महात्मा गांधी
मोहनदास करमचंद गांधी का जन्म गुजरात के पोरबंदर में 2 अक्टबर 1869 को हुआ था। इसलिए हर साल 2 अक्टूबर को दुनियाभर में ‘गांधी जयंती’ मनाई जाती है, इस दिन को ‘विश्व अहिंसा दिवस’ के रूप में भी सेलिब्रेट किया जाता है।
इनके पिता का नाम करमचंद गांधी था। मोहनदास की माता का नाम पुतलीबाई था
महात्मा गांधी जी की पत्नी का नाम ' कस्तूरबा गांधी ” था
महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका में लगभग 21 वर्ष रहे थे। वर्ष 1893 में गांधी जी गुजरात के राजकोट में वकालत की प्रैक्टिस किया करते थे। तब उन्हें दक्षिण अफ्रीका से सेठ अब्दुल्ला ने एक मुकदमा लड़ने के लिए बुलाया था। गांधी जी पानी के जहाज पर सवार होकर दक्षिण अफ्रीका के डरबन पहुंचे थे। उस समय गांधी ना महात्मा थे और ना ही राष्ट्रपिता वो तब सिर्फ एक बैरिस्टर थे। लेकिन ट्रेन से उन्हें जबरदस्ती पीटरमारिट्जबर्ग स्टेशन पर उतारने की घटना ने उन्हें महात्मा बनने के रास्ते पर चलने को मजबूर कर दिया।
महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका में थे। उन्होंने वहां की ब्रिटिश सरकार के खिलाफ अहिंसक युद्ध छेड़ रखा था। गांधीजी ने वहां फीनिक्स आश्रम की स्थापना की थी,
महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका में इंडियन ओपिनियन पत्रिका का संपादन किया।
महात्मा गांधी 9 जनवरी 1915 को दक्षिण अफ्रीका से भारत आए थे इसीलिए 9 जनवरी को प्रवासी दिवस मनाया जाता है।
साबरमती आश्रम भारत के गुजरात राज्य अहमदाबाद जिले के प्रशासनिक केंद्र अहमदाबाद के समीप साबरमती नदी के किनारे स्थित है। सत्याग्रह आश्रम की स्थापना सन् 1915 में अहमदाबाद के कोचरब नामक स्थान में महात्मा गांधी द्वारा हुई थी। सन् 1917 में यह आश्रम साबरमती नदी के किनारे वर्तमान स्थान पर स्थानांतरित हुआ और तब से साबरमती आश्रम कहलाने लगा।
राजकुमार शुक्ल के आग्रह पर महात्मा गांधी 1917 में चंपारण पहुंचे और वहां चंपारण सत्याग्रह शुरू किया तथा वह सफल रहा
खेड़ा सत्याग्रह 1918 को गांधी जी गुजरात पहुंचकर वहां इस सत्याग्रह को सफल बनाया यहीं पर ही गांधी जी के कहने पर वल्लभभाई पटेल ने वकालत छोड़ कर भारत को आजाद कराने में गांधी जी के साथ चल दिए
1918 के अहमदाबाद मिल आंदोलन गांधीजी पहली बार भूख हड़ताल किया था।
महात्मा गांधी को महात्मा की उपाधि रविंद्र नाथ टैगोर ने तथा राष्ट्रपिता की उपाधि सुभाष चंद्र बोस ने दी थी
महात्मा गांधी के राजनीतिक गुरु गोपाल कृष्ण गोखले थे
महात्मा गांधी ने कांग्रेस की एकमात्र अधिवेशन बेलगाम(1924) (कर्नाटक) की अध्यक्षता की।
1930 के दांडी यात्रा और भारत छोड़ो आंदोलन 1942 से विशेष ख्याति मिली।
महात्मा गांधी दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया
मोहनदास करमचंद गांधी की हत्या 30 जनवरी 1948 की शाम को नई दिल्ली स्थित बिड़ला भवन में गोली मारकर की गयी थी। वे रोज शाम को प्रार्थना किया करते थे। 30 जनवरी 1948 की शाम को जब वे संध्याकालीन प्रार्थना के लिए जा रहे थे तभी नाथूराम गोडसे ने पहले उनके पैर छुए और फिर सामने से उन पर बैरेटा पिस्तौल से तीन गोलियाँ दाग दीं।
महात्मा गांधी द्वारा संपादित पुस्तक तथा पत्रिकाएं👉
इंडिया ऑफ माय ड्रीम्स
इंडियन ओपिनियन
नवजीवन
यंग इंडिया
हरिजन
हरिजन बंधु
हरिजन सेवक
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