राज्यसभा-
राज सभा के बारे में-
राज्यसभा अनुच्छेद 80 में बताया गया है राज सभा का पहला सत्र 13 मई 1952 को हुआ था इसमें अधिकतम 250 सदस्य होते हैं जिसमें से 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत तथा निर्वाचित होते हैं
राज सभा में वर्तमान में 245 सीट है इसमें से 12 मनोनीत को हटाने के बाद 233 बचते हैं। 233 में से 4 केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली और पुडुचेरी से आते हैं । 3 दिल्ली से 1 पुडुचेरी से।
जो 12 सदस्य मनोनीत होते हैं वह साहित्य, विज्ञान, कला ,समाज सेवा या विशेष अनुभव के आधार पर मनोनीत होते हैं।
योग्यता-वह भारत का नागरिक हूं
उसकी उम्र 30 वर्ष हो
पागल और दिवालिया ना हो
चुनाव-राज्यसभा के सदस्य का चुनाव उस राज्य की जनसंख्या के आधार पर किया जाता है जिस राज की जनसंख्या जितनी ज्यादा होगी उसका राज सभा मे प्रतिनिधि उतना ही ज्यादा होगा। राज्यसभा के सदस्य का निर्वाचन अनुपातिक प्रतिनिधि पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत के अनुसार होता है। विधानसभा के साथ द्वारा किया जाता है
राज सभा का सभापति उपराष्ट्रपति होता है उपराष्ट्रपति बनने की योग्यता 35 साल होता है जबकि राज सभा का सदस्य बनने की योग्यता 30 साल होती है। अगर कोई पूछे की राज सभा का सभापति बनने की योग्यता न्यूनतम कितने उम्र की होती है-तो आप 35 साल कहेंगे और उपसभापति बनने की योग्यता-30 होती है।
कार्यकाल-राज सभा को उच्च सदन कहते हैं तथा यह स्थाई सदन होता है क्योंकि इसे कभी भंग नहीं कर सकते हैं इनके सदस्यों का कार्यकाल 6 साल होता है जिसमें से हर 2 वर्ष में 1/3 सदस्य जिनका कार्यकाल 6 साल पूरा हो चुका हो उन्हें सेवानिवृत्त कर देते हैं।
उपसभापति अपना त्यागपत्र सभापति को देता है राज्यसभा में राज्यों का प्रतिनिधि जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 के संशोधन के अनुसार 2003 में यह व्यवस्था की गई है। कोई भी व्यक्ति राज्यसभा के सदस्य के लिए कहीं से भी चुनाव लड़ सकता है चाहे वह उस राज्य का निवासी ना हो लेकिन उसे भारत का निवासी होना चाहिए । चौथी अनुसूची में राज सभा के लिए राज वा संघ क्षेत्र मैं सीटों का प्रावधान का उल्लेख है। अनुच्छेद 249 के अनुसार राज सभा अपने उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों में 2/3 बहुमत से संकल्प पारित कर दे और कहे कि राज सूची का किसी विधि पर कानून बनाना राष्ट्र के हित में आवश्यक है तो संसद उस विषय पर कानून बना सकती है।
राज सभा कि कुछ अन्य शक्ति-
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 312 के तहत एक नई अखिल भारतीय सेवा के सृजन हेतु संस्तुति करना राज सभा का अनन्य अधिकार है जिसके अंतर्गत अखिल भारतीय न्यायिक सेवा है
2-उपराष्ट्रपति को हटाने के लिए सर्वप्रथम राज्यसभा से बिल पास होना चाहिए उसके बाद लोकसभा में जाएगा
3-साधारण विधेयक पर जितना अधिकार लोकसभा को हो उतना ही अधिकार राज सभा को है अगर कोई बिल लोकसभा से पास हो जाता है और 6 महीने के अंदर राज्यसभा से पास नहीं होता है तो वह बिल अपने आप ही समाप्त हो जाएगा
कितने प्रधानमंत्री राज सभा से बने हैं
इंदिरा गांधी, एच डी देवगौड़ा ,इंद्र कुमार गुजराल, डॉ मनमोहन सिंह।
नोट-पहले जम्मू कश्मीर से 4 राज्यसभा सदस्य चुने जाते थे लेकिन केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद अब कोई सदस्य नहीं चुने जाते हैं।
राज्यसभा में नामांकित होने वाली प्रथम अभिनेत्री नरगिस दत्त थी
राज सभा में मनोनीत होने वाली पहले खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर है।
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