निपाह वायरस क्या है
यह एक प्रकार का हैडा वायरस है यह एक प्रकार का RNA इसे यह NIV नाम से भी जानते हैं यह चमगादड़ तथा अन्य जानवरों से फैलता है
निपाह वायरस का इतिहास
1998 में नेपाल वायरस मलेशिया के कामपुग सुगई निपाह नामक स्थान से पता चला इसी के नाम पर इसका नाम रखा गया
इस वायरस का सवपथम पता सूअर के द्वारा चला 2001 में इसका पता बांग्लादेश में भी चला तथा बांग्लादेश से सटे होने का कारण बंगाल में भी इसका प्रभाव देखा गया है तथा बंगाल में 50 लोगों की मौत हो गई डब्ल्यूएचओ के अनुसार इसे 10 घातक बीमारी में रखा गया है बांग्लादेश में 300 लोगों में से 100 लोगों की मौत वायरस से हो गई थी
वायरस फैलता कैसे है-
चमगादड दारा तथा सूअर से तथा कई जानवरों से से फैलता है यह खजूर खाने से भी फैलता है यह जानवरों से जानवरों में तथा इंसान में इंसान के द्वारा भी फैलता है इसके वायरस मल मूत्र वीर्य लार से भी फैलते हैं हवा से हवा के दारा नहीं फैलता है
इस वायरस से प्रभावित अंग-
इस वायरस से सर्वाधिक प्रभावित होता है
इस वायरस के लक्षण-
१-सांस लेने में दिक्कत होती है
२-दिमाग में जलन होता है
३-तेज बुखार होता है
४-सिर दर्द होता है
५-सिर में सूजन होता है
६-विचलन होता है
७-मानसिक भर्म होता है
अगर निपाह वायरस हो जाए तो क्या होगा-
१-कोमा में मनुष्य जा सकता है
२- 4 से 18 दिन के अंदर इसका लक्षण दिखने लगेगा
३-अभी तक कोई वैक्सीन बनी नहीं है
४-इस बीमारी से प्रभावित 80% लोग लोगों की मौत हो जाती है
बचाव-
१-चमगादड़ तथा सूअर से दूर रहना चाहिए
२-जानवर के झूठे फल नहीं खाना चाहिए
३-जो व्यक्ति इस वायरस से प्रभावित हूं उससे दूर रहना चाहिए
४-मार्क्स पहनकर डॉक्टर के पास जाना चाहिए
उपचार-
१-आईसीयू में रखा जाता है
२-अभी तक कोई दवा नहीं बनी है




Very good sir ji
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