15/05/18

परमाणु परीक्षण पोखरण



11 मई 1998 में पोखरण सफलता पूर्व परीक्षण किया गया उस समय अटल बिहारी वाजपेई प्रधानमंत्री थे उससे पहले पोखरण 1974 में सफलता पूर्ण परीक्षण किया गया था उस समय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थी पोखरण राजस्थान राज्य में है भारतीय वैज्ञानिक सेना की वर्दी पहने हुए राजस्थान की 45 डिग्री सेल्सियस गर्मी को शांत करते हुए बंकर में बैठे हुए पोखरण पोखरण की तैयारी में लगे हुए थे डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम उस समय वही थे अमेरिका के खुफिया एजेंसी से बचकर भारतीय वैज्ञानिक को परीक्षण करना था अमेरिकी सैटेलाइट तथा सीआईए भारत पर नजर बनाए हुए थे 11 मई 1998 को पहला परीक्षण किया गया तथा 13 मई 1998 को पोखरण 2 का जैसे परीक्षण किया गया भारतीय वैज्ञानिकों की चेहरे पर खुशी आ गई 1974 में हुए पोखरण 1 को मुस्कुराते बुद्धा का नाम दिया गया भारत में केवल 5 लोगों के इसके बारे में पता था 11 मई को टेक्नोलॉजी दिवस के रुप में मनाया जाता है कई देशों ने भारत द्वारा किए गए परमाणु परीक्षण का विरोध किया 1945 में डॉक्टर होमी जहांगीर भाभा ने इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च की स्थापना की 1964 में चीन ने हमारे परीक्षण करके भारत की जनता को बढ़ा दिया क्योंकि इससे पहले 1962 में भारत चीन का युद्ध हो चुका था तथा 1965 में भारत पाकिस्तान का युद्ध हुआ था भारत के खुफिया एजेंसी के द्वारा पता चला था चीन पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण में सहयोग कर रहा है 5 महाशक्तियों के बाद भारत परमाणु युक्त देश बन गया था 8 वैज्ञानिक तथा 58 वी के सेना इंजीनियर ने इस परीक्षण में भाग लिया तथा पोखरण 2 के अभियान को शक्ति नाम दिया गया उस समय के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई ने इस परीक्षण को आत्मरक्षा के लिए कहा प्रधानमंत्री ने कहा हम पहले परमाणु बम किसी देश पर नहीं गिराएंगे उन देशों पर भी नहीं गिराएंगे जिनके पास परमाणु बम नहीं  है प्रधानमंत्री को इस बात की चिंता थी वह हो गया और 28 मई और 30 मई को पाकिस्तान ने परमाणु परीक्षण कर लिया

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

अगर आप किसी भी प्रकार के सुझाव दे सकते हैं और किसी भी प्रकार कि जानकारी के लिए आप हमारे व्हाट्सएप नंबर पर 8354099127 ,8795713286 पर मैसेज कर सकते है