03/11/18

रस का स्थाई भाव

रस तथा उसके स्थाई भाव

शृंगार- रस रति
हास्य -रस हास
करुण रस- शोक
रौद्र रस- क्रोधः
वीर रस -उत्साह
भयानक रस -भय
वीभत्स रस -जुगुप्सा
अद्भुत रस -विस्मय
शांत रस- निर्वेद

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