04/08/22

 जान यही, शान यही|

हमारी पहचान यही||

देश यही, विदेश यही|

गीता का उपदेश यही||

बनारस की सुबह यही,अवध का नाम यही|

लोगों का स्वर्ग यही||

गांधी का परित्याग यही, रानी की तलवार यही|

भगत सुभाष की ललकार रही||

शिवेंद्र जी बसा देश प्रेम यही||

जय  हिन्द

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अगर आप किसी भी प्रकार के सुझाव दे सकते हैं और किसी भी प्रकार कि जानकारी के लिए आप हमारे व्हाट्सएप नंबर पर 8354099127 ,8795713286 पर मैसेज कर सकते है