17/08/22

 49वें मुख्य न्‍यायाधीश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सर्वोच्च न्यायालय के न्‍यायाधीश उदय उमेश ललित को देश का 49वाँ मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। न्‍यायाधीश ललित 27 अगस्‍त, 2022 को कार्यभार ग्रहण करेंगे। वर्तमान प्रधान न्‍यायाधीश न्‍यायाधीश एन वी रमणा 26 अगस्त, 2022 को सेवानिवृत्त होंगे।।न्‍यायाधीश उदय उमेश ललित को अगस्त 2014 में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। न्‍यायाधीश ललित ने दो कार्यकालों के लिये उच्‍चतम न्यायालय विधिक सेवा समिति के सदस्य के रूप में भी कार्य किया है। 9 नवंबर, 1957 को महाराष्ट्र के सोलापुर में जन्मे, न्‍यायाधीश ललित को जून 1983 में महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल द्वारा अधिवक्‍ता के रूप में पंजीकृत किया गया था। जनवरी 1986 में सर्वोच्च न्यायालय आने से पहले उन्‍होंने दिसंबर 1985 तक बम्‍बई उच्च न्यायालय में वकालत की। भारत के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय (SC) के न्यायाधीशों को राष्ट्रपति द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124 के खंड (2) के तहत नियुक्त किया जाता है। मुख्य न्यायाधीश के पद के मामले में देश के निवर्तमान मुख्य न्यायाधीश द्वारा अपने उत्तराधिकारी के नाम की सिफारिश की जाती है। केंद्रीय विधि मंत्री द्वारा मुख्य न्यायाधीश की सिफारिश प्रधानमंत्री को हस्तांतरित की जाती है और प्रधानमंत्री उसी आधार पर राष्ट्रपति को सलाह देता है। द्वितीय न्यायाधीश मामले में वर्ष 1993 में सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया था कि सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठतम न्यायाधीश को ही मुख्य न्यायाधीश के पद पर नियुक्त किया जाना चाहिये। सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम में भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में सर्वोच्च न्यायालय के चार अन्य वरिष्ठतम न्यायाधीश शामिल होते हैं।

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