14/06/21

स्वराज पार्टी


Jai Hind

पृष्ठभूमि-5 फरवरी 1922 को चोरा चोरी कांड के बाद असहयोग आंदोलन स्थगित कर दिया गया जिससे असहयोग आंदोलन का लक्ष्य स्वतंत्रता प्राप्ति अधूरा रह गया 1922 के कांग्रेस के गया अधिवेशन में सी आर दास अध्यक्ष पद थे उन्होंने कांग्रेस को चुनाव मैं भाग लेने का प्रस्ताव रखा जिसे कांग्रेस कमेटी ने अस्वीकार कर दिया जिससे चितरंजन  दास और मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस पद से इस्तीफा दे दिया और मार्च 1923 में स्वराज पार्टी की स्थापना की

उद्देश्य-केंद्रीय सभा में जीतकर तथा राज विधानसभा में जीत कर स्वराज के लक्ष्य को प्राप्त करना यह आगे चलकर केंद्रीय सभा में 42 सीट जीता इसमें कुल संख्या 101 थी बंगाल में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी यूपी में भी अच्छा प्रदर्शन किया 1925 में विट्ठल भाई पटेल  को केंद्रीय सभा का अध्यक्ष बनाया गया यह बहुत बड़ी उपलब्धि थी इस तरह वह पार्टी स्वराज के लिए आगे बढ़ी

स्वराज पार्टी के पतन का कारण-स्वराज पार्टी कुछ समय बाद अपने मूल्य लक्ष्य से हट गई तथा चितरंजन दास का देहांत 1925 में हो गया और उसके बाद साइमन कमीशन आ गया जिससे सभी का ध्यान साइमन कमीशन पर चला गया


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