24/01/20

उत्तर प्रदेश का इतिहास

💟👉उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं, आइए आज आपको उत्तर प्रदेश के इतिहास से परिचय कराएं.. 📚📚📚❣️🇮🇳


💟👉#उत्तर_प्रदेश 


स्थापना दिवस: 24 जनवरी 1950

राजधानी : लखनऊ

राज्यपाल : आनंदीबेन पटेल

मुख्यमंत्री : महंत योगी आदित्यनाथ जी

लोकसभा सीटें : 80

न्यायपालिका : इलाहाबाद उच्च न्यायालय

जिलों की संख्या : 75

भाषा : हिंदी

राजकीय भाषा : हिंदी, उर्दू

क्षेत्रफल : 2,40,928 वर्ग किलोमीटर

जनसंख्या : 19,95,81,477

स्त्री : 9,49,85,062

पुरुष : 10,45,96,415

साक्षरता दर : 72 प्रतिशत

राजकीय पक्षी : सारस

राजकीय पशु : बारहसिंगा

राजकीय फूल : पलास

राजकीय पेड़ : अशोक

अन्तर्राष्ट्रीय सीमाएं : नेपाल.

राष्ट्रीय सीमाएं : उत्तराखंड, हिमाचल

प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश,

छत्तीसगढ़, बिहार, झारखण्ड.

अर्थव्यवस्था एवं कृषि:

*उत्तर प्रदेश में लगभग 66 प्रतिशत जनसंख्या का मुख्य व्यवसाय कृषि है।

*राज्य में लगभग 167.50 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि

होती है।

* 1999 से 2008 के बीच अर्थव्यवस्था में केवल

4.4 प्रतिशत की ही वृद्वि हुई है।

* गन्ना राज्य की प्रमुख नगदी फसल है।

* उत्तर प्रदेश आलू, तिलहन का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है।

* राज्य में वस्त्रोद्योग और चीनी उद्योग दो

महत्वपूर्ण उद्योग हैं। इसके अलावा राज्य में चमड़े का काम

सर्वाधिक मात्रा में होता है। आगरा व कानपुर चमड़े के कारखानों के मुख्य केन्द्र हैं।

 उत्तर प्रदेश भारत का पांचवां सबसे बड़ा राज्य है।

भारत में महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश दूसरी सबसे

बड़ी अर्थव्यवस्था है।

* उत्तरप्रदेश का जनसंख्या में भारत में पहला स्थान है।

* उत्तर प्रदेश का भारत के राज्यों में साक्षरता दर में 22 वां स्थान है।

* कानपुर, नोएडा, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, मिर्जापुर तथा

भदोही राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हैं।

जीएसडीपी: 147 बिलियन

अमेरिकी डॉलर (2013-14 अनु.).

 प्रमुख फसलें : गन्ना, गेंहू, चावल, कपास, चना, मटर, तम्बाकू,तेल के बीज

 प्रमुख नदियां : गंगा, यमुना, गंडक, गोमती, सरयू,

रामगंगा, घाघरा

 प्रमुख खनिज : लाइमस्टोन, डेलोमाइट

प्रशासन

उत्तर प्रदेश में द्विसदनात्मक विधान मण्डल है। विधानसभा में 403+01 (आंग्ल भारतीय) कुल 404 सदस्य हैं।

* राज्य में लोकसभा की 80 तथा राज्य सभा की 31 सीटें हैं।

राज्य में समाजवादी पार्टी,

भारतीय जनता पार्टी, बहुजन समाज

पार्टी,भारतीय कम्युनिस्ट

पार्टी,भारतीय राष्ट्रीय

कांग्रेस,राष्ट्रीय लोकदल, जनता दल (यूनाइटेड), पीस पार्टी , अपना

दल,    आदि प्रमुख

राजनीतिक दल हैं।


#लोक_संस्कृति


उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक दृष्टिकोण से काफी समृद्ध

राज्य है।

* भारत की प्राचीन सिन्धु घाटी

सभ्यता से लेकर ब्रिटिश काल तक की सभ्यता इस

प्रदेश में देखने को मिलती

है।

* साहित्य के क्षेत्र में प्रदेश में संस्कृत,

हिंदी,पाली व उर्दू साहित्य का बहुत विकास

हुआ।

* कबीर, सूरदास, तुलसीदास, प्रेमचंद,भारतेन्दु हरिशचन्द्र, महादेवी वर्मा,मैथलीशरण

गुप्त, जयशंकर प्रसाद, निराला और हरिवंश राय बच्चन ने साहित्य में अमूल्य योगदान दिया।

* कला की दृष्टि से प्रदेश में कंदरा शैली,बृज या मथुरा शैली,

बुंदेली शैली, मुगल शैली तथा

आधुनिक मिश्रित

शैलियां प्रचलित हैं।

* कत्थक शैली का नृत्य यहाँ सर्वाधिक लोकप्रिय है।

यहां भारतीय संगीत में फारसी

तर्जों का समावेश अधिक मात्रा में हुआ है।

प्रसिद्ध सूफी कवि,संगीताचार्य और

प्रशासक अमीर खुसरो ने सितार और तबले का

आविष्कार किया।

* कुमायूँ, नौटंकी,रासलीला,

झूला, छपेली,दीवाली,

कजरी और करीना उत्तर प्रदेश के

विभिन्न प्रसिद्ध लोकनृत्य हैं।

° यहाँ हस्तशिल्प में चिकन का काम, ज़री का काम,

लकड़ी के खिलौने व फर्नीचर,

मिट्टी के खिलौने, कालीन आदि विशेषत:

प्रसिद्ध हैं।

√ हिन्दी  व उर्दू प्रदेश  की मुख्य भाषा हैं परन्तु

इसके अलावा यहाँ बृज, बुंदेली,

अवधी,भोजपुरी, खड़ी बोली व पंचाली आदि कई बोलियाँ बोली जाती हैं।


#परिवहन


राज्य में सड़कों की कुल लम्बाई 131969

किमी. है। राष्ट्रीय राजमार्ग

की कुल लम्बाई 3794 किमी. है।

रेलवे लाइन की कुल लम्बाई 8,900 किमी.

है।

प्रदेश उत्तरी रेलवे क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

रेलवे के उत्तरी क्षेत्र का मुख्य जंक्शन लखनऊ

है। अन्य महत्वपूर्ण जंक्शन हैं- आगरा, कानपुर,

इलाहाबाद,मुगलसराय, झांसी, वाराणसी,मुरादाबाद, 

टूंडला, गोरखपुर, गोंडा, फैजाबाद, बरेली और

सीतापुर।

प्रदेश में लखनऊ, कानपुर, इलाहाबाद, आगरा,

झांसी, वाराणसी, गोरखपुर,बरेली,

हिंडन, सहारनपुर और रायबरेली में हवाई अड्डे हैं।


#शिक्षा


शिक्षा के क्षेत्र में राज्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पिछले

कुछ सालों से राज्य ने शिक्षा के सभी स्तरों पर निवेश

किया है तथा सफलता भी अर्जित की है।

एक प्राइमरी विद्यालय 1.5 किमी. तथा

उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 3 किमी. की

दूरी पर प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्र में स्थित

हैं। यहां पर बहुत से पॉलीटेकनिक तथा

इंजीनियरिंग कॉलेज भी हैं।

दुनिया भर में अपनी शिक्षा की गुणवत्ता

तथा संबंधित क्षेत्र में शोध के लिए प्रसिद्घ

आई.आई.टी. कानपुर तथा आई. आई.एम. लखनऊ

इसी राज्य में हैं।


 #प्रमुख_शिक्षण_संस्थान


प्रदेश के कुछ प्रमुख शिक्षण संस्थान निम्नलिखित हैं-

इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद;

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय,वाराणसी;

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय,अलीगढ़;

बाबा साहेब बी0आर0अम्बेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ; 

मौलाना मुहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय, रामपुर;

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर;

चन्द्रशेखर आज़ाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी

विश्वविद्यालय, कानपुर;

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय,

झांसी;

पूर्वांचल विश्वविद्यालय,

गोरखपुर; इण्डियन इंस्टीट्यूट ऑफ

टेक्नोलॉजी, कानपुर;

सम्पूर्णानन्द संस्कृति विश्वविद्यालय, वाराणसी;

गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कालेज, कानपुर;

संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट

ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ। विश्व प्रसिद्ध 

दारुल उलूम देवबंद शिक्षण संस्थान, सहारनपुर 

रज़ा पुस्तकालय, रामपुर विश्व में अपने साहित्य व इतिहास के लिऐ प्रसिद्ध है।


#पर्यटन


उत्तर प्रदेश में धार्मिक महत्व के कई दर्शनीय

स्थल हैं। वाराणसी, इलाहाबाद, अयोध्या, मथुरा,चित्रकूट,

नैमिषारण्य, श्रावस्ती,

कुशीनगर,कौशांबी आदि प्रसिद्ध

तीर्थ स्थान हैं।

आगरा में ताज महल विश्व के सात आश्चर्यों में एक है, जिसे

देखने के लिए घरेलू और विदेशी पर्यटकों

की भीड़ रहती है।

सारनाथ,लखनऊ, झांसी, फतेहपुर

सीकरी, देवगढ़,

भीतरगांव,बिठूर, कन्नौज, महोबा, गोरखपुर आदि में हिंदू

व मुस्लिम वास्तुशिल्प और संस्कृति की महत्वपूर्ण

धरोहरें हैं।


#राष्ट्रीय_उद्यान


लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा

नेशनल पार्क उत्तर प्रदेश का एक मात्र राष्ट्रीय

उद्यान है। यह 490 वर्ग किमी. में फैला हुआ है।


#प्रमुख_पर्व_और_मेले


उत्तर प्रदेश में ढेरों पर्व और मेले आयोजित होते हैं।

शिवरात्रि,मकर संक्रांति, रामनवमी,

जन्माष्टमी,नवरात्रि, दशहरा,

होली,दीपावली, कार्तिक

पूर्णिमा, रक्षा-बन्धन,

बसन्त पंचमी, नागपंचमी, शब-ए-

रात,बारावफात, बकरीद, मुहर्रम, ईद-उल-फितर,

क्रिसमस,ईस्टर आदि कई धर्मों के त्यौहार यहाँ मनाए जाते हैं।


वहीं राज्य में लगभग 2250 मेलों का आयोजन होता

है। ये मेले सर्वाधिक संख्या में कानपुर, मथुरा, आगरा,

झांसी और फतेहपुर में लगते हैं। इलाहाबाद में 12 व

6 वर्ष के अन्तराल पर क्रमश: कुंभ व अर्ध्द कुंभ के मेले लगते है|


● उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा (जनसंख्या के आधार पर) राज्य है। लखनऊ प्रदेश की प्रशासनिक व विधायिक राजधानी है।

● उत्तर प्रदेश मे कुल जिलो की संख्या 75 तथा मंडल 18 है।

● उत्तर प्रदेश का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 2,40,928 वर्ग किमी है, जोकि भारत के कुल क्षेत्रफल (32,87,263 वर्ग किमी) के लगभग 7.33% के बराबर है।

● उत्तर प्रदेश का अक्षांशीय विस्तार 30°52' से 30°24' उत्तरी अक्षांश के मध्य है।

● उत्तर प्रदेश का देशान्तरीय विस्तार 77°5' पूर्व से 84°38' पूर्वी देशान्तर के मध्य है।

● उत्तर प्रदेश की सीमाएँ केन्द्र शासित प्रदेश दिल्ली सहित कुल 9 राज्यों से लगी हुई हैं।

● उत्तर प्रदेश की सीमा को स्पर्श करने वाले राज्य निम्न हैं - हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, बिहार एवं उत्तराखण्ड।

● उत्तर प्रदेश की सीमा को स्पर्श करने वाले एकमात्र केन्द्र शासित प्रदेश दिल्ली है। इसकी सीमाएँ प्रदेश के गाजियाबाद एवं  नोयडा नगर से लगी हुई हैं।

● उत्तर प्रदेश की सबसे लम्बी सीमा मध्य प्रदेश से और न्यूनतम सीमा रेखा हिमाचल प्रदेश से स्पर्श करती है।

● सर्वाधिक प्रदेशों को स्पर्श करने वाला उत्तर प्रदेश का एकमात्र जिला सोनभद्र है। यह मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ झारखण्ड एवं बिहार को स्पर्श करता है।

● सबसे कम जिलों को स्पर्श करने वाला जिला ललितपुर है।

● उत्‍तर प्रदेश में स्थित इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय एशिया का सबसे बड़ा उच्‍च न्‍यायालय है।

● उत्‍तर प्रदेश से सर्वाधिक लोक सभा व राज्य सभा के सदस्‍य चुने जाते हैं।

● उत्तर प्रदेश को वर्तमान में मुख्यत: तीन प्राकृतिक प्रदेशों में विभाजित किया गया है– (i) भाबर एवं तराई का प्रदेश, (ii) गंगा-यमुना का मैदान एवं (iii) दक्षिण का पठारी प्रदेश।

● उत्तर प्रदेश में मुख्यत: तीन ऋतुएं-(i) शीत ऋतु, (ii) ग्रीष्म ऋतु और (iii) वर्षा ऋतु होती हैं।

● उत्तर प्रदेश में शीत ऋतु अक्टूबर से फरवरी और ग्रीष्म ऋतु मार्च से मध्य जून तक रहती है।

● उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक वर्षा जुलाई एवं अगस्त महीनों में होती है।

● उत्तर प्रदेश की अधिकांश मानसूनी वर्षा बंगाल की खाड़ी की मानसून शाखा से प्राप्त होती है इससे प्रदेश की कुल वर्षा का लगभग 75%-80% भाग प्राप्त होता है।

● उत्तर प्रदेश के मैदानी क्षेत्र में सर्वाधिक वर्षा गोरखपुर (औसम 184.7 सेमी) में तथा सबसे कम वर्षा मथुरा (औसम 54.4 सेमी) में होती है।

● राज्य की अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार कृषि है। जिसमें चावल, गेहूँ, ज्वार, बाजरा, जौ और गन्ना राज्य की मुख्य फ़सलें हैं।

● उत्तर प्रदेश में दोमट एवं बलुई मिट्टी को क्षेत्रीय भाषा में सिक्टा, करियाल एवं धनका भी कहते हैं।

● उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ, गोमती नदी के किनारे ही स्थित है।

● उत्तर प्रदेश में खनिज मुख्यत: दक्षिण के पठारी क्षेत्रों में पाए जाते हैं।

● उत्तर प्रदेश में चूना पत्थर का उत्पादन मिर्जापुर जिले के गुरूमा-कनाच-बापुहारी एवं सोनभद्र जिले के कजरहट में किया जाता है।

● उत्तर प्रदेश का फिरोज़ाबाद नगर चूड़ियाँ बनाने हेतु विश्वविख्यात है।

● उत्तर प्रदेश में एल्यूमीनियम उद्योग का प्रमुख केन्द्र रेनूकूट (सोनभद्र) है।

● उत्तर प्रदेश का मैनचेस्टर कानपुर को कहा जाता है।

● रेशम वस्त्र उद्योग प्रदेश के वाराणसी, इटावा, मोदीनगर, मिर्जापुर, प्रतापगढ़ एवं शाहजहाँपुर ज़िलों में स्थित है।

● उत्तर प्रदेश में चमड़ा उद्योग का प्रमुख केन्द्र कानपुर है।

● उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक सिटी की स्थापना नोएडा में की गई है।

● उत्तर प्रदेश राज्य का पहला 'निर्यात संवर्द्धन औद्योगिक पार्क' ग्रेटर नोएडा में स्थापित किया गया है।

● उत्तर प्रदेश के प्रथम फिल्म सेंटर का शिलान्यास ओखला औद्योगिक क्षेत्र में किया गया है।

● उत्तर प्रदेश के लघु उद्यो​ग विकास निगम' द्वारा हापुड़, बाराबंकी, वाराणसी तथा सहारनपुर में 'एग्रोपार्क' विकसित किए गए हैं।

● उत्तर प्रदेश वित्तीय ​निगम की स्थापना 1 नवम्बर, 1954 को कानपुर में की गई है।

● उत्तर प्रदेश में एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान दुधवा (टाइगर रिजर्व) है।

● उत्तर प्रदेश वन निगम की स्थापना 25 नवम्बर, 1974 को की गई थी।

● उत्तर प्रदेश से होकर गुजरने वाला सबसे लम्बा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 2 है, जो दिल्ली से कोलकाता तक जाता है।

● यमुना एक्सप्रेस-वे (पूर्व नाम 'ताज एक्सप्रेस-वे) उत्तर प्रदेश के नोयडा, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस एवं आगरा जिलों से होकर गुजरता है।

● उत्तर प्रदेश में रेलमार्गों की कुल लम्बाई 8,763 किमी (31 मार्च, 2011) है। यह भारत में सबसे अधिक है। वर्ष 2003 में इलाहाबाद को उत्तर-मध्य क्षेत्र का मुख्यालय बनाया गया है|

सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज

 सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को कटक उड़ीसा में हुआ इनके पिता का नाम जानकी बोस तथा माता का नाम प्रभावती था इनके पिता एक वकील थे इनके पिता विधानसभा के सदस्य भी रहे अंग्रेजों ने इनकी पिता को रायबहादुर का खिताब दिया  1909  में इन्होंने प्रारंभिक शिक्षा पूरी कर ली तथा 1916 में b.a. में एडमिशन लिया वह b.a. दर्शनशास्त्र से कर रहे थे उनके जीवन में विवेकानंद जी का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा सुभाष चंद्र बोस ने 49 वी बंगाल रेजीमेंट में भर्ती के लिए परीक्षा दी लेकिन आंख खराब होने के कारण उन्हें आयोग घोषित कर दिया गया

पिता की इच्छा थी कि सुभाष चंद्र बोस ics बने किंतु सुभाष चंद्र बोस ने पिता की इच्छा को देखते हुए 24 घंटा सोचने का समय मांगा ताकि वो परीक्षा दे या न दे आखिर वह इंग्लैंड जाकर परीक्षा दी और पास हो गए लेकिन वह देश की सेवा में अपना जीवन अर्पण करना चाहते थे इसीलिए नौकरी को छोड़ दी

वह कुछ समय के लिए कांग्रेेस के अध्यक्ष भी रहे उनकी स्वतंत्रता संबंधित गतिविधियों को रोकने के लिए उन्हें नजरबंद कर दिया गया लेकिन 17 जनवरी 1941 को अंग्रेजों की आंख में ढूंल झोंककर वह पेशावर होते हुए रूस पहुंचे पहुंचे जर्मनी में  सुभाष चंद्र बोस को नेता की उपाधि दी गई

फ्री इंडिया सेंटर की स्थापना सुभाष चंद्र बोस ने जमीनी में की 13 जून 1943 को वह जापान पहुंचे जहां उन्होंने रास बिहारी बोस से मुलाकात की यहीं पर पहली बार जय हिंद का नारा दिया गया वहीं पर रासबिहारी बोस ने इंडिया इंडिपेंडेंस लीग की स्थापना की लेटेस्ट भारतीय सेना के अधिकारी मोहन सिंह दिमाग में पहली बार आजाद हिंद फौज की स्थापना का विचार आया। जो भारतीय सेना विश्व युद्ध में जापान के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिए थे उनको लेकर मोहन सिंह ने आजाद हिंद फौज की स्थापना 15 दिसंबर 1941 में की जिसे 7 जुलाई 1943 को सुभाष चंद्र बोस को कमान दे दी21 अक्टूबर 1943 को सुभाष चंद्र बोस ने सिंगापुर में  स्वतन्त्र भारतीय आस्थाई सरकार का गठन किया सुबास चंद्र बोस मैं तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा का नारा दिया अंडमान निकोबार दीप का नाम बोलकर शहीद और स्वराज दीप रखा 6 जुलाई 1944 का वीडियो प्रसारण गांधी जी को राष्ट्रपिता कहा 

सुभाष चंद्र बोस को देश नायक की उपाधि गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर ने दिया जबकि देशभक्तों का देशभक्त महात्मा गांधी ने कहा और नेता हिटलर ने कहा सुभाष चंद्र बोस 1938 हरिपुरा (गुजरात) तथा 1939 में त्रिपुरी (मध्य प्रदेश) में कांग्रेस के अध्यक्ष बने 1939 में फारवर्ड ब्लाक की स्थापना की और उन्होंने 1943 में आजाद हिंद फौज की कमान संभाली इन्होंने जय हिंद और तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा का नारा दिया। आजाद हिंद फौज दिवस 12 नवंबर 1945 को मनाया जाता है आजाद हिंद फौज की पहली डिवीजन का औपचारिक गठन सितंबर 1942 को हुआ

कैप्टन मोहन सिंह इसके प्रथम सेनापति बने। सुभाष चंद्र बोस के राजनीतिक गुरु चितरंजन दास थे आजाद हिंद फौज के सैनिकों और अधिकारियों को गिरफ्तार कर ब्रिटिश सरकार ने नवंबर 1945 में दिल्ली के लाल किले में उन पर मुकदमा चलाया इसमें तीन अभियुक्त प्रेम सहगल गुरु बख्श सिंह और शाहनवाज को फांसी की सजा तथा राशिद अली  को 7 साल की सजा हुई इसके बचाव के लिए कांग्रेस ने आजाद हिंद फौज बचाओ समिति का गठन किया जिसमें भूलाभाई देसाई के नेतृत्व में तेज बहादुर सप्रू कैलाश नाथ काटूज आसफ अली और जवाहरलाल नेहरू प्रमुख वकील  थे भारी विरोध होने के कारण वायसराय लॉर्ड वेवल विवश होकर अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए मृत्युदंड की सजा को माफ कर दिया। सुभाष चंद्र बोस ने 4 ब्रिगेड का निर्माण किया था जो इस प्रकार हैं- सुभाष ब्रिगेड, नेहरू ब्रिगेड, गांधी ब्रिगेड तथा रानी लक्ष्मीबाई ब्रिगेड। लक्ष्मी सहगल ,रानी लक्ष्मीबाई ब्रिगेड की कमांडर थी। 

सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज संबंधित टेस्ट देने के लिए क्लिक कीजिए

03/01/20

पुल्लिंग कैसे पहचानते हैं

पुल्लिंग की पहचान

(1) कुछ संज्ञाएँ हमेशा पुल्लिंग रहती है-

खटमल, भेड़या, खरगोश, चीता, मच्छर, पक्षी, आदि।


(2)समूहवाचक संज्ञा- मण्डल, समाज, दल, समूह, वर्ग आदि।


(3) भारी और बेडौल वस्तुअों- जूता, रस्सा, लोटा ,पहाड़ आदि।


(4) दिनों के नाम- सोमवार, मंगलवार, बुधवार, वीरवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार आदि।


(5) महीनो के नाम- फरवरी, मार्च, चैत, वैशाख आदि। (अपवाद- जनवरी, मई, जुलाई-स्त्रीलिंग)


(6) पर्वतों के नाम- हिमालय, विन्द्याचल, सतपुड़ा, आल्प्स, यूराल, कंचनजंगा, एवरेस्ट, फूजीयामा आदि।


(7) देशों के नाम- भारत, चीन, इरान, अमेरिका आदि।


(8) नक्षत्रों, व ग्रहों के नाम- सूर्य, चन्द्र, राहू, शनि, आकाश, बृहस्पति, बुध आदि।

(अपवाद- पृथ्वी-स्त्रीलिंग)


(9) धातुओं- सोना, तांबा, पीतल, लोहा, आदि।


(10) वृक्षों, फलो के नाम- अमरुद, केला, शीशम, पीपल, देवदार, चिनार, बरगद, अशोक, पलाश, आम आदि।


(11) अनाजों के नाम- गेहूँ, बाजरा, चना, जौ आदि। (अपवाद- मक्की, ज्वार, अरहर, मूँग-स्त्रीलिंग)


(12) रत्नों के नाम- नीलम, पुखराज, मूँगा, माणिक्य, पन्ना, मोती, हीरा आदि।


(13) फूलों के नाम- गेंदा, मोतिया, कमल, गुलाब आदि।


(14) देशों और नगरों के नाम- दिल्ली, लन्दन, चीन, रूस, भारत आदि।


(15) द्रव पदार्थो के नाम- शरबत, दही, दूध, पानी, तेल, कोयला, पेट्रोल, घी आदि।

(अपवाद- चाय, कॉफी, लस्सी, चटनी- स्त्रीलिंग)


(16) समय- घंटा, पल, क्षण, मिनट, सेकेंड आदि।


(17) द्वीप- अंडमान-निकोबार, जावा, क्यूबा, न्यू फाउंडलैंड आदि।


(18) सागर- हिंद महासागर, प्रशांत महासागर, अरब सागर आदि।


(19) वर्णमाला के अक्षर- क्, ख्, ग्, घ्, त्, थ्, अ, आ, उ, ऊ आदि। (अपवाद- इ, ई, ऋ- स्त्रीलिंग)


(20) शरीर के अंग- हाथ, पैर, गला, अँगूठा, कान, सिर, मस्तक, मुँह, घुटना, ह्रदय, दाँत आदि।

(अपवाद- जीभ, आँख, नाक, उँगलियाँ-स्त्रीलिंग)


(21) आकारान्त संज्ञायें- गुस्सा, चश्मा, पैसा, छाता आदि।


(22) 'दान, खाना, वाला' आदि से अंत होने वाले अधिकतर शब्द पुल्लिंग होते हैं; जैसे- खानदान, पीकदान, दवाखाना, जेलखाना, दूधवाला आदि।


(23) अ, आ, आव, पा, पन, क, त्व, आवा तथा औड़ा से अंत होने वाली संज्ञाएँ पुल्लिंग होती हैं :


अ- खेल, रेल, बाग, हार, यंत्र आदि।


आ- लोटा, मोटा, गोटा, घोड़ा, हीरा आदि।


आव- पुलाव, दुराव, बहाव, फैलाव, झुकाव आदि।


पा- बुढ़ापा, मोटापा, पुजापा आदि।


पन- लड़कपन, अपनापन, बचपन, सीधापन आदि।


क- लेखक, गायक, बालक, नायक आदि।


त्व- ममत्व, पुरुषत्व, स्त्रीत्व, मनुष्यत्व आदि।


आवा- भुलावा, छलावा, दिखावा, चढ़ावा आदि।


औड़ा- पकौड़ा, हथौड़ा आदि।


(24) मच्छर, गैंडा, कौआ, भालू, तोता, गीदड़, जिराफ, खरगोश, जेबरा आदि सदैव पुल्लिंग होते हैं।


(25) कुछ प्राणिवाचक शब्द, जो सदैव पुरुष जाति का बोध कराते हैं; जैसे- बालक, गीदड़, कौआ, कवि, साधु आदि।


स्त्रीलिंग की पहचान

(1) स्त्रीलिंग शब्दों के अंतर्गत नक्षत्र, नदी, बोली, भाषा, तिथि, भोजन आदि के नाम आते हैं; जैसे-


(i) कुछ संज्ञाएँ हमेशा स्त्रीलिंग रहती है- मक्खी ,कोयल, मछली, तितली, मैना आदि।


(ii) समूहवाचक संज्ञायें- भीड़, कमेटी, सेना, सभा, कक्षा आदि।


(iii) प्राणिवाचक संज्ञा- धाय, सन्तान, सौतन आदि।


(iv) छोटी और सुन्दर वस्तुअों के नाम- जूती, रस्सी, लुटिया, पहाड़ी आदि।


(v) नक्षत्र- अश्विनी, रेवती, मृगशिरा, चित्रा, भरणी, रोहिणी आदि।


(vi) बोली- मेवाती, ब्रज, खड़ी बोली, बुंदेली आदि।


(vii) नदियों के नाम- रावी, कावेरी, कृष्णा, यमुना, सतलुज, रावी, व्यास, गोदावरी, झेलम, गंगा आदि।


(viii) भाषाओं व लिपियों के नाम- देवनागरी, अंग्रेजी, हिंदी, फ्रांसीसी, अरबी, फारसी, जर्मन, बंगाली आदि।


(ix) पुस्तकों के नाम- कुरान, रामायण, गीता आदि।


(x) तिथियों के नाम- पूर्णिमा, अमावस्था, एकादशी, चतुर्थी, प्रथमा आदि।


(xi) आहारों के नाम- सब्जी, दाल, कचौरी, पूरी, रोटी आदि।

अपवाद- हलुआ, अचार, रायता आदि।


(xii) ईकारान्त वाले शब्द- नानी, बेटी, मामी, भाभी आदि।


नोट- हिन्दी भाषा में वाक्य रचना में क्रिया का रूप लिंग पर ही निर्भर करता है। यदि कर्ता पुल्लिंग है तो क्रिया रूप भी पुल्लिंग होता है तथा यदि कर्ता स्त्रीलिंग है तो क्रिया का रूप भी स्त्रीलिंग होता है।