्रदेश
4.अयोध्या - सरयू - उत्तर प्रदेश
5.बद्रीनाथ - गंगा - उत्तराखंड
6.कोलकाता - हुगली - पश्चिम बंगाल
7.कटक - महानदी - ओडिशा
8.नई दिल्ली - यमुना - दिल्ली
9.डिब्रूगढ़ - ब्रह्मपुत्र - असम
10.फिरोजपुर - सतलज - पंजाब
11.गुवाहाटी - ब्रह्मपुत्र - असम
12.हरिद्वार - गंगा - उत्तराखंड
13.हैदराबाद - मूसी - तेलंगाना
14.जबलपुर - नर्मदा - मध्य प्रदेश
15.कानपुर - गंगा - उत्तर प्रदेश
16.कोटा - चंबल - राजस्थान
17.जौनपुर - गोमती - उत्तर प्रदेश
18.पटना - गंगा - बिहार
19.राजमुंदरी - गोदावरी - आंध्र-प्रदेश
20.श्रीनगर - झेलम - जम्मू और कश्मीर
21.सूरत - ताप्ती - गुजरात
22.तिरूचिरापल्ली - कावेरी - तमिलनाडु
23.वाराणसी - गंगा - उत्तर प्रदेश
24.विजयवाडा - कृष्णा - आंध्र प्रदेश
25.वडोदरा विश्वमित्री गुजरात
26.मथुरा - यमुना - उत्तर प्रदेश
27.औरैया - यमुना - उत्तर प्रदेश
28.इटावा - यमुना - उत्तर प्रदेश
29.बंगलौर - वृषभावती - कर्नाटक
30.फर्रुखाबाद - गंगा - उत्तर प्रदेश
31.फतेहगढ़ - गंगा - उत्तर प्रदेश
32.कन्नौज - गंगा - उत्तर प्रदेश
33.मंगलौर - नेत्रवती - कर्नाटक
34.शिमोगा - तुंगा नदी - कर्नाटक
35.भद्रावती - भद्रा - कर्नाटक
36.होसपेट - तुंगभद्रा - कर्नाटक
37.कारवार - काली - कर्नाटक
38.बागलकोट - घटप्रभा - कर्नाटक
39.होन्नावर - श्रावती - कर्नाटक
40.ग्वालियर - चंबल - मध्य प्रदेश
41.गोरखपुर - राप्ती - उत्तर प्रदेश
42.लखनऊ - गोमती - उत्तर प्रदेश
43.कानपुर - छावनी - गंगा उत्तर प्रदेश
44.शुक्लागंज - गंगा - उत्तर प्रदेश
45.चकेरी - गंगा - उत्तर प्रदेश
46.मालेगांव - गिर्ना नदी - महाराष्ट्र
47.संबलपुर - महानदी - ओडिशा
48.राउरकेला - ब्राह्मणी - ओडिशा
49.पुणे - मुथा - महाराष्ट्र
50.दमन - गंगा नदी - दमन
51.मदुरै - वैगई - तमिलनाडु
52.तिरुचिरापल्ली - कावेरी - तमिलनाडु
53.चेन्नई - अड्यार - तमिलनाडु
54.कोयंबटूर - नोय्याल - तमिलनाडु
55.इरोड - कावेरी - तमिलनाडु
56.तिरुनेलवेली - थमीरबारानी - तमिलनाडु
57.भरूच - नर्मदा - गुजरात
58.कर्जत - उल्हास - महाराष्ट्र
59.नासिक - गोदावरी - महाराष्ट्र
60.महाड - सावित्री - महाराष्ट्र
61.नांदेड़ - गोदावरी - महाराष्ट्र
62.नेल्लोर - पेन्नार - आंध्र प्रदेश
63.निजामाबाद - गोदावरी - आंध्र प्रदेश
64.सांगली - कृष्णा - महाराष्ट्र
65.कराड - कृष्णा - महाराष्ट्र
66.हाजीपुर - गंगा - बिहार
67.उज्जैन - शिप्रा - मध्य प्रदेश.
अफस्पा
अफस्पा से आप क्या समझते हैं
यह पता का पावर है जिसे सेंड कर दिया गया है अफस्पा का मतलब होता है आर्म्ड फोर्स स्पेशल ,, इसे भारत के पूर्वी राज्यों में जैसे असम मणिपुर धीरपुरा मेघालय अरुणाचल प्रदेश मिजोरम नागालैंड क्षेत्र में लगा इस में सैनिक को विशेष अधिकार दिया जाता है या इसलिए लगा क्योंकि पूर्वी राज्यों में हिंसा बहुत ज्यादा हो रहे थे यह पंजाब का चंडीगढ़ में भी लगाया गया था लेकिन 1997 में इसे यहां से हटा दिया गया 1990 में यह जम्मू कश्मीर मैं भी लगा अभी तक लगा हुआ है
यह पता का पावर है जिसे सेंड कर दिया गया है अफस्पा का मतलब होता है आर्म्ड फोर्स स्पेशल ,, इसे भारत के पूर्वी राज्यों में जैसे असम मणिपुर धीरपुरा मेघालय अरुणाचल प्रदेश मिजोरम नागालैंड क्षेत्र में लगा इस में सैनिक को विशेष अधिकार दिया जाता है या इसलिए लगा क्योंकि पूर्वी राज्यों में हिंसा बहुत ज्यादा हो रहे थे यह पंजाब का चंडीगढ़ में भी लगाया गया था लेकिन 1997 में इसे यहां से हटा दिया गया 1990 में यह जम्मू कश्मीर मैं भी लगा अभी तक लगा हुआ है
- राज्य या केंद्र सरकार के पास किसी भी भारतीय क्षेत्र को “डिस्टर्ब” घोषित करने का अधिकार है।
- अधिनियम की धारा (3) के तहत, राज्य सरकार की राय का होना जरुरी है कि क्या एक क्षेत्र “डिस्टर्ब” है या नहीं। अगर ऐसा नही है तो राज्यपाल या केंद्र द्वारा इसे खारिज किया जा सकता है।
- अफस्पा अधिनियम की धारा (3) के तहत राज्य या संघीय राज्य के राज्यपाल को बजट की आधिकारिक सूचना जारी करने के लिए अधिकार देता है, जिसके बाद उसे केंद्र के नागरिकों की सहायता करने के लिए सशस्त्र बलों को भेजने का अधिकार प्राप्त हो जाता है।
- (विशेष न्यायालय) अधिनियम 1976 के अनुसार, एक बार “डिस्टर्ब” क्षेत्र घोषित होने के बाद कम से कम 3 महीने तक वहाँ पर स्पेशल फोर्स की तैनाती रहती है।
अफस्पा के अधिकार
अफस्पा के अनुसार, जो क्षेत्र “डिस्टर्ब” घोषित कर दिए जाते हैं वहाँ पर सशस्त्र बलों के एक अधिकारी को निम्नलिखित शक्तियाँ दी जाती हैं –
- चेतावनी के बाद, यदि कोई व्यक्ति कानून तोड़ता है और अशांति फैलाता है, तो सशस्त्र बल के विशेष अधिकारी द्वारा आरोपी की मृत्यु हो जाने तक अपने बल का प्रयोग किया जा सकता है।
- अफसर किसी आश्रय स्थल या ढांचे को तबाह कर सकता है जहाँ से हथियार बंद हमले का अंदेशा हो।
- सशस्त्र बल किसी भी असंदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी वारंट के गिरफ्तार कर सकते हैं। गिरफ्तारी के दौरान उनके द्वारा किसी भी तरह की शक्ति का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- अफसर परिवार के किसी व्यक्ति, सम्पत्ति, हथियार या गोला-बारूद को बरामद करने के लिए बिना वारंट के घर के अंदर जा कर तलाशी ले सकता है और इसके लिए जरूरी, बल का इस्तेमाल कर सकता है।
- एक वाहन को रोक कर या गैर-कानूनी ढंग से जहाज पर हथियार ले जाने पर उसकी तलाशी ली जा सकती है।
- यदि किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाता है तो उसको जल्द ही पड़ोसी पुलिस स्टेशन में अपनी गिरफ्तारी के कारण के साथ उपस्थित होना होता है कि उसको क्यों गिरफ्तार किया गया।
- सेना के अधिकारियों को उनके वैध कार्यों के लिए कानूनी प्रतिरक्षा दी जाती है।
- सेना के पास इस अधिनियम के तहत अभियोजन पक्ष, अनुकूल या अन्य कानूनी कार्यवाही के तहत अच्छे विश्वास में काम करने वाले लोगों की रक्षा करने की शक्ति है। इसमें केवल केंद्र सरकार हस्तक्षेप कर सकती है।
- यह देखा गया कि कई वर्षों में पूर्वी राज्यों में हिंसा कम हुई है किसी की नजर रखते हुए केंद्र सरकार ने 8 क्षेत्र को हटा दिया है 2016 की तुलना में हिंसा ३७,% की कमी आई है इसे भारतीय के अनुसार रखा गया है त्रिपुरा में 2015 मैं इसे हटा दिया गया है
ऑक्सीटोसिन
ऑक्सीटोसिन से आप क्या समझते हैं
यह एक प्रकार का लव हार्मोन यह मानव शरीर में उत्पन्न होता है शिशु जन्म का समय तथा स्तनपान तथा यौन संबंध के समय उत्पन्न होता है पिट्यूटरी ग्रंथि से उत्पन्न होता है
ऑक्सीटोसिन के आयात पर प्रतिबंध क्यों
इससे दुग्ध देने वाली पशु को या या दूसरे जानवर को सिरिंज के द्वारा दूध का उत्पादन बढ़ाया जाता है इससे जानवरों के मौत हो जाने के बाद उसको दूसरे जानवरों के द्वारा खाने के बाद कुछ जानवरों की संख्या में कमी आई है जैसे गिद्ध इसका प्रयोग सब्जियों के आकार बढ़ाने में भी किया जाता है भारत में इस प्रकार की दवा कि बिक्री पर रोक लगा दी केंद्र सरकार ने 6 अप्रैल 2018 को इस हार्मोन की दवा के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है इसके प्रयोग से मनुष्य के जीवन काल में भी कमी आई है
25/05/18
कौन से मौलिक अधिकार विदेशी नागरिक को नहीं मिला है
मौलिक अधिकारों में से अनुच्छेद 15 तथा अनुच्छेद 16 तथा अनुच्छेद 19 तथा अनुच्छेद 29 तथा अनुच्छेद 30 यह अधिकार विदेशी नागरिक नहीं दिया गया है
धर्म, जाति, लिंग या जन्म स्थान (अनुच्छेद 15) के आधार पर भेदभाव निषेध।
सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता, (अनुच्छेद 16)
व्यवसाय (अनुच्छेद 19)
(b) अपराधों के लिए सजा के संबंध में संरक्षण (अनुच्छेद 20) ।
शिक्षा तथा संस्कृति का अधिकार अनुच्छेद 29 और 30 है
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विश्व में सबसे कम खाता रहित वाले देश
विश्व बैंक द्वारा बताया गया की रिपोर्ट के अनुसार विश्व में सबसे कम खाता चीन में तथा उसके बाद भारत तथा उसके बाद पाकिस्तान तथा उसके बाद इंडोनेशिया है इस रिपोर्ट के अनुसार भारत में 12 पर्सेंट आबादी खाता नहीं था यह अनुपात 2011 में 55%तथा 2014 में लगभग 65% थे मार्च 2018 तक जनधन खाता खोलने के बावजूद अभी भी बहुत से लोगों के पास खाता नहीं है अभी भारत सौ पर्सेंट खाताधारक में नहीं है इसके लिए भारत को बहुत मेहनत ् करना पड़ेगा
रिपोर्ट के अनुसार चीन मैं लगभग 240 मिलियन युवा बिना खाता के है भारत में यह संख्या लगभग 200 मिलियन है 110 मिलियन पाकिस्तान में है तथा इंडोनेशिया में यह संख्या 100 मिलियन है यह रिपोर्ट ग्लोबल फिन्डेव्स डेटा बेस के अनुसार है
रिपोर्ट के अनुसार चीन मैं लगभग 240 मिलियन युवा बिना खाता के है भारत में यह संख्या लगभग 200 मिलियन है 110 मिलियन पाकिस्तान में है तथा इंडोनेशिया में यह संख्या 100 मिलियन है यह रिपोर्ट ग्लोबल फिन्डेव्स डेटा बेस के अनुसार है
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