हिंदी दिवस
1947 के दिन जब देश गुलामी की जंजीरों से आजाद हुआ था, तब इस देश में कई भाषाएं और सैकड़ों बोलियां बोलीं जाती थीं। इनमें हिंदी सबसे प्रमुख और ज्यादा बोली जाने वाली भाषा थी।
आज के दौर में विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है और अपने आप में एक समर्थ भाषा है। इंटरनेट सर्च से लेकर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हिंदी का दबदबा बढ़ा है। 2011 की जनगणना के अनुसार, लगभग 25.79 करोड़ भारतीय अपनी मातृभाषा के रूप में हिंदी का उपयोग करते हैं, जबकि लगभग 42.20 करोड़ लोग इसकी 50 से अधिक बोलियों में से एक का उपयोग करते हैं। हिंदी की प्रमुख बोलियों में अवधी, भोजपुरी, ब्रजभाषा, छत्तीसगढ़ी, गढ़वाली, हरियाणवी, कुमाउनी, मगधी और मारवाड़ी भाषाएं शामिल हैं।
आज हिंदी दिवस है। यह हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। वर्तमान समय में हिंदी सबसे अधिक बोली जाने वाली दुनिया की तीसरी भाषा है। इसे पहली बार 14 सितंबर, 1953 को मनाया गया था।
हिंदी राष्ट्रभाषा नहीं है यह राजभाषा है
भारतीय संविधान के भाग 17 के अध्याय की धारा 343 (1) में इस प्रकार वर्णित है- संघ की राज भाषा हिन्दी और लिपि देवनागरी होगी।
आठवींअनुसूची में भाषा के बारे में बताया गया है
हिन्दी हमारी अपनी भाषा है लेकिन हम अंग्रेजी में बोलते हुए खुद को गौरांवित महसूस करते हैं। हिन्दी भाषा के शब्द ही नहीं, बल्कि इसके भाव भी दिल को छूते हैं। इसलिए मैं आप सबसे आग्रह करती है कि बोलचाल और लिखते वक्त हिंदी का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा करें। हमारा मतलब यह नहीं है कि आप और भाषाओं जैसे इंग्लिश या दूसरी भाषाओं से खुद से दूर कर लें। हम केवल एक भाषा के माध्यम से राष्ट्र को एकजुट करने की अपील करते हैं।
-शिवेंद्र सिंह
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