संज्ञा-संज्ञा दो सब से मिलकर बना है सम्+ ज्ञा जिसका शाब्दिक अर्थ है सम्यक ज्ञान
१-समानता संज्ञा के पांच भेद होते हैं
२-अर्थ के आधार पर संज्ञा के पांच भेद होते हैं
3-संज्ञा के मुक्ता तीन भेद होते हैं- व्यक्तिवाचक जातिवाचक भाववाचक
4-धर्म के आधार पर संज्ञा की एक भेद होते हैं भाववाचक
5-वस्तुदृष्ट ्के आधार पर संज्ञा के चार भेद होते हैं
व्यक्तिवाचक संज्ञा-किसी व्यक्ति विशेष वस्तु व विशेष स्थान के नाम को व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं
1-नदियों, पर्वतों , देशों ,दिशाओं ,पुस्तकों और समाचारों ,समुद्रों, दिनों और महीनों, त्योहार और उत्सव के नाम को व्यक्तिवाचक संज्ञा कहते हैं-जैसे सोमवार ,मंगलवार, प्रशात महासागर, दैनिक जागरण आदि
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