जस्ट स्वीट

अगर आप किसी भी एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं और आप टेस्ट देना चाहते है तो आप हमारे साइट पर टेस्ट दे सकते हैं यदि आप WhatsApp 8354099127 पर मैसेज कर के टेस्ट प्राप्त कर सकते हैं

27/05/18

गुलाम वंश

1. परिचय - इस वंश की स्‍थापना इल्‍बारी तुर्को द्वारा की गई थी। अत: इसे इल्‍बारी वंश भी कहा जाता है। - इस वंश को मामलूक वंश भी कहा जाता है।
 - इसे गुलाम वंश इसलिए कहा जाता है क्‍योंकि इस वंश के तीन प्रमुख सुल्‍तान गुलाम थे। अर्थात कुतुबुद्दीन ऐबक, मोहम्‍मद गौरी का गुलाम था।
इल्‍तुतमशिश, कुतुबुद्दीन ऐबक का गुलाम था एवं बल्‍बन, इल्‍तुतमिश का गुलाम था।

कुतुबुद्दीन ऐबक (1206 – 1210) - उत्तरी भारत में पहले तुर्की साम्राज्‍य की स्‍थापना कुतुबुद्दीन ऐबक ने की थी। उसने लाहौर से शासन किया। - उसने दो मस्जिदें बनवाई। प्रथम दिल्‍ली में जिसे कुव्‍वत – उल – इस्‍लाम के नाम से जाना है एवं दुसरी अजमेर में बनवाई जिसे अढाई दिन का झोपडा के नाम से जाना जाता है। - वह एक महान दानी सम्राट था इसलिए उसे 'लाख – बख्‍श' कहा गया है जिसका अर्थ है 'लाखों का दान करने वाला' - उसने कुतुब मीनार का निर्माण कार्य प्रारंभ करवाया जिसका नाम एक सूफी संत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के नाम पर रख गया। - पोलो खेलते समय घोडे पर से गिरने के कारणवश इसकी मृत्‍यु हुई।
 आराम शाह - कुतुबुद्दीन ऐबक के बाद उसका पुत्र आराम शाह सिंहासन पर बैठा परन्‍तु इल्‍तुतमिश द्वारा उसका वध कर दिया गया
 . इल्‍तुतमिश (1211 – 1236) - इल्‍तुतमिश दिल्‍ली सल्‍तनत में गुलाम वंश का एक प्रमुख शासक था। कुतुबुद्दीन ऐबक ने अपनी पुत्री का विवाह इल्‍तुतमिश से कर उसे बदायूँ का सूबेदार बना दिया। - वह दिल्‍ली सल्‍तनत का वास्‍तविक संस्‍थापक था। उसने दिल्‍ली के बजाय लाहौर से शासन किया। - 1221 में इसने दिल्‍ली सल्‍तनत को चंगेज खाँ के प्रकोप से बचाया। चंगेज खाँ एक मंगोल आक्रमणकारी था। वह ख्‍वारिजम शाह का पीछा कर रहा था एवं उसने इल्‍तुतमिश को उसकी सहायता करने के लिए मना किया। - इसने कुतुबमीनार का निर्माण कार्य पूर्ण करवाया। - उसने सल्‍तनत कालीन दो महत्‍वपूर्ण सिक्के ‘चाँदी का टका’ तथा तांबे का ‘जीतल’ जारी किये। - इसने एक प्रथा चलाई जिसे इक्‍तादारी प्रथा कहा गया है। इक्‍ता के मुखिया को मुक्ति कहा जाता था। - उसने चालीस आधिकारिक कुलीनों का समूह बनवाया जिसे चहलगानी कहा जाता था, जिसका अर्थ था ‘चालीस लोगो का समूह’। - इसने मिनहाज – उल – सिराज नामक कवि को संरक्षण दिया जिसने तबाकत – ए – नासिरी नामक पुस्‍तक की रचना की थी। - 1236 में बीमार होने के कारण अपने महल में इसकी मृत्‍यु हो गई।
रजिया सुल्‍तान (1236 – 1240) - रजिया सुल्‍तान का मूल नाम रजिया अल – दिन था। यह इल्‍तुतमिश की पुत्री थी। - रजिया और उसके एथियोपियाई सलाहकार जलाल – उद – दिन- याकूत के साथ घनिष्‍ठ व्‍यवहार को अन्‍य अधिकारियों एवं कुलीन व्‍यक्तियों द्वारा नापसंद किया गया। - रजिया के सिंहासन पर बैठने के कुछ समय बाद ही मुल्‍तान, बदायूँ, हॉसी एवं लाहौर प्रान्‍तों के शासकों ने इसके विरूद्ध विद्रोह कर दिया। - भटिण्‍डा के शासक अल्‍तुनिया ने रजिया के आधिपत्‍य को स्‍वीकार करने से मना कर दिया जिसके फलस्‍वरूप भटिण्‍डा में भयंकर विद्रोह हुआ। - रजिया ने याकुत के साथ मिलकर अल्‍तुनिया के विरूद्ध संघर्ष किया परन्‍तु इस संघर्ष में याकुत की मृत्‍यु हो गई एवं अल्‍तुनिया द्वारा रजिया को बंदी बना लिया गया। - तत्‍पश्‍चात रजिया ने अल्‍तुनिया से विवाह कर लिया एवं दोनो ने दिल्‍ली पर कब्‍जा करने की योजना बनाई। - दिल्‍ली के विद्रोह में दिल्‍ली के शासक बहराम शाह द्वारा उन्‍हे परास्‍त कर वापस भटिण्‍डा लौटने पर विवश कर दिया। - उनकी सेना ने कैथल (हरियाणा) के निकट इनका साथ छोड दिया एवं 1240 में कुछ जाट लुटेरों द्वारा इनकी हत्‍या कर दी गई। - मिन्‍हाज – उल – सिराज ने रजिया के बारे में कहा है कि “उसमें सभी योग्‍यताएँ थी, परन्‍तु उसकी एकमात्र गलती या कमी, उसका महिला होना था।”
 गयासुद्दीन बलबन (1265 – 1287) - बलबन चहलगानी का एक पुराना सदस्‍य था। - इसने एक गुप्‍तचर व्‍यवस्‍था एवं आंतरिक अशांति के मुद्दों से निबटने के लिए केन्‍द्रीयकृत विशाल सेना का निर्माण किया। - इसने पौराणिक नायक अफरासियाब से प्रेरित होकर वंशावली पर विशेष जोर दिया। - इसने जिल – ए – इलाही (अर्थात ईश्‍वर की छाया) एवं नियाबत – ए – खुदाई (अर्थात पृथ्‍वी पर ईश्‍वर का राज – प्रतिनिधि) की उपाधियाँ धारण की। - इसने फारसी शिष्‍टाचार की विधियाँ लागु की। जैसे सजदा (अर्थात सम्राट के सामने साष्‍टांग प्रणाम) एवं पैबोस (अर्थात सम्राट के पैर को चूमना) ये सम्राट का अभिवादन करने की विधियाँ बनाई। - इसने अपने दरबार की चमक बिखरने के लिए नौरोज (पारसीयों का नववर्ष) त्‍यौहार मनाना प्रारंभ किया। - बलबन की 1287 में मृत्‍यु हो गई। मृत्‍यु से पहले उसने दिवंगत राजकुमार मुहम्‍मद के बेटे कै – खुसरो को उत्तराधिकारी बना दिया था, लकिन उसके साम्राज्‍य के कुलीन व्‍यक्तियों ने खुसरो को सिंहासन से हटाकर बलबन के पौत्र कैकुबाद को सिंहासन पर बैठा दिया। - गुलाम वंश का अंतिम शासक कयुमार था जिसका 1290 में जलालुद्दीन खिजली द्वारा वध कर दिया गया था। - इसने कवि अमीर खुसरो को विशेष संरक्षण दिया था।
7. गुलाम वंश के शासक (1206 – 1290) क्रम संख्‍या - शासक - शासन वर्ष 1. कुतुबुद्दीन – ऐबक - 1206 – 1210 2. आराम शा‍ह - 1210 – 1211 3. शम्‍शुद्दीन इल्‍तुतमिश - 1211 – 1236 4. रूकनुद्दीन फिरोज - 1236 5. रजिया सुल्‍तान - 1236 – 1240 6 बहराम शाह - 1240 – 1242 7. अलाउद्दीन मसूद - 1242 – 1246 8. नसिरूद्दीन महमूद - 1246 – 1265 9. गयासुद्दीन बलबन - 1265 – 1287 10. कैकूबाद - 1287 – 1290 11. शम्‍शुद्दीन कयुमार - 1290

26/05/18

थैलेसीमिया

थैलेसीमिया एक अनुवांशिक रक्त विकार है जिसके कारण इस बीमारी से पीड़ित लोग हीमोग्लोबिन बनाने में सक्षम नहीं हो  पाते हैं और गंभीर एनीमिया, थकान आदि के शिकार हो जाते हैं. थैलेसीमिया का मुख्य कारण रक्तदोष है. जैसा की हम जानते हैं कि हेमोग्लोबिन शरीर के सभी हिस्सों में ऑक्सीजन पहुचाता है जो लाल रक्त कोशिकाओं में मौजूद होता है. जब लाल रक्त कोशिकाओं में पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं होगा, तो ऑक्सीजन शरीर के सभी हिस्सों तक नहीं पहुंच पाएगी. इसलिए, व्यक्ति को ऊर्जा नहीं मिलेगी और उसके अंग भी ठीक से काम नहीं कर पाएंगे. मुख्य रूप से, थैलेसीमिया रोग दो प्रकार का होता है: अल्फा और बीटा थैलेसीमिया. क्या आप जानते हैं कि बीटा थैलेसीमिया एक गंभीर और बड़ी बीमारी है. इसे Cooley's Anaemia के रूप में भी जाना जाता है. इस बीमारी के लक्षण जीवन के पहले दो वर्षों में प्रकट होते हैं जिसमें त्वचा पीली पड़ने लगती है, भूख कम हो जाती है, विकास सही से नहीं हो पाटा है आदि. मरीजों को प्रदान किए जाने वाले उपचार में नियमित रक्त संक्रमण और अन्य उपचार शामिल हैं. आइये इस लेख के माध्यम से थैलेसीमिया रोग, इसके लक्षण, कारण, प्रकार इत्यादि के बारे में प्रश्नों और उत्तरों के रूप में अध्ययन करते हैं. 1. थैलेसीमिया रोग के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? (a) थैलेसीमिया कोशिकाओं के DNA में उत्परिवर्तन के कारण होता है जो हीमोग्लोबिन बनाते हैं. (b) थैलेसीमिया का प्रकार जीन में उत्परिवर्तन की संख्या पर निर्भर करता है. (c) थैलेसीमिया में उच्च मात्रा में हीमोग्लोबिन और लाल रक्त कोशिकाएं एनीमिया का कारण बन सकती हैं. (d) माइल्ड थैलेसीमिया में उपचार की आवश्यकता नहीं पड़ती है. सही विकल्प चुनें: A. (b), (c) और (d)  B. (a), (c) और (d)  C. (a), (b) और (c)  D. (a), (b) और (d)  Ans. D व्याख्या: थैलेसीमिया एक अनुवांशिक रोग है. इस रोग में लाल रक्त कण (Red Blood Cells) (RBC) नहीं बन पाते हैं और जो बन पाते है वो कुछ समय तक ही रहते है. इस रोग से पीड़ित व्यक्ति को बार-बार खून चढ़ाना पड़ता है. हीमोग्लोबिन और लाल रक्त कणों की कमी होने के कारण रोगी को एनीमिया हो जाता है और बहुत जल्द थकान भी होने लगती है. 2. थैलेसीमिया रोग का लक्षण कौन सा नहीं है? A. वजन न बढ़ना और कमजोरी B. पेट में मरोड़ उठना  C. पैरों में ऐंठन होना  D. छाती में दर्द होना और दिल की धड़कन का सही से न चलना Ans. B व्याख्या: थैलेसीमिया रोग के लक्षण हैं: छाती में दर्द होना और दिल की धड़कन का सही से न चलना, पेट में सूजन आना, पैरों में ऐंठन होना, वजन न बढ़ना और कमजोरी आना, सिरदर्द होना, हाथ और पैर का ठंडा होना आदि. 3. Cooley anaemia किस प्रकार की थैलेसीमिया बीमारी है? A. अल्फा - थैलेसीमिया B. बीटा - थैलेसीमिया C. Alloimmunization D. उपर्युक्त में से कोई नहीं Ans. B व्याख्या: बीटा - थैलेसीमिया एक बड़ी बीमारी और गंभीर बीमारी का कारण बनती है और इसे Cooley's Anaemia  भी कहा जाता है. 4. कौन सा रक्त परीक्षण (Blood test) पता लगाता है कि क्या कोई व्यक्ति थैलेसेमिया का वाहक है? A. Complete blood count (CBC) B. Reticulocyte count C. Prenatal testing D. उपर्युक्त सभी Ans. D व्याख्या: जिन रक्त परीक्षण से यह पता लगाया जाता हैं कि क्या व्यक्ति थैलेसेमिया रोग का वाहक है या नहीं वह इस प्रकार हैं: Complete blood count (CBC), Reticulocyte count, Prenatal testing, genetic testing, iron आदि. 5. अल्फा - थैलेसीमिया के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? (a) अल्फा - थैलेसीमिया में, हीमोग्लोबिन पर्याप्त अल्फा प्रोटीन का उत्पादन नहीं करता है. (b) अल्फा - ग्लोबिन प्रोटीन चेन बनाने के लिए, छह जीनस (genes)की आवश्यकता होती है. (c) थैलेसीमिया की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि कितने जीन (gene) उत्परिवर्तित होते हैं. (d) अल्फा - थैलेसीमिया दक्षिण चीन, दक्षिण-पूर्व एशिया, भारत आदि में सामान्य बिमारी है. सही विकल्प चुनें A. (a), (b) और (c)  B. (b), (c) और (d)  C. (a), (c) और (d)  D. (a), (b) और (d) Ans. C व्याख्या: अल्फा - थैलेसीमिया में, हीमोग्लोबिन पर्याप्त अल्फा प्रोटीन का उत्पादन नहीं करता है. अल्फा-ग्लोबिन प्रोटीन चेन बनाने के लिए, चार जीन की आवश्यकता होती है, प्रत्येक गुणसूत्र पर दो. हम प्रत्येक माता-पिता से दो जीन (gene) प्राप्त करते हैं यानी की16. यदि इनमें से एक या अधिक जीन लुप्त हो जाए, तो अल्फा - थैलेसीमिया रोग हो जाएगा. अल्फा - थैलेसीमिया की गंभीरता उत्परिवर्तित जीन पर निर्भर करती है. दक्षिण चीन, दक्षिण-पूर्व एशिया, भारत, मध्य पूर्व और अफ्रीका में यह एक सामान्य बिमारी है. निपाह वायरस क्या है और कैसे फैलता है? 6. बीटा - थैलेसीमिया के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? (a) इस बिमारी की गंभीरता जीन के उत्परिवर्तन पर निर्भर करती है. (b) बीटा - ग्लोबिन चेन बनाने के लिए चार ग्लोबिन जीन की आवश्यकता होती है, प्रत्येक माता-पिता से एक. (c) बीटा - थैलेसीमिया को थैलेसीमिया - मेजर भी कहा जाता है. (d) उत्तरी अफ्रीका, पश्चिम एशिया और मालदीव द्वीपसमूह में बीटा थैलेसीमिया एक सामान्य बिमारी है. सही विकल्प चुनें A. (a),(b) और (c) B. (b), (c) और (d) C. (a), (c) और (d) D. (a), (b) और (d) Ans. C व्याख्या: बीटा - ग्लोबिन चेन बनाने के लिए दो ग्लोबिन जीन की आवश्यकता होती है, प्रत्येक माता-पिता से एक. यदि एक या दोनों जीन दोषयुक्त हैं, तो बीटा - थैलेसीमिया होगा. इसके अलावा, इस बिमारी की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि कितने जीन उत्परिवर्तित होते हैं. यह भूमध्यसागरीय वंश के लोगों के बीच अधिक सामान्य बिमारी है. उत्तरी अफ्रीका, पश्चिम एशिया और मालदीव द्वीप समूह में अधिक प्रचलित है. 7. थैलेसीमिया रोग के रिस्क को बढ़ाने वाले कारक कौन से हैं? A. थैलेसीमिया बिमारी होने का पारिवारिक इतिहास B. कुछ वंशावली  C. केवल A D. A और B दोनों Ans. D व्याख्या: थैलेसीमिया के रिस्क को बढ़ाने वाले कारक हैं: थैलेसीमिया का पारिवारिक इतिहास यानी थैलेसीमिया माता-पिता से उत्परिवर्तित हीमोग्लोबिन जीन के माध्यम से बच्चों आ जाता है. अगर किसी के परिवार के इतिहास में थैलेसीमिया है तो इस बिमारी का खतरा बढ़ जाता है और कुछ वंश भी जिम्मेदार होते हैं यानी थैलेसीमिया अक्सर अफ्रीकी-अमेरिकियों और भूमध्यसागरीय और दक्षिणपूर्व एशियाई वंश के लोगों में अधिकतर पाया जाता है. 8. गंभीर थैलेसीमिया रोग में होने वाली जटिलताओं के बारे में बताएं? A. हड्डी विकृतियां (Bone deformities) B. बढ़ी हुई स्पलीन (Enlarged spleen) C. दिल की समस्याएं (Heart problems) D. उपरोक्त सभी Ans. D व्याख्या: गंभीर थैलेसीमिया में निम्नलिखित जटिलताओं का कारण हो सकता है: हड्डी विकृतियां, बढ़ी हुई स्पलीन, धीमी वृद्धि दर और दिल की समस्याएं आदि. 9. थैलेसीमिया की संभावित जटिलताएं क्या हैं? A. लौह की मात्रा का ज्यादा होना (Iron overload) B. संक्रमण (Infection) C. केवल B D. A और B दोनों Ans. D व्याख्या: थैलेसीमिया वाले लोग अपने शरीर में या तो बीमारी से या अक्सर रक्त संक्रमण से बहुत अधिक लोहा प्राप्त कर लेते हैं जो हृदय, यकृत और अंतःस्रावी तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है. इसके अलावा, थैलेसीमिया रोग से ग्रस्त लोगों में संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. 10. थैलेसीमिया रोगियों को क्या - क्या उपचार दिए जा सकते हैं? A. आयरन चीलेशन (Iron chelation) B. अस्थि मज्जा, या स्टेम सेल, प्रत्यारोपण (Bone marrow, or stem cell, transplant) C. रक्त संक्रमण (Blood transfusions) D. उपरोक्त सभी Ans. D व्याख्या: उपचार थैलेसीमिया के प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करते हैं जो इस प्रकार हैं: रक्त संक्रमण, आयरन चेलेशन यानी अतिरिक्त लोहे को शरीर से हटाना, रक्त प्रवाह, अस्थि मज्जा, या स्टेम सेल प्रत्यारोपण, सर्जरी और जीन थेरेपी. इसलिए, थैलेसीमिया एक आनुवंशिक रक्त विकार है जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं हीमोग्लोबिन उत्पन्न करने में सक्षम नहीं होती हैं, जिसके कारण एनीमिया होता है और लक्षण पीले रंग की त्वचा, दिल की धड़कन का बढ़ना, सिरदर्द, पैरों में ऐंठन होना, वजन न बढ़ना आदि पाए जाते हैं. डिमेंशिया क्या है और किन कारणों से होता है?

नदी के किनारे नगर




नदियों के किनारे बसे भारत के प्रमुख नगर-
1.आगरा - यमुना - उत्तर प्रदेश
2.अहमदाबाद - साबरमती - गुजरात
3.इलाहाबाद - गंगा - उत्तर प्रदेश
4.अयोध्या - सरयू - उत्तर प्रदेश
5.बद्रीनाथ - गंगा - उत्तराखंड
6.कोलकाता - हुगली - पश्चिम बंगाल
7.कटक - महानदी - ओडिशा
8.नई दिल्ली - यमुना - दिल्ली
9.डिब्रूगढ़ - ब्रह्मपुत्र - असम
10.फिरोजपुर - सतलज - पंजाब
11.गुवाहाटी - ब्रह्मपुत्र - असम
12.हरिद्वार - गंगा - उत्तराखंड
13.हैदराबाद - मूसी - तेलंगाना
14.जबलपुर - नर्मदा - मध्य प्रदेश
15.कानपुर - गंगा - उत्तर प्रदेश
16.कोटा - चंबल - राजस्थान
17.जौनपुर - गोमती - उत्तर प्रदेश
18.पटना - गंगा - बिहार
19.राजमुंदरी - गोदावरी - आंध्र-प्रदेश
20.श्रीनगर - झेलम - जम्मू और कश्मीर
21.सूरत - ताप्ती - गुजरात
22.तिरूचिरापल्ली - कावेरी - तमिलनाडु
23.वाराणसी - गंगा - उत्तर प्रदेश
24.विजयवाडा - कृष्णा - आंध्र प्रदेश
25.वडोदरा विश्वमित्री गुजरात
26.मथुरा - यमुना - उत्तर प्रदेश
27.औरैया - यमुना - उत्तर प्रदेश
28.इटावा - यमुना - उत्तर प्रदेश
29.बंगलौर - वृषभावती - कर्नाटक
30.फर्रुखाबाद - गंगा - उत्तर प्रदेश
31.फतेहगढ़ - गंगा - उत्तर प्रदेश
32.कन्नौज - गंगा - उत्तर प्रदेश
33.मंगलौर - नेत्रवती - कर्नाटक
34.शिमोगा - तुंगा नदी - कर्नाटक
35.भद्रावती - भद्रा - कर्नाटक
36.होसपेट - तुंगभद्रा - कर्नाटक
37.कारवार - काली - कर्नाटक
38.बागलकोट - घटप्रभा - कर्नाटक
39.होन्नावर - श्रावती - कर्नाटक
40.ग्वालियर - चंबल - मध्य प्रदेश
41.गोरखपुर - राप्ती - उत्तर प्रदेश
42.लखनऊ - गोमती - उत्तर प्रदेश
43.कानपुर - छावनी - गंगा उत्तर प्रदेश
44.शुक्लागंज - गंगा - उत्तर प्रदेश
45.चकेरी - गंगा - उत्तर प्रदेश
46.मालेगांव - गिर्ना नदी - महाराष्ट्र
47.संबलपुर - महानदी - ओडिशा
48.राउरकेला - ब्राह्मणी - ओडिशा
49.पुणे - मुथा - महाराष्ट्र
50.दमन - गंगा नदी - दमन
51.मदुरै - वैगई - तमिलनाडु
52.तिरुचिरापल्ली - कावेरी - तमिलनाडु
53.चेन्नई - अड्यार - तमिलनाडु
54.कोयंबटूर - नोय्याल - तमिलनाडु
55.इरोड - कावेरी - तमिलनाडु
56.तिरुनेलवेली - थमीरबारानी - तमिलनाडु
57.भरूच - नर्मदा - गुजरात
58.कर्जत - उल्हास - महाराष्ट्र
59.नासिक - गोदावरी - महाराष्ट्र
60.महाड - सावित्री - महाराष्ट्र
61.नांदेड़ - गोदावरी - महाराष्ट्र
62.नेल्लोर - पेन्नार - आंध्र प्रदेश
63.निजामाबाद - गोदावरी - आंध्र प्रदेश
64.सांगली - कृष्णा - महाराष्ट्र
65.कराड - कृष्णा - महाराष्ट्र
66.हाजीपुर - गंगा - बिहार
67.उज्जैन - शिप्रा - मध्य प्रदेश.

अफस्पा

अफस्पा से आप क्या समझते हैं
यह पता का पावर है जिसे सेंड कर दिया गया है अफस्पा का मतलब होता है आर्म्ड फोर्स स्पेशल ,, इसे भारत के पूर्वी राज्यों में जैसे असम मणिपुर धीरपुरा मेघालय अरुणाचल प्रदेश मिजोरम नागालैंड क्षेत्र में लगा इस में सैनिक को विशेष अधिकार दिया जाता है या इसलिए लगा क्योंकि पूर्वी राज्यों में हिंसा बहुत ज्यादा हो रहे थे यह पंजाब का चंडीगढ़ में भी लगाया गया था लेकिन 1997 में इसे यहां से हटा दिया गया 1990 में यह जम्मू कश्मीर मैं भी लगा अभी तक लगा हुआ है

  • राज्य या केंद्र सरकार के पास किसी भी भारतीय क्षेत्र को “डिस्टर्ब” घोषित करने का अधिकार है।
  • अधिनियम की धारा (3) के तहत, राज्य सरकार की राय का होना जरुरी है कि क्या एक क्षेत्र “डिस्टर्ब” है या नहीं। अगर ऐसा नही है तो राज्यपाल या केंद्र द्वारा इसे खारिज किया जा सकता है।
  • अफस्पा अधिनियम की धारा (3) के तहत राज्य या संघीय राज्य के राज्यपाल को बजट की आधिकारिक सूचना जारी करने के लिए अधिकार देता है, जिसके बाद उसे केंद्र के नागरिकों की सहायता करने के लिए सशस्त्र बलों को भेजने का अधिकार प्राप्त हो जाता है।
  • (विशेष न्यायालय) अधिनियम 1976 के अनुसार, एक बार “डिस्टर्ब” क्षेत्र घोषित होने के बाद कम से कम 3 महीने तक वहाँ पर स्पेशल फोर्स की तैनाती रहती है।
अफस्पा के अधिकार
अफस्पा के अनुसार, जो क्षेत्र “डिस्टर्ब” घोषित कर दिए जाते हैं वहाँ पर सशस्त्र बलों के एक अधिकारी को निम्नलिखित शक्तियाँ दी जाती हैं –
  • चेतावनी के बाद, यदि कोई व्यक्ति कानून तोड़ता है और अशांति फैलाता है, तो सशस्त्र बल के विशेष अधिकारी द्वारा आरोपी की मृत्यु हो जाने तक अपने बल का प्रयोग किया जा सकता है।
  • अफसर किसी आश्रय स्थल या ढांचे को तबाह कर सकता है जहाँ से हथियार बंद हमले का अंदेशा हो।
  • सशस्त्र बल किसी भी असंदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी वारंट के गिरफ्तार कर सकते हैं। गिरफ्तारी के दौरान उनके द्वारा किसी भी तरह की शक्ति का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • अफसर परिवार के किसी व्यक्ति, सम्पत्ति, हथियार या गोला-बारूद को बरामद करने के लिए बिना वारंट के घर के अंदर जा कर तलाशी ले सकता है और इसके लिए जरूरी, बल का इस्तेमाल कर सकता है।
  • एक वाहन को रोक कर या गैर-कानूनी ढंग से जहाज पर हथियार ले जाने पर उसकी तलाशी ली जा सकती है।
  • यदि किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाता है तो उसको जल्द ही पड़ोसी पुलिस स्टेशन में अपनी गिरफ्तारी के कारण के साथ उपस्थित होना होता है कि उसको क्यों गिरफ्तार किया गया।
  • सेना के अधिकारियों को उनके वैध कार्यों के लिए कानूनी प्रतिरक्षा दी जाती है।
  • सेना के पास इस अधिनियम के तहत अभियोजन पक्ष, अनुकूल या अन्य कानूनी कार्यवाही के तहत अच्छे विश्वास में काम करने वाले लोगों की रक्षा करने की शक्ति है। इसमें केवल केंद्र सरकार हस्तक्षेप कर सकती है।
  • यह देखा गया कि कई वर्षों में पूर्वी राज्यों में हिंसा कम हुई है किसी की नजर रखते हुए केंद्र सरकार ने 8 क्षेत्र को हटा दिया है 2016 की तुलना में हिंसा ३७,% की कमी आई है इसे भारतीय के अनुसार रखा गया है त्रिपुरा में 2015 मैं इसे हटा दिया गया है

English meaning

ऑक्सीटोसिन

ऑक्सीटोसिन से आप क्या समझते हैं

 यह एक प्रकार का लव हार्मोन यह मानव शरीर में उत्पन्न होता है शिशु जन्म का समय तथा स्तनपान तथा यौन संबंध के समय उत्पन्न होता है पिट्यूटरी ग्रंथि से उत्पन्न होता है

ऑक्सीटोसिन के आयात पर प्रतिबंध क्यों

इससे दुग्ध देने वाली पशु को या या दूसरे जानवर को सिरिंज के द्वारा दूध का उत्पादन बढ़ाया जाता है इससे जानवरों के मौत हो जाने के बाद उसको दूसरे जानवरों के द्वारा खाने के बाद कुछ जानवरों की संख्या में कमी आई है जैसे गिद्ध इसका प्रयोग सब्जियों के आकार बढ़ाने में भी किया जाता है भारत में इस प्रकार की दवा कि  बिक्री पर रोक लगा दी केंद्र सरकार ने 6 अप्रैल 2018 को इस हार्मोन की दवा के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है इसके प्रयोग से मनुष्य के जीवन काल में भी कमी आई है

25/05/18

कौन से मौलिक अधिकार विदेशी नागरिक को नहीं मिला है

मौलिक अधिकारों में से अनुच्छेद 15 तथा अनुच्छेद 16 तथा अनुच्छेद 19 तथा अनुच्छेद 29 तथा अनुच्छेद 30 यह अधिकार विदेशी नागरिक नहीं दिया गया है
धर्म, जाति, लिंग या जन्म स्थान (अनुच्छेद 15) के आधार पर भेदभाव निषेध।
सार्वजनिक रोजगार के मामलों में अवसर की समानता, (अनुच्छेद 16)
व्यवसाय (अनुच्छेद 19)
(b) अपराधों के लिए सजा के संबंध में संरक्षण (अनुच्छेद 20) ।
शिक्षा तथा संस्कृति का अधिकार  अनुच्छेद 29 और 30 है 
x

विश्व में सबसे कम खाता रहित वाले देश

विश्व बैंक द्वारा बताया गया की रिपोर्ट के अनुसार विश्व में सबसे कम खाता चीन में तथा उसके बाद भारत तथा उसके बाद पाकिस्तान तथा उसके बाद इंडोनेशिया है इस रिपोर्ट के अनुसार भारत में 12 पर्सेंट आबादी खाता नहीं था यह अनुपात 2011 में 55%तथा 2014 में लगभग 65% थे मार्च 2018 तक जनधन खाता खोलने के बावजूद अभी भी बहुत से लोगों के पास खाता नहीं है अभी भारत सौ पर्सेंट खाताधारक में नहीं है इसके लिए भारत को बहुत मेहनत ् करना पड़ेगा
रिपोर्ट के अनुसार चीन मैं लगभग 240 मिलियन युवा बिना खाता के है भारत में यह संख्या लगभग 200 मिलियन है 110 मिलियन पाकिस्तान में है तथा इंडोनेशिया में यह संख्या 100 मिलियन है यह रिपोर्ट ग्लोबल फिन्डेव्स डेटा बेस के अनुसार है

24/05/18

निपाह वायरस

निपाह वायरस क्या है

यह एक प्रकार का हैडा वायरस है यह एक प्रकार का RNA इसे यह NIV नाम से भी जानते हैं यह चमगादड़ तथा अन्य जानवरों से फैलता है 

निपाह वायरस का इतिहास

1998 में नेपाल वायरस मलेशिया के कामपुग सुगई निपाह नामक स्थान से पता चला इसी के नाम पर इसका नाम रखा गया
इस वायरस का सवपथम पता सूअर के द्वारा चला 2001 में इसका पता बांग्लादेश में भी चला तथा बांग्लादेश से सटे होने का कारण बंगाल में भी इसका प्रभाव देखा गया है तथा बंगाल में 50 लोगों की मौत हो गई डब्ल्यूएचओ के अनुसार इसे 10 घातक बीमारी में रखा गया है बांग्लादेश में 300 लोगों में से 100 लोगों की मौत वायरस से हो गई थी

वायरस फैलता कैसे है-

चमगादड दारा तथा सूअर से तथा कई जानवरों से  से फैलता है यह खजूर खाने से भी फैलता है यह जानवरों से जानवरों में तथा इंसान में इंसान के द्वारा भी फैलता है इसके वायरस मल मूत्र वीर्य लार से भी फैलते हैं हवा से हवा के दारा नहीं फैलता है 
इस वायरस से प्रभावित अंग-
इस वायरस से सर्वाधिक प्रभावित होता है

इस वायरस के लक्षण-

१-सांस लेने में दिक्कत होती है
२-दिमाग में जलन होता है
३-तेज बुखार होता है
४-सिर दर्द होता है
५-सिर में सूजन होता है
६-विचलन होता है
७-मानसिक भर्म होता है

अगर निपाह वायरस हो जाए तो क्या होगा-

१-कोमा में मनुष्य जा सकता है
२- 4 से 18 दिन के अंदर इसका लक्षण दिखने लगेगा
३-अभी तक कोई वैक्सीन बनी नहीं है
४-इस बीमारी से प्रभावित 80% लोग लोगों की मौत हो जाती है

बचाव-

१-चमगादड़ तथा सूअर से दूर रहना चाहिए
२-जानवर के झूठे फल नहीं खाना चाहिए
३-जो व्यक्ति इस वायरस से प्रभावित हूं उससे दूर रहना चाहिए
४-मार्क्स पहनकर डॉक्टर के पास जाना चाहिए

उपचार-

१-आईसीयू में रखा जाता है

२-अभी तक कोई दवा नहीं बनी है
३-केवल बचाव ही सबसे अच्छा है



Supreme Court ् सुप्रीम कोर्ट रोचक तथ्य

#भारतीय_सर्वोच्च_न्यायालय_के_बारे_में_रोचक_तथ्य !

सुप्रीम कोर्ट- भारत का शीर्ष अदालत है जो 26 जनवरी, 1950 को अस्तित्व में आया था| इसका मुख्यालय नई दिल्ली में तिलक मार्ग पर स्थित है। यह एक संवैधानिक निकाय है जिसकी व्याख्या भारतीय संविधान के भाग V के अध्याय 4 में अनुच्छेद 124 से 147 के अंतर्गत की गई है| भारतीय संविधान के अनुसार उच्चतम न्यायालय की भूमिका संघीय न्यायालय और भारतीय संविधान के संरक्षक की है। उच्चतम न्यायालय देश का सबसे उच्च अपीलीय अदालत है जो राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के उच्च न्यायालयों के फैसलों के खिलाफ अपील सुनता है। इसके अलावा, राज्यों के बीच के विवादों या मौलिक अधिकारों और मानव अधिकारों के गंभीर उल्लंघन से संबंधित याचिकाओं को आमतौर पर उच्च्तम न्यायालय के समक्ष सीधे रखा जाता है। भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय में 30 न्यायधीश तथा 1 मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। कुल मिलाकर ३१ ्हो जाते हैं उच्चतम न्यायालय के सभी न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा उच्चतम न्यायालय के परामर्शानुसार की जाती है| उच्चतम न्यायालय के सभी न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष निर्धारित की गई है| भारतीय सर्वोच्च न्यायालय से संबंधित कुछ रोचक तथ्य-

1. भारतीय सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना 28 जनवरी, 1950 को “भारत की संघीय अदालत” के स्थान पर की गई थी|
“भारत की संघीय अदालत” की स्थापना भारत सरकार अधिनियम 1935 और प्रिवी काउंसिल के तहत की गई थी और वह ब्रिटिश काल के दौरान देश में सर्वोच्च न्यायिक संस्था थी|
 2. भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के उद्घाटन समारोह का आयोजन संसद भवन परिसर के चेंबर ऑफ़ प्रिंसेस में किया गया था। क्या आप जानते हैं कि 1937 से 1950 के बीच लगभग 12 वर्षों तक चैंबर ऑफ़ प्रिंसेस ही “भारत की संघीय अदालत” का भवन था| आज़ादी के बाद भी 1958 तक चैंबर ऑफ़ प्रिंसेस ही भारत के उच्चतम न्यायालय का भवन था, जब तक कि 1958 में उच्चतम न्यायालय ने अपने वर्तमान तिलक मार्ग, नई दिल्ली स्थित परिसर का अधिग्रहण किया|
3. अपने प्रारंभिक वर्षों में, सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही एक साल में 28 दिन ही चलती थी और इसका समय 10 बजे से 12 बजे और दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक होता था| लेकिन वर्तमान समय में सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही एक साल में 190 दिन चलती है |
 4. 29 अक्टूबर 1954 को भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट के भवन की आधारशिला रखी थी|
5. सुप्रीम कोर्ट का भवन हार्डिंग पुल के ठीक विपरीत हार्डिंग एवेन्यू में 17 एकड़ की त्रिभुजाकर भूमि पर इंडो-ब्रिटिश स्थापत्य शैली में बनाया गया है|
 इसके मुख्य वास्तुकार गणेश भीकाजी देवलकर थे, जो सीपीडब्ल्यूडी के पहले भारतीय प्रमुख थे|
6. आश्चर्य की बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि यह न्याय के तराजू का प्रतिनिधित्व करता है| राजेन्द्र प्रसाद ने कहा था कि न्याय के तराजू के दोनों पलड़े सामान होने चाहिए| अतः सुप्रीम कोर्ट भवन का केन्द्रीय हिस्सा जिसमें मुख्य न्यायाधीश का कमरा एवं दो बड़े कोर्टरूम स्थित हैं तराजू के केन्द्रीय बीम का प्रतिनिधित्व करता है|
7. भवन का दायां एवं बायां हिस्सा तराजू के दोनों पलड़ो का प्रतिनिधित्व करता है। इसके दाएं हिस्से में भारत के अटॉर्नी जनरल एवं अन्य विधि अधिकारियों का कार्यालय, बार-कक्ष (bar-room) और पुस्तकालय स्थित है जबकि इसके बाएं हिस्से में कोर्ट के कार्यालय स्थित हैं|
8. 1979 में भवन की संरचना में पूर्वी एवं पश्चमी दो हिस्सों को जोड़ा गया था और इसका अंतिम विस्तार 1994 में किया गया था|
9. एक और रोचक तथ्य सुप्रीम कोर्ट के लॉन परिसर में स्थापित काले रंग की पीतल की 210 सेमी. ऊँची मूर्ति के बारे में है| इस मूर्ति में एक महिला एक बच्चे को पकड़े हुए है एवं बच्चे के हाथ में एक खुली हुई किताब है| इस मूर्ति में प्रदर्शित महिला भारत माता का प्रतिनिधित्व करती है और बच्चे को इस तरह दिखाने का आशय यह है कि वह भारत के युवा गणराज्य रक्षा कर रही है| जबकि मूर्ति में प्रदर्शित किताब देश की कानूनों का प्रतिनिधित्व करता है और किताब का संतुलन सभी के लिए समान न्याय का प्रतिनिधित्व करता है। इस मूर्ति की स्थापना 20 फरवरी 1980 को की गई थी और इसके डिजाइनर “चिंतामणि कार” थे|
10. क्या आप जानते हैं कि भारत की पहली महिला न्यायाधीश और भारतीय सर्वोच्च न्यायालय की पहली महिला न्यायाधीश का संबंध भारत के सबसे शिक्षित राज्य केरल से था? भारत की पहली महिला न्यायाधीश सुश्री अन्ना चांडी थी, जो 1927 में लॉ स्कूल में दाखिल हुई और 1929 में बार-एशोसिएशन में शामिल हुई| वह 1937 में पहली महिला “जिला मुन्सिफ़” और 1948 में पहली “जिला न्यायाधीश” बनी| वह शायद उच्च न्यायालय की न्यायाधीश बनने वाली विश्व की दूसरी महिला थी| वह 1959 में केरल उच्च न्यायालय की न्यायाधीश बनी थी| भारत में उच्च न्यायालय की दूसरी महिला न्यायाधीश फातिमा बीवी थी।
 11. भारत के सुप्रीम कोर्ट एवं एशिया के किसी सुप्रीम कोर्ट की पहली महिला न्यायाधीश फातिमा बीवी थी, जिन्हें 1959 में सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया था।
12. सुप्रीम कोर्ट की मुहर के रूप में “सारनाथ के अशोक स्तंभ” में वर्णित 24 तीलियों वाले पहिये की प्रतिकृति का प्रयोग किया जाता है|
13. फरवरी 2009 के बाद से भारत के उच्चतम न्यायालय में मुख्य न्यायाधीश सहित न्यायाधीशों की संख्या 31 है। महत्वपूर्ण बात यह है कि मूल संविधान में केवल 8 न्यायाधीशों का स्थान निर्धारित किया गया था और न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का शक्ति संसद को दी गई है| 1960 में न्यायाधीशों की संख्या को बढाकर 11, 1968 में 14, 1978 में 18, 1986 में 26 और 2009 में 31 कर दी गई है।
14. क्या आप जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति कैसे की जाती है? सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्त राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 124(2) के अनुसार उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के साथ विचार-विमर्श के बाद किया जाता है| *1993 तक उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा की जाती थी लेकिन अब 5 वरिष्ठतम न्यायाधीशों की समिति कानून मंत्रालय को नामों की सूची भेजती है और कागजातों की छानबीन के बाद उसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है| अब यह राष्ट्रपति पर निर्भर करता है कि वह नामों पर विचार करे या उन्हें पुनर्विचार के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास वापस भेज दे| लेकिन यदि सुप्रीम कोर्ट पुनर्विचार के बाद उन्हीं नामों को भेजता है तो राष्ट्रपति उन व्यक्तियों की नियुक्ति पर मुहर लगा देता है|
 15. आइये अब जानते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश बनने के लिए किसी व्यक्ति के पास क्या-क्या योग्यता होनी चाहिए? - उसे भारत का नागरिक होना चाहिए| - वह किसी उच्च न्यायालय में लगातार कम से कम 10 वर्ष तक न्यायाधीश रह चुका हो या वह उच्च न्यायालय या किसी भी न्यायालय में कम-से-कम 10 वर्ष से विधि व्यवसाय कर रहा हो या वह राष्ट्रपति की नजर में देश का प्रतिष्ठित विधिवेत्ता हो| - राष्ट्रपति के फैसले के अनुसार, एक प्रख्यात कानूनी विद्वान या विशेषज्ञ को भी सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया जा सकता है|
 16. न्यायाधीशों का कार्यकाल क्या है? भारत के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष है जबकि उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु 62 वर्ष है|
17. क्या आपने कभी सोचा है कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को किस प्रकार उनके पद से हटाया जाता है? केवल दुर्व्यवहार या अक्षमता के आधार पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को राष्ट्रपति के द्वारा हटाया जा सकता है और इसकी जाँच की शक्ति संसद को दी गई है| यदि संसद के दोनों सदन के उपस्थित सदस्यों में से दो-तिहाई सदस्यों द्वारा किसी न्यायाधीश को हटाने के लिए प्रस्ताव पारित किया जाता है उस न्यायाधीश को उसके पद से हटाया जा सकता है|
 18. क्या आपको सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के वेतन की जानकारी है? सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का वेतन 1 लाख रूपये और अन्य न्यायाधीशों का वेतन 90,000 रूपये है|
 19. क्या होता है जब सुप्रीम कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश अनुपस्थित होते है? अनुच्छेद 126 के अनुसार, जब मुख्य न्यायाधीश अनुपस्थित होते हैं तो राष्ट्रपति सुप्रीम कोर्ट के किसी अन्य न्यायाधीश को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करते हैं|
20. क्या सेवानिवृत्ति के बाद न्यायाधीश कोई अन्य पद पर कार्य कर सकता है? सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर किसी भी अदालत में एक न्यायाधीश के रूप में कार्य नहीं कर सकते हैं| लेकिन सरकार आम तौर पर विभिन्न आयोगों के प्रमुखों के पद पर सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को नियुक्त करती है|

21/05/18

एशिया की सबसे लंबी सुरंग

विश्व की सबसे लंबी सुरंग स्विजरलैंड में है उसका नाम गोटहार्ड टनल  है इसकी लंबाई 57 किलोमीटर है  
   
सीकर सुरग जापान की सबसे लंबी रेल सुरंग इसकी लंबाई लगभग 24००० मीटर है यह समुद्र के नीचे है विश्व की सबसे लंबी सुरंग गोठ्यात सुरंग है
जोजिला सुरंग एशिया की सबसे लंबी सुरंग है इसकी लंबाई 14 किलोमीटर है इसे बनाने में लगभग 5 साल लगे इसे बनाने में 6800 करोड़ रुपए लगे जहां एक स्थान से दूसरे स्थान जाने में 3:30 घंटा लगता था अब वहां 20 मिनट लगता है इस टनल में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति होगी यहां 24 घंटे ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है यहां आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था भी होगी इसे CCTV के द्वारा देखा जाएगा इस सुरंग में १३०मीटर पर टेलीफोन तथा अग्निशमक होगा ठंडी में जम्मू और कश्मीर का माग टूट जाता है अब वही नही होगा ठंडी में सेना को भोजन पहुंचाने में दिक्कत होती थी अब वह नहीं होगा इससे आपात काल में सेना से सीधा संपर्क किया जा सकता है तथा सेनानी जो जम्मू कश्मीर घूमने आते थे उनको दिक्कत नहीं होगी टनल की सुरक्षा सेना के द्वारा की जाएगी

20/05/18

जल संरक्षण

जल दिवस 22 मार्च को मनाते हैं यहां इसलिए मनाते हैं क्योंकि दिन पर दिन जल कम हो रहा है और अगर अब इस पर काम नहीं किया गया तीसरा विश्व युद्ध पानी के लिए हो सकता है  पृथ्वी पर 71 पर्सेंट पानी तथा 29 प्रतिशत भूमि है लेकिन 3% पीने योग्य पानी है इन में से 30% भूमिगत जल है जिनका हमने एक   परत  खर्च कर दिया है यह दूषित कर दिया है  तालाब कुआं को सुखाकर हमने पानी के  रिचार्ज का रास्ता बंददिया है 2040 तक विश्व की आधी आदमी पीने के पानी के लिए  तरसेगे जो पानी था हम उसे सिर्फ खर्च कर रहे हैं अब बचा नहीं रहे बंगलुरु में अब पानी कावेरी नदी से आता है दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन शहर सूखे से प्रभावित है यहां यहां के सभी बांध सूख चुके हैं उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड पानी से भी किल्लत से जूझ रहा है हर साल पानी की मांग एक परसेंट बढ़ रहा है 2022 तक भारत के आधे राज प्रभावित होंगे भूमिगत जल हर साल 2 फुट कम हो रहा है तथा 55 प्रतिशत कुएं और तालाबभारत के सूख चुके हैं देश में सालाना बारिश 12 ०० मिलीमीटर होता है यह पश्चिमी अमेरिका से 6 गुना अंदर से बहुत ज्यादा है लेकिन इसे हम बचा नहीं पा रहे हैं शहरों में 100000000 अशुद्ध पानी पीने के लिए विवश हैं गांव में भी  दूषित पानी पी रहे हैं 40 % अधिक लोग शहर  तथा गांव में रहते भारत में जितना पानी बरसता आता है उसका केवल 5पर्सेंट अगर हम सेव कर ले तो साल भर पानी की किल्लत नहीं होगी  भारत में कई नदी हैं लेकिन आधे से ज्यादा प्रदूषित कर दिया है भारत के लिए हम ज्यादा जिम्मेदार हैं क्योंकि पीने योग्य पानी का प्रयोग बिजली खेती में करते हैं पहले हम मोटर लगाते थे अब समरसेबल रहते हैं जहां पहले 80 से 90 फुट पर पानी मिल जाता था अब वहां पानी 110 से 120 फुट पर पानी नहीं मिलता पावर प्लांट में उपयोग होता है तथा पेड़ों की कटान से पानी की किल्लत बढ़ रही है इसका एक प्रभाव जनसंख्या भी है अगर ऐसा ही होता रहा तो बहुत से लोग पानी के लिए ही मर जाएंगे


 शिमला जैसे शहर में पानी की किल्लत हो रही है वहां के लोग आने के लिए सड़क पर उतर चुके हैं और सरकार पर पानी न देने का आरोप लगा रहे हैं इसी तरह अगर चलता था तो कुछ वर्षों में भारत के कई शहर पानी के लिए परेशान होंगे अगर सरकार न जागी और ना ही लोग जागे तो वह दिन दूर नहीं जब हम पानी के लिए   परेशान होंगे

15/05/18

परमाणु परीक्षण पोखरण



11 मई 1998 में पोखरण सफलता पूर्व परीक्षण किया गया उस समय अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री थे उससे पहले पोखरण 1974 में सफलता पूर्ण परीक्षण किया गया था उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थी पोखरण राजस्थान राज्य में है भारतीय वैज्ञानिक सेना की वर्दी पहने हुए राजस्थान की 45 डिग्री सेल्सियस गर्मी को शांत करते हुए बंकर में बैठे हुए पोखरण पोखरण की तैयारी में लगे हुए थे डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम उस समय वही थे अमेरिका के खुफिया एजेंसी से बचकर भारतीय वैज्ञानिक को परीक्षण करना था अमेरिकी सैटेलाइट तथा सीआईए भारत पर नजर बनाए हुए थे 11 मई 1998 को पहला परीक्षण किया गया तथा 13 मई 1998 को पोखरण 2 का जैसे परीक्षण किया गया भारतीय वैज्ञानिकों की चेहरे पर खुशी आ गई 1974 में हुए पोखरण 1 को मुस्कुराते बुद्धा का नाम दिया गया भारत में केवल 5 लोगों के इसके बारे में पता था 11 मई को टेक्नोलॉजी दिवस के रुप में मनाया जाता है कई देशों ने भारत द्वारा किए गए परमाणु परीक्षण का विरोध किया 1945 में डॉक्टर होमी जहांगीर भाभा ने इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च की स्थापना की 1964 में चीन ने हमारे परीक्षण करके भारत की जनता को बढ़ा दिया क्योंकि इससे पहले 1962 में भारत चीन का युद्ध हो चुका था तथा 1965 में भारत पाकिस्तान का युद्ध हुआ था भारत के खुफिया एजेंसी के द्वारा पता चला था चीन पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण में सहयोग कर रहा है 5 महाशक्तियों के बाद भारत परमाणु युक्त देश बन गया था 8 वैज्ञानिक तथा 58 वी के सेना इंजीनियर ने इस परीक्षण में भाग लिया तथा पोखरण 2 के अभियान को शक्ति नाम दिया गया उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने इस परीक्षण को आत्मरक्षा के लिए कहा प्रधानमंत्री ने कहा हम पहले परमाणु बम किसी देश पर नहीं गिराएंगे उन देशों पर भी नहीं गिराएंगे जिनके पास परमाणु बम नहीं  है प्रधानमंत्री को इस बात की चिंता थी वह हो गया और 28 मई और 30 मई को पाकिस्तान ने परमाणु परीक्षण कर लिया

11/05/18

ताकतवर व्यक्ति की सूची

 फोर्ब्स पत्रिका की सूची में नरेंद्र मोदी  9 स्थान पर हैं दुनिया की  75 सबसे ताकतवर लोगों की सूची  में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पहले स्थान पर हैं दूसरे स्थान पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, तीसरे स्थान पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप है चौथे स्थान पर जर्मन चांसल एंजेला डोरोथी मर्केल  हैं फेसबुक सीईओ मार्क जुकरबर्ग  13 स्थान पर हैं ब्रिटिश   pm तेरीज 14 स्थान पर है चीनी pm ली केकियांग 15 स्थान पर है और एप्पल सीईओ टिम कुक 24 स्थान पर है भारतीय कारोबारी मुकेश अंबानी 32 स्थान पर है भारतीय मूल के माइक्रोसॉफ्ट सीईओ सत्या नडेला 40 स्थान पर है

09/05/18

टिहरी बांध परियोजना

टिहरी बांध परियोजना अलकनंदा नदी पर है वर्षो से लंबित विवादों का शिकार   रही यह अब 2400 मेगावाट की थी बिजली उत्पादन करती है जो  पहले चरण में 1000 मेगावाट हो चुका है 30 जुलाई 2006 को केंद्रीय विधि मंत्री सुशील कुमार शिंदे मैं इसका उद्घाटन किया इससे पहले चरण की 250 मेगावाट की चौथे टरबाइन में विद्युत उत्पादन 28 जुलाई 2006 से ही आरंभ कर दिया था यह बांध उत्तराखंड में है